निर्माण सामग्री महंगी, आशियाना बनाना होगा मुश्किल
रेत, गिट्टी, सीमेंट और लोहे के दाम में बढोत्तरी
सिलवानी। इन दिनों आवास निर्माण सामग्री महंगी होने के कारण हितग्राहियों को खुद का आशियाना बनाना अब मुश्किल हो गया है। बता दें कि शासन हितग्राहियों को पक्का मकान बनाने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास के तहत पहली किस्त में 25 हजार, दूसरी किस्त में 40 हजार रूपए और तीसरी किस्त पर छत के लिए 40 हजार रूपए दिए जाते हैं। साथ ही आवास पूर्ण होने पर 15 हजार रूपए मनरेगा के तहत प्रदान किए जाते हैं। षहरीय क्षेत्र में 2.50 लाख रूपए दिए जाते हैं। जिसमें पहली किस्त 1 लाख रूपए, दूसरी किस्त 1 लाख रूपए और तीसरी किस्त के रूप में 50 हजार रूपए दिए जाते हैं। लेकिन बिल्डिंग सामग्री महंगी होने से हितग्राहियों की परेशानी बढ़ गई है।
पहले से बढ़ गए भवन निर्माण सामग्री के दाम
एक तरफ सरकार हितग्राहियों को पक्का आवास बनाने राशि दे रही है। दूसरी ओर रेत, गिट्टी, सीमेंट, लोहा महंगा हो गया है। ज्ञात हो कि पहले मजदूर 300 रूपए प्रतिदिन मजदूरी लेते थे, लेकिन अब 500 रूपए प्रतिदिन ले रहे हैं। 3 माह पहले लोहा 5500 से 6000 रूपए प्रति क्विंटल था जो अब 7100 रूपए हो गया है। एक ट्राॅली रेते 1500 से 2000 रूपए में आती थी अब 3000 से 3500 रूपए में आती है। वहीं सीमेंट भी 350 रूपए हो गई है। ईंट 8000 रूपए की दो हजार आती थी अब 9500 रूपए की 1500 आ रही हैं।
आवास निर्माण के लिए मिलते हैं 2.50 लाख रूपए
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्के आवास निर्माण के लिए सरकार ष्षहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को अलग-अलग राशि का वितरण कर रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के हितग्राहियों का कहना है कि शहरी क्षेत्र के हितग्राहियों को जितनी राशि मिल रही है हमें भी उतनी ही राशि मिलना चाहिए। भवन निर्माण सामग्री महंगी होने के चलते आवास निर्माण सही से नहीं हो पा रहा है।



