सिहोरा लोक अदालत में 870 प्रकरणों का निराकरण, 2.31 करोड़ से अधिक के समझौते

5,032 प्रकरण रखे गए, 1,700 पक्षकार लाभान्वित; विद्युत विभाग ने प्रचार-प्रसार वाहन भी रवाना किया
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 12 सितंबर को व्यवहार न्यायालय सिहोरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया । लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश (तृतीय) संतोष कुमार कोल एवं सिहोरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता रविदीप सिंह बैस द्वारा मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर सिहोरा न्यायालय के न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे । लोक अदालत में न्यायालय में लंबित लिटिगेशन के 1,016 प्रकरण समझौते के आधार पर निराकरण के लिए रखे गए, जिनमें से 165 प्रकरणों का निराकरण किया गया । इन प्रकरणों में 1 करोड़ 45 लाख 98 हजार 220 रुपए की राशि का अवार्ड/समझौता हुआ । इसी प्रकार प्री-लिटिगेशन के 4,016 प्रकरण निराकरण के लिए रखे गए, जिनमें से 705 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 85 लाख 22 हजार 98 रुपए की राशि का अवार्ड/समझौता किया गया। दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 5,032 प्रकरणों में से 870 प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा 2 करोड़ 31 लाख 20 हजार 318 रुपए की कुल समझौता राशि रही । प्रेस-नोट के अनुसार करीब 1,700 पक्षकार लाभान्वित हुए । प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में विद्युत विभाग से संबंधित 1,256 मामलों में 253 का निराकरण हुआ। वहीं अजय उइके के न्यायालय में प्रस्तुत 2,250 प्रकरणों में 422 तथा खलीदा तनवीर खान के न्यायालय में प्रस्तुत 510 प्रकरणों में 30 मामलों का निराकरण किया गया । लोक अदालत की कार्यवाही के लिए न्यायिक अधिकारियों की खंडपीठों का गठन किया गया था। संतोष कुमार कोल, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश; श्याम सुंदर झा, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश; अजय उइके, खलीदा तनवीर खान, हिमांशी ठाकुर भारद्वाज, विशाल रिछारिया एवं दीपशिखा दांगी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, ने पीठासीन अधिकारियों के रूप में प्रकरणों का निराकरण किया । विभिन्न खंडपीठों में अधिवक्ता सदस्य के रूप में नागेश उपाध्याय, मनीष कुमार गौतम, अभय नारायण मिश्रा, अनमोल अवश्थी, वरुण तिवारी, अविनाश दाहिया एवं अभिलाष तिवारी ने सहयोग किया । इस अवसर पर सिहोरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता रविदीप सिंह बैस सहित बार संघ के अन्य पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे । वहीं राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए मध्यप्रदेश विद्युत मंडल द्वारा तैयार प्रचार-प्रसार वाहन को न्यायाधीश संतोष कुमार कोल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । वाहन के माध्यम से आमजन को लोक अदालत में प्रकरणों के समझौते, विद्युत संबंधी मामलों के निराकरण तथा लोक अदालत से मिलने वाले लाभों के संबंध में जागरूक किया गया । न्यायालय परिसर से वाहन को रवाना किए जाने के दौरान न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं अन्य उपस्थितजनों ने सहभागिता की | लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों के निराकरण को लेकर पक्षकारों में भी उत्साह देखने को मिला । समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान होने से पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया, समय और खर्च से राहत मिली, वहीं न्यायालय में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की दिशा में भी लोक अदालत महत्वपूर्ण साबित हुई ।



