कृषिमध्य प्रदेश

एक बोरी यूरिया के लिए 800 रूपये दे रहे किसान

खाद्य के लिए दर दर भटक रहा अन्ना दाता
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान ।
उमरियापान, ढीमरखेडा क्षेत्र के बाजार में यूरिया तो है, लेकिन क्षेत्र की सहकारी समितियों में यूरिया नहीं होने से दुकानदार अब एक बोरी यूरिया, जिंक के लिए लगभग 800 रूपये तक वसूल रहे हैं। अच्छी उपज की चाहत में अन्नदाता लुट रहे हैं और अफसर तमाशबीन की भूमिका में दुकानदारों को लूटने की छूट दे रखे है। किसानों का कहना है कि इसी तरह का संकट बना रहा तो किसानों को अपनी जमा पूंजी यूरिया की कालाबाजारी में ही खर्च करना पडेगी। जब तक समितियों में यूरिया पहुंचेगी, तब तक अधिकांश किसान महंगी यूरिया का खेतों में छिडकाव कर चुके होंगे। यूरिया की किल्लत के साथ ही उमरियापान क्षेत्र में किसान बाजार में  नकली कृषि दवाओं से परेशान है। जिसमें खरपतवार मारने वाली दवाओं की सबसे अधिक शिकायतें सामने आ रहीं है। उमरियापान के एक किसान के मुताबिक तो उन्होंने खेत में खरपतवार मारने करीब 700 रूपये की बाजार से दवा ली थी। जिसमें दुकानदार ने दस से पंद्रह दिनों के भीतर दवा का असर होने का दावा किया गया था। लेकिन खेत में दवा डालने के 25 दिन बाद भी खरपतवार पर दवा का कोई असर नहीं पडा। और जब किसान ने इसकी शिकायत दुकानदार से की तो उसने पल्ला झाड लिया। जिसके बाद किसान ने बाजार में अन्य दूसरी दुकान से दवा लेकर खेतों में छिडकाव कराया। इस तरह से नकली दवाओं के नाम पर भी किसानों से खुली लूट मची है। जिस पर ब्लाक के कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। जिससे किसान लुटने मजबूर हैं। किसानों ने उच्चाधिकारियों से जांच व कार्रवाई की मांग की है।

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