सीईओ के आदेश को ठेंगा दिखा रहा ठेकेदार

नल जल योजना में खोदी गई नालियां छोड़ दी अधूरी, दुर्घटना की आशंका, दो दिन में समस्या दूर करने के निर्देश भी बेअसर
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा क्षेत्र में नल-जल योजना के कार्यों में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है । बरौदा निवासी कुलदीप तिवारी द्वारा की गई शिकायत के बाद जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक यंत्री, उपसंभाग स्लीमनाबाद को पत्र जारी कर मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे । बावजूद इसके शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित ठेकेदार द्वारा कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया और खोदी गई नालियों को अधूरा छोड़ दिया गया है।
*12 अगस्त को जारी हुआ था पत्र*
प्राप्त शासकीय पत्र के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा द्वारा सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उपसंभाग स्लीमनाबाद को पत्र क्रमांक 5801/ज.ज.मि./ज.पं./26 जारी किया गया । पत्र में बरौदा निवासी कुलदीप तिवारी के 7 अगस्त 2026 के आवेदन का हवाला देते हुए नल-जल योजना के कार्य में ठेकेदार द्वारा अनियमितता एवं लापरवाही की शिकायत का उल्लेख किया गया ।
शिकायत में बताया गया था कि पाइप लाइन डालने के लिए सड़क एवं रास्तों के किनारे नालियां खोदकर छोड़ दी गई हैं । इससे राहगीरों और ग्रामीणों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी हुई है । साथ ही कई स्थानों पर कार्य अधूरा छोड़े जाने की बात भी सामने आई ।
*दो दिन में निराकरण के दिए थे निर्देश*
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीईओ यजुवेंद्र कोरी ने संबंधित विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दो दिवस के भीतर समस्या का निराकरण कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए । इसके बावजूद यदि मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है तो यह संबंधित अधिकारियों के निर्देशों और कार्यदायी एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है ।
*खुली नालियां बनीं परेशानी का कारण*
नल-जल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई नालियों को समय पर भरकर समतल नहीं किए जाने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । विशेषकर आबादी वाले क्षेत्रों में खुली अथवा अधूरी नालियां बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं ।
ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना का उद्देश्य घर-घर पानी पहुंचाना है, लेकिन निर्माण कार्य में लापरवाही के कारण लोगों को सुविधा के बजाय परेशानी उठानी पड़ रही है । ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर अधूरे कार्य को शीघ्र पूरा कराने तथा खोदी गई नालियों को व्यवस्थित रूप से भरवाने की मांग की है।
*उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि*
सीईओ द्वारा जारी पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर कटनी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कटनी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा कार्यपालन यंत्री पीएचई को भी सूचनार्थ भेजी गई है। इससे स्पष्ट है कि शिकायत को विभागीय स्तर पर संज्ञान में लिया गया था । अब सवाल यह है कि निर्देश जारी होने के बाद भी यदि कार्य में सुधार नहीं हुआ है तो इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी ।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और ठेकेदार से अधूरा कार्य तत्काल पूरा करवाते हुए लापरवाही के लिए जवाबदेही तय करें ।



