मध्य प्रदेश

सिविल अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमराई मरीजों को नहीं मिल पा रहा समय पर उपचार

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । जिले की सबसे बड़ी तहसील के सिविल अस्पताल में डाक्टरों की कमी कोई नई बात नहीं है । अब जबकि बीमारियां पैर पसार रही है ऐसे में अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति मरीजों को परेशान किए हुए है । सोमवार को अस्पताल में मरीजों की काफी भीड़ होने के बावजूद मात्र एक डॉक्टर उपचार करते हुए दिखें। बाकी डॉक्टर या तो ट्रेनिंग पर गए थे या अनुपस्थित थे ब्लड प्रेशर जैसे मरज से ग्रस्त मरीज डॉक्टर का इंतजार करते देखे गए। जब यह जानकारी एसडीएम अभिषेक चौरसिया को लगी तो उन्होंने फौरन एक्शन लेते हुए बीएमओ अनिल कुमार को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए।
सोमवार के दिन हाट बाजार होने से वैसे भी ग्रामीण क्षेत्र के लोग काफी संख्या में नगर में बाजार करने आते हैं जिसके कारण सिविल अस्पताल में मरीजों की भीड़ दोगुनी हो गई । डॉक्टर के चेंबर खाली डले हुए थे वही एकमात्र डॉ नितिन तोमर के चेंबर के बाहर करीब 100 मरीज लाइन लगाए हुए थे शेष डॉक्टर के चेंबर के आसपास भी काफी भीड़ थी करीब 400 मरीज इलाज के चक्कर में यहां से वहां घूमते दिखाई दे रहे थे जिन्हें डॉक्टर ही उपलब्ध नहीं हो पाए उनका उपचार कैसे होता । ग्राम महूना गुर्जर के गुलाब सिंह 3 घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे ताकि ट्रैक्टर पर से गिरने के कारण उनके हाथ में आए फैक्चर का एक्सरा हो सके लेकिन उन्हें डॉक्टर नहीं मिला । इसी प्रकार वार्ड छ: निवासी जागेश्वर बिड़ला एवं वार्ड 18 निवासी प्रभु दयाल विश्वकर्मा दोनों ही ब्लड प्रेशर के मरीज होने के कारण ज्यादा देर लाइन में नहीं लग पाए और परेशान होकर अस्पताल से बाहर निकल आए। उक्त तीनों से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि करीब ढाई घंटे से अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं लेकिन उनके चेंबर खाली डले हुए हैं जिससे उन्हें उपचार नहीं मिल पा रहा मजबूरन प्राइवेट चिकित्सक के यहां दिखाने जा रहे हैं। इसी प्रकार की बात अन्य मरीजों ने भी बताई कि मात्र एक डॉक्टर उपचार कर रहे हैं घंटों लाइन में लगने के बाद जब नंबर आता है तो अस्पताल बंद होने का समय हो जाता है।
प्रसव कराने के लिए आई महिलाओं ने भी कुछ इस तरह की बात बताई अस्पताल में प्रसव के लिए पहले तो भर्ती कर लिया जाता है बाद में रेफर कर देते हैं जिससे गरीबों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है यदि उन्हें समय पर सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं हो पाता तो उन्हें प्राइवेट वाहन से सागर या रायसेन जाना पड़ता है जिससे आर्थिक बोझ भी उन पर पड़ रहा है।
जमुनिया निवासी तुलसा बाई ने बताया कि वह अपनी बहू को लेकर आई थी नर्सों ने देखने के बाद उन्हें भर्ती कर लिया और 3 घंटे बाद कहां की इन्हें सागर ले जाओ जहां एक और सरकार मुफ्त इलाज की बात कर रही है वहीं सिविल अस्पताल मे मुझ जैसे गरीबों की इलाज के नाम पर फजीहत की जा रही है दूसरों से पैसा उधार लेकर अपनी बहू को सागर लेकर जा रहे हैं क्योंकि सरकारी वाहन किसी दूसरे मरीज को लेकर गया हुआ है उन्होंने कहां की सरकार की घोषणाएं जमीन पर खरी नहीं उतर रही हैं।
परेशान होते मरीजों की जानकारी एक पत्रकार द्वारा एसडीएम अभिषेक चौरसिया को दी गई तो उन्होंने उनके समक्ष मौजूद सीबीएमओ अनिल कुमार से जानकारी ली तो पता चला की एक डॉक्टर संदीप यादव ट्रेनिंग पर गए हुए हैं बाकी डॉक्टर अस्पताल में है उपचार क्यों नहीं कर रहे देखते हैं तब एसडीएम ने उन्हें तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
इस संबंध में सीबीएमओ ने बताया कि अस्पताल में एक डॉक्टर गंभीर मरीज को बचाने में लगे हुए थे तो दूसरे एक डिलीवरी केस मैं महिला की प्रसव पीड़ा का समाधान कर रहे थे इसलिए एक डॉक्टर उपलब्ध थे मरीजों को कुछ देर इंतजार करना पड़ा उसका हमें खेद है।

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