ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 01 अगस्त 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 01 अगस्त 2023

01 अगस्त 2023 दिन मंगलवार को ही अधिक श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। आज पुरुषोत्तम मास (मलमास) की पूर्णिमा व्रत है। आज व्रत-स्नान-दान आदि की पुरुषोत्तमी पूर्णिमा है जो अत्यन्त ही श्रेष्ठ पुण्यों को प्रदान करनेवाली बताई गयी है। आज लोकमान्य बालगंगाधर तिलक की स्मृति दिवस भी है। आज शुक्र देवता का वार्द्धक्य अर्थात वृद्धावस्था आरम्भ हो जायेगा। आज भौमव्रत, दुर्गायात्रा एवं हनुमान जी के दर्शन का बहुत पुण्य होता है। आप सभी सनातनी बंधुओं को पुरुषोत्तम मास के इस पुण्यदायिनी पूर्णिमा की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – श्रावण मास
🌝 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : श्रावण मास शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि 12:01 AM तक उपरांत प्रतिपदा
🖍️ तिथि का स्वामी – पूर्णिमा तिथि के स्वामी चंद्र देव जी और प्रतिपदा तिथि के अग्नि देव जी है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 04:03 PM तक उपरांत श्रवण
🪐 नक्षत्र स्वामी : उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। राशि स्वामी गुरु है तो नक्षत्र स्वामी सूर्य है।
🔊 योग : प्रीति योग 06:52 PM तक, उसके बाद आयुष्मान योग
प्रथम करण : विष्टि – 01:57 पी एम तक
द्वितीय करण : बव – 12:01 ए एम, अगस्त 02 तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ गुलिक) काल 12:21 पी एम से 01:58 पी एम
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : मंगलवार का राहुकाल 03:35 पी एम से 05:11 पी एम राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:14:22
🌅 सूर्यास्त – सायं 19:14:09
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:18 ए एम से 05:00 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:39 ए एम से 05:42 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:54 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:42 पी एम से 03:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:12 पी एम से 07:33 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:12 पी एम से 08:15 पी एम
💧 अमृत काल : 10:26 ए एम से 11:50 ए एम 03:54 ए एम, अगस्त 02 से 05:18 ए एम, अगस्त 02
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, अगस्त 02 से 12:49 ए एम, अगस्त 02
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को आमान्य (सीदा) दान करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : पुरुषोत्तम मास (मलमास) की पूर्णिमा व्रत, सत्य व्रत/ पूर्णिमा व्रत/ मंगला गौरी व्रत/ पूर्णिमा समाप्ति उ. रात्रि 00.01, भारतीय राष्ट्रवादी नेता बाल गंगाधर तिलक स्मृति दिवस, प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की पत्नी कमला नेहरू जयन्ती, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित अली सरदार जाफ़री पुण्य तिथि, स्वतंत्रता सेनानी पुरुषोत्तम दास टंडन जयन्ती, अभिनेत्री मीना कुमारी जन्म दिवस, मुस्लिम महिला अधिकार दिवस, विश्व फेफड़े का कैंसर दिवस, राष्ट्रीय पर्वतारोहण दिवस, नेशनल गर्लफ्रेंड्स डे , वर्ल्ड वाइड वेब डे, विश्व स्तन दूध दिवस, विश्व स्तनपान दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष – पूर्णिमा को घी एवं प्रतिपदा को कुष्मांड खाना एवं दान करना दोनों वर्जित बताया गया है। पूर्णिमा तिथि एक सौम्य और पुष्टिदा तिथि मानी जाती है। इसके देवता चन्द्रमा हैं तथा यह पूर्णा नाम से विख्यात है। यह शुक्ल पक्ष में ही होती है और पूर्ण शुभ फलदायी मानी गयी है।
🏘️ Vastu Tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे अनाज भंडारण व डायनिंग रूम के बारे में। होटल में रसोई के सामान की खरीददारी एक साथ ही कर ली जाती है। इस सारे सामान को रखने के लिए एक भंडार घर की जरूरत पड़ती है जहां पर सुरक्षित ढंग से अनाज और बाकी सामान को रखा जाता है। अगर आप रसोईघर में ही अनाज भंडारण के लिए जगह बनाना चाहते हैं तो इसके लिए रसोईघर का वायव्य कोण सबसे अच्छा रहता है। इस कोण में सामान रखने से सब व्यवस्थित भी रहता है और आपके भंडार घर में कभी किसी चीज की कमी भी नहीं रहती।
अगर कोई सामान ऐसा है जो आपको बहुत लंबे समय तक रखना है तो इसके लिए नैत्रत्य कोण का चुनाव करना अच्छा रहता है। इसके अलावा अगर आप रसोईघर से अलग भंडारण का कमरा बनवाना चाहते हैं तो इसके लिए दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण या पश्चिम दिशा का चुनाव करना चाहिए। जबकि डाइनिंग हॉल के लिए पश्चिम दिशा का चुनाव करना बेहतर ऑप्शन है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आने से भले ही चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलती है लेकिन इस मौसम में कई गंभीर बीमारियां होने का डर बढ़ जाता है। दिल्ली सहित कई राज्यों में रोजाना आंखों के इंफेक्शन के मामले सामने आ रहे हैं। हर आयु वर्ग के लोग आई फ्लू (Eye flu) से ग्रसित हो रहे हैं, इससे छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय हैं जिन्हें करने से आपको फ्लू के कारण होने वाली जलन, दर्द और पानी आने की समस्या से राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से आंखों के लिए बताया गया घरेलू इलाज।
आंखों को हमेशा स्वस्थ कैसे रखें? आंखों को स्वस्थ रखने के लिए आप हफ्ते में कम से कम 4 से 5 बार गुलाब जल डालें। गुलाब जल की एक से दो बूंदें दोनों आंखों में डालें और फिर 5 मिनट के लिए आंखों को बंद रखें।
आंखों को दिन में कई बार साफ पानी से धोते रहना चाहिए। ऐसा करने से इंफेक्शन होने का डर कम हो जाता है।
आंखों को ठंडक पहुंचाने के लिए आप आलू के टुकड़ों को आंखों पर रखें।
आंखों को रिलैक्स करने के लिए आप खीरे के टुकड़ों को भी आंखों पर रख सकते हैं। ऐसा करने से आप फ्रेश महसूस करेंगे।
एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर तुलसी के 5 से 6 पत्तों को 2 गिलास पानी में उबालें। इसके बाद इन्हें छानकर पानी ठंडा होने पर आंखों को इससे साफ करें। ऐसा करने से इंफेक्शन की समस्या कम होगी।
🧋 आरोग्य संजीवनी 🍶
कोढ़ का आयुर्वेदिक इलाज आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, सफेद कनेर की जड़ के साथ कुटज-फल, करंज-फल, दारुहल्दी की छाल और चमेली की नयी पत्तियों को पीसें और इसका एक लेप बनाएं। इसे लेप को लगाने से कुष्ठ रोग में आराम मिलेगा।
कनेर का पेड़ आपको आसानी से घर के आस-पास मिल जाएगा। इसके पत्तों को पानी उबालकर नहाने के पानी के साथ मिलाएं। रोजाना इससे नहाने से आपको कुष्ठ रोग में बहुत लाभ होगा।
पीले फूल वाले कनेर की जड़ से पकाए गए तेल को लगाने से कुष्ठ रोग में फायदा होता है।
सफेद रंग के कनेर की छाल को पीसकर इसके लेप को लगाने से कोढ़ में फायदा होता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
हिंदू धर्म में सावन का माह अत्यंत खास है। भोलेनाथ के इस प्रिय महीने में कई तीज-त्यैहार आते हैं। सावन में आने वाली मासिक शिवरात्रि, प्रदोष, सावन पूर्णिमा, सावन अमावस्‍या जैसी तिथियां धर्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं। इन सभी तिथियों में महादेव की पूजा का विधान है। इस साल सावन एक मास की जगह दो महीने का है, इसलिए पूर्णिया दो बार पड़ेंगी। पहला सावन पूर्णिमा 1 अगस्त 2023 के दिन रहेगा। पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान-दान आदि का विशेष महत्व होता है।
🌧️ सावन पूर्णिमा पर बना रहा है दुर्लभ संयोग
इस बार सावन पूर्णिमा के दिन बेहद ही दुर्लभ संयोग बन रहा है। सावन पूर्णिमा पर प्रीति और आयुष्मान का योग बन रहा है। इसके अलावा इस दिन उत्तराषाढ़ नक्षत्र रहेगा। साथ ही सावन पूर्णिमा के दिन मंगला गौरी का व्रत भी रखा जाएगा। इन योग में भोलेनाथ के साथ माता गौरी की पूजा करने से कई गुना अधिक लाभ मिलेगा। पुराणों के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती को सावन महिना अति प्रिय है। इसीलिए सावन महीने के सोमवार को शिव जी और मंगलवार को माता पार्वती की पूजा को शास्त्रों में बहुत ही शुभ व मंगलकारी बताया गया है। पूर्णिमा के दिन विष्णु जी की पूजा का भी विधान है। तो इस दिन भगवान नारायण की उपासना करना भी बिल्कुल न भूलें।
👉🏽 सावन पूर्णिमा के दिन जरूर करें ये उपाय
पूर्णिमा के दिन 11 तुलसी के पत्ते को साफ कर उसपर हल्दी के घोल से ‘श्री’ लिखकर भगवान नारायण को अर्पित करें। इस उपाय को करने से आपको कारोबार में तेजी से वृद्धि होगी।
सावन पूर्णिमा के दिन थोड़ी से रोली लेकर उसमें दो-चार बूंद घी डाल दें। अब घी और रोली को अच्छे से मिला लें और इससे घर के मंदिर के बाएं और दाएं तरफ स्वास्तिक का चिन्ह बना लें। इस उपाय को करने से घर में सुख-समृद्धि बरकरार रहेगी।
सावन पूर्णिमा के दिन विधि विधान के साथ भगवान शिव और माता गौरी की पूजा करें। साथ ही इस दिन फल, अनाज और धन का दान करें। पूर्णिमा के दिन ऐसा करने से आपके घर पर महादेव और माता पार्वती की कृपा सदैव बनी रहेगी।
सावन पूर्णिमा के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि कर विष्णु जी और मां लक्ष्मी की उपासना करें। संभव हो तो इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान कर लें। ऐसा करने से आपको दोगुना पुण्य मिलेगा।
अगर आप अपने घर-परिवार के लोगों को हमेशा खुश देखना चाहते हैं तो सावन पूर्णिमा के दिन स्नान आदि से निवृत्त होकर सत्यनारायण भगवान की विधि-पूर्वक पूजा करें। पूजा के बाद हाथ में पीले फूलों की पुष्पांजलि लेकर भगवान को अर्पित करें।
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⚜️ जिनकी कुण्डली में चन्द्रमा की दशा चल रही हो उसे पूर्णिमा के दिन उपवास रखना अर्थात व्रत करना चाहिये। जिनके बच्चे कफ रोगी हों अर्थात सर्दी, जुकाम, खाँसी और निमोनियाँ समय-समय पर होती रहती हो उनकी माँ को वर्षपर्यन्त पूर्णिमा का व्रत करना और चन्द्रोदय के बाद चंद्रार्घ्य देकर व्रत तोड़ना चाहिये।
पूर्णिमा माता लक्ष्मी को विशेष प्रिय होती है। इसलिये आज के दिन महालक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से मनोवान्छित कामनाओं की सिद्धि होती है। पूर्णिमा को शिवलिंग पर शहद, कच्चा दूध, बिल्वपत्र, शमीपत्र, फुल तथा फलादि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। पूर्णिमा को शिव पूजन में सफ़ेद चन्दन में केशर घिसकर शिवलिंग पर चढ़ाने से घर के पारिवारिक एवं आन्तरिक कलह और अशान्ति दूर होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म पूर्णिमा तिथि को होता है, वह व्यक्ति पूर्ण चन्द्र की तरह आकर्षक और मोहक व्यक्तित्व का स्वामी होता है। इनकी बुद्धि उच्च स्तर की होती है। ऐसे जातक अच्छे खान पान के शौकीन होते हैं तथा ये सदा ही अपने कर्म में जुटे रहते हैं। ऐसे लोग अत्यधिक परिश्रमी होते हैं और इसी वजह से धनवान भी होते हैं। परन्तु इनमें एक बहुत बड़ी कमी ये होती है, कि ये सदैव परायी स्त्रियों पर मोहित रहते हैं।

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