इस विश्व ऐतिहासिक स्थल के अस्पताल में दुर्दशा के हालात, अस्पताल गंदगी की जकड में
रिपोर्टर : देवेन्द्र तिवारी
सांची । कहने को तो यह अस्पताल एक विश्व विख्यात पर्यटक स्थल का कहलाता है साथ ही सरकार इस अस्पताल का कायाकल्प करने के साथ ही उन्नयन करने में जुटी हुई है परन्तु अस्पताल का ढर्रा जस का तस बना दिखाई देता है यहां मरीजों की भीड़ डाक्टरों का इंतजार करते आसानी से दिखाई दे जाती है अस्पताल को गंदगी ने अपनी जकड़ में जकड़ लिया है अस्पताल प्रशासन बेखबर बना हुआ है
जानकारी के अनुसार यह नगर एक विश्व विख्यात पर्यटक स्थल का अस्पताल कहलाता है पहले इस अस्पताल में मात्र आठ बिस्तर वाला ही हुआ करता था जब क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रभूराम चौधरी को सरकार में शामिल किया तथा उन्हें केबिनेट मंत्री बनाया गया तब उनके प्रयासों से इस अस्पताल का उन्नयन किया गया तथा इसे तीस बिस्तर वाला अस्पताल बना दिया गया तथा डाक्टरों की संख्या में भी बृद्धि कर दी गई परन्तु अस्पताल का ढर्रा जस का तस बना दिखाई देता रहा तथा अस्पताल की अव्यवस्था अखबारों की सुर्खियां बटोरती रही परन्तु ढर्रा नहीं सुधर सका जब क्षेत्रीय विधायक तथा मंत्री डॉ चौधरी को शिवराज सिंह चौहान मंत्री मंडल में शामिल करते हुए स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया तब उन्होंने इस अस्पताल का कायाकल्प सुधारने तथा उन्नयन करने का पुनः बीड़ा उठाया तथा अपनी विधानसभा क्षेत्र के मुख्यालय तथा विश्व विख्यात पर्यटक स्थल को दृष्टिगत रखते हुए इस अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा दिया गया तथा और अधिक डाक्टर सहित स्टाप में बृद्धि करते हुए स्वास्थ्य से संबंधित नये नये स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराकर अस्पताल के लिए नवीन भवन का भी भूमिपूजन किया। नवनिर्मित भवन का निर्माण भी शुरू कर दिया गया जो लगातार जारी है । लोगों को खुशी के साथ ही सिविल अस्पताल की सौगात मिल गई वैसे वैसे ही अस्पताल की व्यवस्था गड़बड़ा गई तथा अस्पताल प्रशासन बेखबर बनकर रह गया एक तरफ स्वास्थ्य मंत्री स्वयं अस्पताल का कायाकल्प करने में जुट गए दूसरी तरफ अस्पताल प्रशासन अपने ही मंत्री के मंसूबों पर पानी फेरने की कवायद में जुट गया जिससे अस्पताल में डाक्टर होते हुए भी मरीजों को डाक्टरों का इंतजार करने पर मजबूर होना पड़ता है मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही मरीजों को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता है डाक्टरों का कोई समय नहीं दिखाई देता तथा अस्पताल में गंदगी के अंबार लगे दिखाई पड़ने लगे यहां अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही मरीजों को ले जाने वाले स्ट्रेचर भी धूल खाते कबाड का रूप धारण कर रहे हैं तो दूसरी ओर अस्पताल में पेयजल स्थल भी साफ सफाई की बाट जोहते दिखाई दे रहे हैं इतना ही नहीं इस अस्पताल के भीतर मरीजों को शौचालय तो गंदगी से पटे पड़े दिखाई दे रहे हैं इन गंदगी भरे शौचालयों में मरीजों को जाने मजबूर होना पड़ रहा है यही हाल मूत्रालय के भी बने हुए हैं जगह जगह पानी गुटके की पीक भी दीवार पर दिखाई दे जाती है जिस अस्पताल से विभिन्न बीमारियों से पीड़ितों को बीमारी से बचाव के लिए डाक्टर संदेश देते दिखाई देते हैं उसी अस्पताल में बीमारियों को न्योता देने वाली गंदगी पर अस्पताल प्रशासन की नजर न पहुंच पाना लापरवाही को उजागर कर रहा है महीनों इन शौचालय व मूत्रालय अपनी साफ़ सफाई की बाट जोह रहे हैं जबकि अस्पताल में पुरुषों व महिलाओं के लिए अलग अलग शौचालय मूत्रालय बने हुए हैं तब इस अस्पताल में आने वाले विभिन्न बीमारियों से पीड़ित लोग पुरुष महिला शौचालय तथा महिला पुरूष शौचालय में जाने मजबूर हो चुके हैं परन्तु यहां व्यवस्था सुचारू बनाने अस्पताल प्रशासन के लोग चुप्पी साधे तमाशबीन बनकर रह गए हैं इस अस्पताल में मरीजों को भगवान भरोसे रहना पड़ रहा है हद तो तब हो जाती है जब इस संबंध में जब मुख्य विकास खंड चिकित्सा अधिकारी से फोन पर बात करने की कोशिश की गई तो फोन उठाने की जहमत ही नहीं उठाई जाती जिससे इन अव्यवस्थाओं की ओर मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पक्ष जाना जा सके। बहरहाल स्वास्थ्य मंत्री स्वयं अपनी विधानसभा क्षेत्र के मुख्यालय तथा पर्यटक स्थल पर स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार कर क्षेत्र के लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सके यहां अस्पताल प्रशासन अपने ही विभाग के मंत्री के मंसूबों पर पानी फेरने में पीछे दिखाई नहीं दे रहे जिससे लोगों में सरकार व प्रशासन दोनों की छवि पर प्रभाव पड़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है।




