मध्य प्रदेश

ग्राम पंचायत का वित्तीय प्रभार के आदेश को निरस्त करने के लिए ग्रामीणों ने दिया ज्ञापन

जिला पंचायत सीईओ के आदेश को ग्रामीणों ने बताया स्थानांतरण नीति के विरुद्ध
आदेश निरस्त नहीं हुआ तो ग्रामीण जन जाएंगे हाई कोर्ट

रायसेन। जिले की ग्राम पंचायतों में सचिवों को वित्तीय प्रभार और स्थानांतरण जिला पंचायत सीईओ के आदेश पर किए जाते हैं। वहीं शिकवा शिकायत के चलते ग्राम रोजगार सहायक और सचिवों को एक पंचायत से दूसरी पंचायत में स्थानांतरण भी किया जाता है। ऐसे कई मामले जिले में देखने को मिलते हैं और कार्यवाईयां भी की जाती हैं। कहीं कहीं ग्राम पंचायत में एक सचिव के पास दो दो पंचायतों का प्रभाव भी दिया गया है। कारण है कि ग्राम पंचायत अधिक होने के चलते और सचिवों की कमी भी पंचायत को खल रही है। नई भर्ती नहीं होने के कारण ऐसी कई विषम परिस्थितियां भी बनती हैं जिसके कारण एक सचिव को दो पंचायत का प्रभाव सौंपना पड़ता है। लेकिन ऐसा एक अनोखा मामला रायसेन जिले की डुमरिया पंचायत का सामने आया है यहां पर स्थानांतरण नीति के नियमों का पालन ना करते हुए जिला पंचायत सीईओ अंजू पवन भदोरिया द्वारा पंचायत सचिव नरेंद्र परमार को ग्राम पंचायत डुमरिया का पंचायत सचिव नियुक्त कर वित्तीय प्रभाव का आदेश विगत दिनांक 19 फरवरी को जारी कर दिया गया। जिसमें आपको बतादें कि ग्राम पंचायत सचिव अपनी पैतृक ग्राम पंचायत का मूल निवासी है जिसका वोटर लिस्ट में वहां पर नाम भी दर्ज है कहीं ना कहीं मध्य प्रदेश शासन की नियमावली के विरुद्ध आदेश जारी किया गया है। जैसे ही यह आदेश जारी हुआ और ग्रामीणों को जानकारी मिली तो वहां हड़कंप मच गया और वह जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौपने आए। ज्ञापन के अनुसार बताया गया है कि पहले भी नरेंद्र परमार सचिव रहते कई अनियमितताएं और भ्रष्टाचार की शिकायत है उनके विरुद्ध की गई थी साथ ही आवेदन में लिखा है कि नरेद्र परमार सचिव अगरीया को ग्राम पंचायत डुंगरिया का वित्तीय प्रभार सौंपा गया है जो की शासन द्वारा पंचायत सचिव स्थानांतरण नीति नियम के विरूद है। नरेंद्र परमार का नियम विरुद्ध स्थानांतरण ग्राम पंचात डुगरीया में दूसरी बार हुआ है जो कि म प्र शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय वल्लन भवन भोपाल के परिपत्र क एफ 6-1/022/एक/9 दिनांक 14 जून 2023 एंव दिनांक 28.06.2023 द्वारा परिपत्र कं /एफ 6-1/2021/1/9 दिनांक 24 जून 2021 मे वर्णित दिशा निर्देशों द्वारा जिला स्तर पर अधिकारी/कर्मचारी की स्थानांतरण नीती वर्ष 2023 के अनुक्रम में स्थानांतरण आदेश आपके द्वारा किये जाते है जिसमे यह उल्लेख भी होता है कि यदि स्थानांतरित ग्राम पंचायत में सचिव के नातेदार / रिश्तेदार के पदाधिकारी हो अथवा गृह ग्राम / ससूराल ग्राम पंचायत में पद स्थापना होने पर संम्बधित सचिव स्थानांतरित आदेश स्वतः निरस्त माना जावेगा।
सचिव गृह निर्वाचक नामावली 2024 मप्र विधानसभा क्षेत्र क 141 भोजपुर की सूची मे क्र 299 एपीक क. एफ आर जे 4582466 पर नरेंद्र परमार आत्मज विजयराम गृह के 44/1 पर दर्ज है तथा नरेंद्र परमार की पत्नि के संख्या 302 एपिक क. एफ आर जे 2409308 पर राखि पति नरेंद्र गृह संख्या 44/1 पर दर्ज है।
इनके कार्यकाल के समय में ग्राम पंचायत डूंगरिया में कई निर्माण कार्य अपूर्ण है। और नरेंद्र परमार पूर्व कार्य काल में ग्राम पंचायत डुगरिया में अधिकांश अनुपस्थित रहते थे जिससे की पंचायत के लोगो को हस्ताक्षर कराने व अन्य कार्य के लिए परेशान होना पड़ता था, पंचायत राज्य संचालनालय मप्र सामान्य प्रशासन विभाग कि स्थानान्तरण नीति को ध्यान में रखते हुए नरेंद्र परमार की ग्राम पंचायत डुगरिया का वित्तीय प्रभार निरस्त करने किया जाएं।
राकेश पाल एवं ग्रामवासियो का कहना है कि आज हम सभी ग्रामवासी डूंगरिया पंचायत अब्दुल्लागंज ब्लॉक से है। जिला पंचायत सीईओ मैडम के यहां ज्ञापन देने आए थे। हमारे यहां नरेंद्र सिंह परमार को वित्तीय प्रभार देने को यहां से लिखा गया है हम मैडम से निवेदन करने आए हैं कि उस आदेश को निरस्त किया जाए। क्योंकि इससे पहले भी उन्हें तीन बार पदभार मिला है उनका कार्यकाल ठीक नहीं,भाषा शैली और व्यवहार भी ठीक नहीं है। साथ ही उनकी यह मूल पंचायत है,वोटर लिस्ट अनुसार ग्राम चकावाली में उनका नाम दर्ज है। वही मध्यप्रदेश शासन की नियमावली में क्रमांक नंबर तीन पर सांफ लिखा है कि जो भी सचिव रहेगा उसको ग्राम गृह पंचायत का प्रभार नहीं दिया जा सकता है। यह जो आदेश हुआ है यह नियमावली के नियम अनुसार नहीं हुआ है अगर यह आदेश निरस्त नहीं किया जाता है तो हम विधायक जी, सांसद जी, मुख्यमंत्री जी के पास भी जाएंगे और अगर फिर भी निरस्त नहीं हुआ तो हम हाई कोर्ट भी जाएंगे। अभी गांव से हम 5-6 लोग आए हैं।

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