शासकीय महाविद्यालय उमरियापान में नशामुक्ति भारत अभियान के तहत कार्यशाला एवं संगोष्ठी आयोजित

रिपोर्टर: सतीश चौरसिया
उमरियापान* । शासकीय महाविद्यालय उमरियापान में नशामुक्ति भारत अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यशाला एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन अपनाने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया ।
कार्यक्रम में डॉ. ईश्वरदीन चौधरी ने कहा कि नशा अनेक गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है । उन्होंने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ-साथ पारिवारिक कलह, आर्थिक संकट और सामाजिक विघटन का भी कारण बनती है । उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, स्वयं जागरूक बनने तथा दूसरों को भी इसके प्रति प्रेरित करने का आह्वान किया ।
राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिलाषा चौरसिया ने कहा कि नशा आज मानसिक तनाव, अवसाद और अपराध जैसी समस्याओं को बढ़ावा दे रहा है । उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का नशे की ओर बढ़ता कदम केवल उसके जीवन को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र को भीतर से खोखला कर देता है । उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच, योग, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों को अपनाकर नशे से दूर रहने की अपील की ।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया तथा समाज में जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प भी दोहराया। संगोष्ठी का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराकर स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा ।



