मध्य प्रदेश

25 स्कूल के 200 शिक्षकों पर 12 करोड़ वेतन खर्च फिर भी 10वीं व 12वीं का रिजल्ट 50% से भी कम

ब्लॉक के 25 में से 1 स्कूल में स्थाई प्राचार्य, 24 विद्यालय प्रभारियों के भरोसे
डीईओ ने स्कूल प्रभारियों को थमाए नोटिस, अब तक नहीं मिला जवाब
सीएम राइज स्कूल के शिक्षक को बना दिया बीईओ

सिलवानी । स्कूलों में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने के लिए शिक्षा विभाग सत्र शुरु होने से लेकर परीक्षा खत्म होने तक तैयारियां करता है। शासन के निर्देशों और योजनाओं को शिक्षक इतना हल्के में लेते हैं कि न वह शैक्षणिक स्तर के सुधार को लेकर ध्यान देते हैं न ही शासन द्वारा जारी गाइडलाइन छात्र छात्राओं तक पहुंचा पाते हैं। कई स्कूलों में कोर्स तक पूरा नहीं हो पाता है। इसका सीधा असर छात्र छात्राओं के परीक्षा परिणाम पर पड़ता है। यही वजह है कि ब्लॉक के 25 हायर सेकंड्री और हाई स्कूलों के 200 शिक्षकों पर 12 करोड़ से अधिक वेतन खर्च करने के बाद भी परीक्षा परिणाम 50 प्रतिशत का आंकड़ा भी नहीं छू सका है। जबकि हर बैठक में शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम लाने पर अफसर जोर देते हैं। लेकिन शिक्षक खरे नहीं उतरते हुए नहीं दिखाई दे रहे हैं। स्थिति यह है कि वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 का परीक्षा परिणाम पिछड़ गया है। इस वर्ष हायर सेकेण्डरी में 38.81, हाईस्कूल में 36.60 प्रतिशत रिजल्ट रहा। अब शिक्षक और प्रभारी अपने अपने नए-नए तर्क देकर परीक्षा परिणाम कम होने के कारण बता रहे हैं।
स्कूलों का परीक्षा परिणाम एक नजर में

कन्या हायर सेकंडरी स्कूल बम्हौरी में 63 विद्यार्थियों में से पास हुए 23 हायर सेकंडरी स्कूल बीकलपुर में छात्र संख्या 69, उत्तीर्ण हुए 58 पीएमश्री हायर सेकंडरी स्कूल बम्हौरी में छात्र संख्या 131 उत्तीर्ण हुए 54 हायर सेकंडरी स्कूल प्रतापगढ़ में छात्र संख्या 82, पास हुए 27 हायर सेकंडरी स्कूल सियरमऊ में छात्र संख्या 179, पास हुए 79 हायर सेकंडरी स्कूल तुलसीपार में छात्र संख्या 99, पास हुए 28 हायर सेकंडरी स्कूल मुआंर में छात्र संख्या 52, पास हुए 20 पीएम श्री हायर सेकंडरी स्कूल सिलवानी में छात्र संख्या 134, पास हुए 44 हायर सेकंडरी स्कूल जमुनिया में छात्र संख्या 34, पास हुए 10 हायर सेकंडरी स्कूल सांइखेड़ा में छात्र संख्या 71, पास हुए 28 छात्र सीएम राइज स्कूल सिलवानी में छात्र संख्या 411, 149 उत्तीर्ण
प्राचार्य नहीं, इसलिए नहीं होती मॉनिटरिंग

शासन ने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के नाम पर सरकारी स्कूल तो खोल दिए हैं, लेकिन इनमें स्थाई प्राचार्य की नियुक्ति नहीं हो पाई है। सिलवानी विकासखंड में मात्र एक विद्यालय में ही स्थाई प्राचार्य है, बाकी 24 स्कूल प्रभारियों के भरोसे है साथ ही चार स्कूल ऐसे हैं जो कि अतिथियों के भरोसे चल रहे हैं। यह स्कूल लंबे समय से प्रभारियों के भरोसे चल रहे हैं। इससे एक तो कामकाज प्रभावित होते हैं, वहीं दूसरा शिक्षा सत्र चालू रहने पर बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर पड़ता है। स्थानीय स्तर से इसे लेकर उच्च स्तर पर अवगत कराया गया है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों से सांठ गांठ कर वर्षों से शिक्षक अधिकारी बन कर अपने कर्तव्यों से कन्नी काटते हैं।
सीएम राइज स्कूल के शिक्षक को बना दिया बीईओ

प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत ब्लाक स्तर सीएम राइज स्कूल प्रारंभ किये गये थे। शिक्षा विभाग के स्पष्ट निर्देश के बावजूद सीएम राइज के रसायन शास्त्र के शिक्षक को प्रभारी ब्लाक शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई, जिससे स्कूल में अध्ययनरत छात्रों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है। शासन के निर्देश है कि सीएम राइज स्कूल के शिक्षक को अन्य कार्य कराने से पूर्णत प्रतिबंध है बावजूद इसके शिक्षक नरेश रघुवंशी को प्रभारी ब्लाक शिक्षा अधिकारी का प्रभार दे रखा है। परिणाम स्वरुप इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम भी काफी निराशाजनक है। पूरे ब्लाक की बात की जाए तो कक्षा 9 से 12 तक 25 स्कूलों में लगभग 200 शिक्षक पदस्थ है एक शिक्षक की मासिक वेतन 50 हजार के हिसाब से प्रतिमाह एक करोड़ की राशि और साल भर में 12 करोड़ सिर्फ शिक्षकों के वेतन पर ही खर्च किया जाता है। इसमें अतिथि शिक्षक का मानदेय और अन्य खर्च अलग है। इतनी भारी भरकम बजट खर्च करने के बाद भी ब्लाक का बोर्ड परीक्षाओं का बार्षिक परीक्षा परिणाम आशानुकूल नहीं आना कई प्रश्नों को जन्म देता है।
इस संबंध में डीडी रजक, जिला शिक्षा अधिकारी रायसेन का कहना है कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम खराब रहा है उन स्कूल के प्रभारियों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के जवाब आने के बाद समीक्षा की जाएगी की क्यों परीक्षा परिणाम बिगड़ा है। जो भी उसमें दोषी पाया जाएगा उस पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

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