मध्य प्रदेश

5 शुभ संयोग में रक्षाबंधन, लेकिन यमराज के समय में न बांधें राखी : ज्योतिषाचार्य पं. अरुण शास्त्री

रिपोर्टर : सतीश मैथिल
सांचेत । 5 शुभ संयोग में रक्षाबंधन, लेकिन अशुभ मुहूर्त का भी रखें ध्यान, यमराज के समय में न बांधें राखी ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण शास्त्री सांचेत बालों ने बताया कि इस साल रक्षाबंधन पर बुधादित्य राजयोग, सुकर्मा योग समेत 5 शुभ संयोग बन रहे हैं, लेकिन उस दिन राहुकाल और यमराज के समय यमगंड का भी ध्यान रखना चाहिए. ये दोनों ही अशुभ समय हैं, इसमें कोई भी शुभ काम नहीं करते हैं रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को है. इस साल रक्षाबंधन पर 5 शुभ संयोग बन रहे हैं. उस दिन हंस राजयोग, बुधादित्य राजयोग, सुकर्मा योग, व्ररलक्ष्मी व्रत और शुक्रवार व्रत का सुंदर संयोग है. इनकी वजह से रक्षाबंधन का दिन शुभ फलदायी है. हालांकि चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, लेकिन भारत में दृश्य न होने की वजह से रक्षाबंधन पर उसका कोई प्रभाव नहीं होगा. रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय आपको राहुकाल के अलावा यमराज के समय का भी ध्यान रखना चाहिए यह एक अशुभ समय होता है
रक्षाबंधन पर बनेंगे 5 शुभ संयोग
बुधादित्य राजयोग: रक्षाबंधन के अवसर पर सिंह राशि में ग्रहों के राजा सूर्य और बुध ग्रह की युति से बुधादित्य राजयोग बना होगा. यह शुभ योग लोगों के जीवन में उन्नति, सुख, सम​द्धि लाने वाला होता है.
हंस राजयोग: देव गुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में मौजूद हैं, जिससे हंस राजयोग बना हुआ है, यह राजयोग रक्षाबंधन के दिन भी रहेगा.
सुकर्मा योग: रक्षाबंधन को सुबह में 07 बजकर 28 मिनट से सुकर्मा योग बनेगा, जो पूरे दिनभर रहेगा. सुकर्मा योग में आप कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं, जिसके अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे.
व्ररलक्ष्मी व्रत: रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार दिन है. उस दिन श्रावण पूर्णिमा है. सावन पूर्णिमा पर जब शुक्रवार होता है तो व्ररलक्ष्मी व्रत रखा जाता है. इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा से धन और संपत्ति में बढ़ोत्तरी होती है.
शतभिषा नक्षत्र: रक्षाबंधन वाले दिन शतभिषा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर पूरी रात तक है. यह 29 अगस्त को तड़के 03 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. शतभिषा नक्षत्र का स्वामी ग्रह राहु है.
रक्षाबंधन अशुभ समय
रक्षाबंधन को जिस प्रकार से शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हैं, उसी प्रकार से अशुभ समय के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए. उस दिन खासतौर पर राहुकाल और भद्रा का ध्यान रखते हैं, लेकिन उसके साथ यमराज के समय का भी ध्यान रखना चाहिए
इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है. लेकिन राहुकाल सुबह 10:46 से लेकर दोपहर 12:22 तक है. वहीं यमगंड का समय दोपहर में 3:35 से लेकर शाम 05:11 तक रहेगा
यमगंड को मृत्यु के देवता यमराज का समय माना जाता है. इस समय में बहुत ही सावधानी से रहना चाहिए. यात्रा के समय में सतर्क रहना चाहिए, जोखिमपूर्ण कार्यों से बचना चाहिए. इसी तरह से यमगंड में कोई शुभ काम नहीं करना चाहिए.
इस बार रक्षाबंधन पर आप राहुकाल और यमगंड में अपने भाई को राखी न बांधें.
राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5:57 सुबह से लेकर 9:48 तक है पूरे दिन पूर्णिमा है तो आप राहुकाल और यमगंड का त्याग करके रक्षांबंधन हर्षोल्लास से मना सकते है

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