आग लगने से जिंदा जले थे तीन बाइक सवार, चौथे ने भी तोड़ा दम

ब्यूरो चीफ : संजय द्विवेदी
गैरतगंज । दो दिन पहले गैरतगंज तहसील के करमोदी गांव के पास बाइकों की टक्कर में तीन लोग जिंदा जल गए थे। एक नाबालिग को आग से जलने पर भोपाल रेफर किया गया था, जहां पर उसने भी जीवन और मौत से संघर्ष करने के बाद शनिवार को दम तोड़ दिया। इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है।
ज्ञातव्य हो कि गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करमोदी मोड के पास दो बाइकों की आमने सामने हुई भिड़ंत के बाद बाइक में आग लग गई थी। इस घटना में बाइक पर सवार तीन युवकों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। हादसे में गंभीर रुप से झुलसे 16 वर्षीय नाबालिग दिनेश अहिरवार को इलाज के लिए भोपाल भेजा गया था। जहां उसने भी दम तोड़ दिया है।
एक हृदय विदारक हादसे में गुरुवार-शुक्रवार की रात 3 बजे बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई। जिनमें दो जिंदा की जलने से तथा एक की चोटों के कारण मौत हुई। मृतकों में दो सगे भाई थे। हादसा गैरतगंज तहसील के ग्राम करमोदी के पास हुआ था। हादसे में गंभीर रूप से घायल एक युवक को भोपाल रेफर किया गया था। उक्त हादसा उस समय हुआ जब आमने सामने से दो बाइक टकराई और दोनों ने आग पकड़ी ली। कुछ ही पल में बाइको को आग मे बाइक सवार युवकों को चपेट में ले लिया। जानकारी के अनुसार राजमार्ग गैरतगंज-गाडरवारा के करमोदी के पास गुरुवार-शुक्रवार की रात लगभग 3 बजे हुए हादसे में गैरतगंज नगर के वार्ड 11 निवासी 24 वर्षीय अर्जुन अहिरवार तथा उसके छोटे भाई 20 वर्षीय विपिन पिता जगदीश अहिरवार तथा सिलवानी तहसील के ग्राम मरदानपुर निवासी जितेंद्र आदिवासी की मौत हो गई। जबकि दिनेश अहिरवार पुत्र कनीराम अहिरवार उम्र 16 साल निवासी बरेली गंभीर रूप से झुलस गया है। हादसे के जानकारी मिलते ही पहुंची पुलिस ने शवों को तथा घायल को गैरतगंज अस्पताल पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद दिनेश अहिरवार को भोपाल रेफर किया गया। शादी से लौट रहे थे मृतक विपिन और अर्जुन अहिरवार अपने रिश्तेदार दिनेश अहिरवार के साथ सिलवानी तहसील के ग्राम मजगवां से शादी समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहे थे।
वहीं जितेन्द्र आदिवासी अपनी बाइक से गैरतगंज की ओर से सिलवानी वापस लौट रहा था। करमोदी के पास दोनो बाइकों की आमने सामने जोरदार भिड़त हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनो बाइकों में तुरंत आग लग गई। और तीन युवक जिंदा जल गए।
गैरतगंज थाना प्रभारी महेश टांडेकर ने बताया कि टक्कर के चलते जिस बाइक पर तीन लोग सवर थे, उसका पेट्रोल टैंक का ढक्कन खुल गया और उससे तीनों पर पेट्रोल गिरा, इसी दौरान किसी तरह चिंगारी भड़की जिससे पेट्रोल ने आग पकड़ ली। टक्कर के कारण गंभीर घायल हुए युवक अपने को आग से नहीं बचा सके। महेश टांडेकर ने बताया कि जितेंद्र आदिवासी की मौत जलने से नहीं बल्कि गंभीर चोट लगने के कारण हुई है। एक और खास बात यह भी कि विपिन अहिरवार को गुरुवार को सिलवानी में भी एक्सीडेंट हुआ था, जिससे वह पहले से घायल था।
आटोमोबाइल इंजीनियर के अनुसार राइडर बाइक के पेट्रोल टैंक मजबूत होते हैं। घर्षण से निकली चिंगारी पेट्रोल नली तक पहुंची होगी। 150 सीसी या इससे से अधिक इंजन वाली राइडर बाइक के पेट्रोल टैंक के ऊपर प्लास्टिक का कवर होता है। इसके नीचे टैंक में ईंधन होता है। ऐसे वाहनों का पेट्रोल टैंक आम दोपहिया की तुलना में बहुत मजबूत होता है। अब ऐसी गाड़ियां बन रही हैं, जो नीचे गिरने के बाद उसका इंजन बंद हो जाता है। अमूमन टक्कर के बाद पेट्रोल टैंक में में आग नहीं लगती। इस घटना में संभवतः टक्कर के बाद टैंक, कार्बोरेटर या पेट्रोल नली ने चिंगारी से आगू पकड़ ली होगी।
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बाईको की आमने सामने भिंडत, तीन जिंदा जले, एक गंभीर



