हाईस्कूल उदका में विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाया गया
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । विश्व हाथ धुलाई दिवस के मौके पर छह दिनों तक बच्चों को हाथ धुलाई का महत्व के प्रति बच्चों को समझाया जाएगा जिसको लेकर उदका हाईस्कूल में विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर स्कूल के प्रभारी प्राचार्य कमलेश सिरशाम ने बच्चों को बताया कि बचपन में ही हमें स्कूल में सिखाया गया है कि खाना खाने के पहले हाथ धोना चाहिए। इसके अलावा भी सफाई से जुड़ी कई अच्छी आदतें हमें बचपन से सिखाई गई हैं, लेकिन दुनिया भर में कई लोग आज भी इनके प्रति जागरूक नहीं हैं। विश्व हाथ धुलाई दिवस का उद्देश्य इसी जागरूकता को समाज तक पहुंचाना है। हमारे हाथों में गंदगी के सूक्ष्म कण जमा होते रहते हैं। किसी भी वस्तु को छूने, उसका उपयोग करने व कई तरह के दैनिक कार्यो के करण हाथ गंदे होना स्वाभाविक है। बगैर हाथ धोए खाद्य व पेय पदार्थो का सेवन करने से यह गंदगी हमारे शरीर में चली जाती है, जो कई बीमारियों को जन्म देती हैं। हाथों की धुलाई के प्रति जागरूकता पैदा करने के मकसद से ही पूरे विश्व में 15 अक्टूबर को विश्व हाथ धुलाई दिवस मनाया जाता है।
ग्राम पटेल नत्थू लाल ने बताया कि हाथ धोना हमारे लिए कितना जरुरी है, कोरोना संक्रमण में यह तो सबको समझ में आ ही गया है। क्योंकि हाथ धुलने से बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है। जब कोविड- 19 जैसी बीमारियों ने दस्तक दी, तब सबको एक ही हिदायत दी गई कि किसी भी चीज को छूने के बाद हाथों को अच्छी तरह से साफ करें। साबुन से 30 सेकंड तक हाथ धोएं। इससे हम हैजा, डायरिया, निमोनिया और कोविड-19 जैसी वैश्विक बीमारी को भी परास्त कर सकते हैं। स्कूल के बच्चों ने गांव में इस थीम पर साबुन से धोएं हाथ तो बीमारियां नहीं फटकेंगी पास का प्रचार भी किया स्वच्छ भारत के इस मिशन से कोरोना वायरस संक्रमण, डेंगू से लेकर डायरिया जैसी बीमारियों को रोकने की भी पहल की गई है। 22 अक्टूबर तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित कि जाकर साफ सफाई के प्रति लोगों को जागरुक किया जाएगा ताकि सभी लोग हेंड वाशिग के महत्व को समझ कर उसका उपयोग निरंतर करते रहें।




