कन्या पूजन कर विश्व के इकलौते सर्वश्रेष्ठ रिकार्ड धारक बने आचार्य सोनी

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। शासकीय प्राथमिक शाला लुहरवारा-1 जनशिक्षा केन्द्र भुड़सा के शिक्षक आचार्य राजा भैया सोनी द्वारा अपने विद्यालय में एक अनूठा नवाचार किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत वे अपनी शाला के प्रत्येक संवर्ग की छात्राओं का प्रतिदिन प्रार्थना के समय पवित्र गंगाजल से पैर धोकर सम्मान करते हैं। राजा भैया सोनी द्वारा आजीवन प्रतिदिन त्रिकाल समय में कन्या पूजन करने का पवित्र संकल्प लिया गया है। इस कार्यक्रम को आपने नमामि जननि सुकर्म यात्रा नाम दिया है। आपके द्वारा लगभग 28 वर्षों से भी अधिक समय से यह कार्य अनवरत किया जा रहा है। नमामि जननि कार्य को आपने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, वर्ल्ड जीनियस रिकार्ड तथा अनेकों वैश्विक पटलों के साथ ही विश्व के इकलौते अमिट सर्वश्रेष्ठ रिकार्ड के रूप में भारत के नाम दर्ज कराया है। आपको अन्तर्राष्ट्रीय प्रेरक के रूप में भी भारत सरकार नीति आयोग द्वारा पंजीकृत स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा नामांकित किया गया है। समाज में बेटियों व नारियों के सम्मान, सुरक्षा, सेवा सुनिश्चित करने की मंशा और अस्पृश्यता, अज्ञानता, कुरीतियों और महिलाओं पर दिन प्रतिदिन हो रहे अत्याचार, अपराध को रोकने और लोगों में जागरूकता लाने के प्रयास से ही यह कार्यक्रम लगातार चलाया जा रहा है। शिक्षक के इस अनूठे कार्य को समय- समय पर विभिन्न माध्यमों द्वारा प्रसारित और प्रचारित भी किया गया है । बेटियों के सम्मान के साथ उनमें आत्मीय गुणों के विकास और संस्कारित शिक्षा प्रदान करने के काम को सभी इष्टमित्रों, शिक्षकों और शासन, प्रशासन के जवाबदेह लोकसेवकों ने प्रशंसा की है तथा यह अमिट रिकार्ड भारत माता के नाम स्वर्णाक्षरों में लिखने की सराहना की है।



