मध्य प्रदेश

प्रसव पीड़ा के बीच कर दिया रेफर, नाराज परिजनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर और एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। रायसेन जिला अस्पताल में प्रसूता के प्रसव कराने को लेकर गायनिक डॉक्टर की लापरवाही का मामला सामने आया है। जिसके बाद डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर नाराज प्रसूता के परिजनों द्वारा कलेक्टर अरविंद दुबे और एसडीएम एलके खरे को ज्ञापन भी सौंपा है। कलेक्टर ने कमेटी बनाकर जांच कराने का आश्वासन दिया है।
ये है सारा मामला……
रायसेन शहर के वार्ड क्रमांक 15 निवासी दिपाली खत्री की डिलीवरी सोनोग्राफी के हिसाब से 8 अगस्त को होना थी। लेकिन र अचानक प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उनको लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां नर्सों ने उनका चेकअप कर उन्हें भर्ती किया। परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल में पदस्थ एक महिला चिकित्सक द्वारा कभी नॉर्मल डिलीवरी तो कभी ऑपरेशन का बोल कर गुमराह किया गया ।अंत में प्रसूता दीपाली खत्री को भोपाल रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि दर्द के बीच अचानक से रेफर करने की बात से जच्चा बच्चा की जान खतरे में आ गई।
विदिशा में हो गई नार्मल डिलीवरी….
कोई रास्ता नहीं दिखने के कारण परिजन समय की कमी के कारण दीपाली को भोपाल की बजाय विदिशा लेकर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि वहां पर नॉर्मल डिलीवरी हो गई। तब से ही प्रसूता दिपाली के परिजनों द्वारा डॉक्टरों की लापरवाही के विरुद्ध आंदोलन किया जा रहा है। महिला चिकित्सक को हटाने और कार्रवाई करने की मांग को लेकर मरीज के परिजनों द्वारा कलेक्टर अरविंद दुबे एसडीएम एलके खरे को ज्ञापन भी सौंपा है।
बिगड़े ढर्रे को सुधारने की है जरूरत…..
रायसेन जिला अस्पताल का बिगड़ा ढर्रा सुधरने का नाम नहीं ले रहा है ।अस्पताल का यह कोई नया मामला नहीं है । इसके पहले भी कई इसी तरह की लापरवाही और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के मामले सामने आ चुके हैं । जिला प्रशासन के अधिकारी भी बाजार लापरवाहों पर सीधे कार्यवाही की वजह बजाए उन पर नोटिस कार्रवाई के बाद जांच में लीपापोती कर दी जाती हैं ।जिससे डॉक्टरों के बजाय पस्त होने के हौसले बुलंद हैं ।
इस संबंध में जिला चिकित्सालय में पदस्थ प्रभारी महिला डॉ सुनीता अतुलकर का कहना है कि उस समय मेरी ड्यूटी नहीं थी ।लेकिन इसके बावजूद भी मुझे कॉल आने पर मैं अस्पताल में भर्ती प्रसूता को देखने पहुंची। लेकिन प्रसूता की स्थिति गंभीर होने पर मेरे द्वारा उन्हें भोपाल जाने का बोला था लेकिन परिजन मरीज को भोपाल ले जाने को तैयार नहीं थे।
इस संबंध में डॉ दिनेश खत्री सीएमचओ रायसेन का कहना है कि प्रसूता दिपाली के परिजन हंगामा कर रहे थे। वह गायनिक डॉ सुनीता अतुलकर के खिलाफ नाराजगी जताते हुए उचित कानूनी कार्यवाही पर अड़े हुए थे।हमने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इस मामले की जांच कराई जा रही है।

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