बायर कंपनी के कथित खराब बीज से 30 गांवों के 1000 किसान तबाह, 70% धान फसल चौपट
मुआवजा नहीं मिला तो चक्का जाम व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला दहन करेंगे किसान
कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष की अगुवाई में कलेक्टर के नाम सौंपा तहसीलदार को ज्ञापन बायर कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग
सिलवानी । बायर (प्राइवेट) बीज कंपनी की धान की 8433 वैरायटी को लेकर सिलवानी तहसील में किसानों का गुस्सा अब उबाल पर है। कथित खराब बीज से फसल तबाह होने और मुआवजा नहीं मिलने से नाराज 30 गांवों के करीब 1000 किसानों ने बुधवार को प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष सर्वे कराकर मुआवजा नहीं दिया गया तो वे चक्का जाम, धरना-प्रदर्शन, उग्र जन आंदोलन और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला दहन करेंगे।
कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सिलवानी अजय पटेल की अगुवाई में सैकड़ों किसानों ने तहसीलदार सुधीर शुक्ला को कलेक्टर रायसेन के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के साथ किसानों ने बीज खरीदी के पक्के बिल, पूर्व सर्वे रिपोर्ट और कुछ किसानों के खातों में आई राहत राशि की प्रमाणित प्रतियां भी संलग्न कीं।
5000 हेक्टेयर में बोई धान 70% तक नुकसान
किसानों का आरोप है कि करीब 6 माह पहले बायर कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए धान बीज (8433 वैरायटी) से फसल में बांझपन रोग फैल गया, जिससे उत्पादन बेहद कम रहा। इसका असर करीब 5000 हेक्टेयर में बोई गई धान पर पड़ा और लगभग 70 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई। केंद्रीय जांच टीम आई पर सर्वे एक गांव तक सीमित
किसानों अंकित रघुवंशी,महेश सिंह, जगदीश आदिवासी, मानसिंह रघुवंशी सहित अन्य ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय कृषि जांच दल (आईसीआर टीम) सिलवानी पहुंचा था। टीम ने देवरी मड़िया पंचायत के खेतों का निरीक्षण कर धान में बांझपन रोग की पुष्टि भी की, लेकिन जांच सिर्फ एक गांव तक सीमित रही। अन्य प्रभावित गांवों में न तो सर्वे हुआ और न ही किसानों को सूचना दी गई।
किसानों के मुआवजे में भारी असमानता का आरोप
किसानों का आरोप है कि निजी कंपनी द्वारा कुछ चुनिंदा किसानों के खातों में ही राहत राशि डाली गई, जो नुकसान के मुकाबले नाममात्र है। कई किसानों को एक रुपया भी नहीं मिला। जिन किसानों ने 5 एकड़ में धान बोई उन्हें कम क्षेत्र का मुआवजा दिखाया गया, जबकि 15 एकड़ में फसल लगाने वालों को केवल 2–3 एकड़ का ही मुआवजा दर्शाया गया। किसानों ने प्रशासन से ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि संपूर्ण सिलवानी तहसील का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए
सर्वे से वंचित किसानों को शामिल किया जाए
सभी प्रभावित किसानों को समान मुआवजा दिया जाए
नुकसान पहुंचाने वाली बीज कंपनी पर सख्त कार्रवाई हो
“मुआवजा नहीं मिला तो उग्र आंदोलन तय है किसान भगवान सिंह, आशा भाई, ओमप्रकाश, राजकुमार रघुवंशी, दादूवीर रघुवंशी सहित अन्य ने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी आवाज नहीं सुनी तो सभी किसान मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस मंडल अध्यक्ष बद्री विश्वकर्मा, मंडल अध्यक्ष बम्होरी क्षेत्र जलील खान, धर्मदास इमने, दौलत रघुवंशी, अंशुल रघुवंशी, सीताराम रघुवंशी, अरविंद कुमार, बृजेश रघुवंशी, शिवराम रघुवंशी, रामनिवास रघुवंशी, ओमप्रकाश सेन, जगदीश, मानसिंह, बाबूलाल, महेश, गायत्री रघुवंशी, पुनीत रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
इस संबंध में सुधीर शुक्ला तहसीलदार सिलवानी का कहना है कि मामले की जांच कराई जायेगी। निजी कंपनी द्वारा किसानों के खातों में राहत राशि डालने की जानकारी भी मिली है। वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जायेगी।



