विधानसभा के पहले लोक शिक्षण ने शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त करने को लेकर निकाले निर्देश

सालों से निकल रहे आदेश निर्देश का मंत्रालय – डीपीआई में ही नहीं होता पालन
भोपाल । विधानसभा सत्र शुरू होने के पहले लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश भर में शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त करने के निर्देश एक बार फिर से शुक्रवार को जारी कर दिए है। आयुक्त लोक शिक्षण अभय वर्मा द्वारा जारी निर्देशों में शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त नहीं करने पर संबंधित डीईओ पर कार्यवाही के लिए कहा है। हालांकि इन आदेश का मंत्रालय व लोक शिक्षण में ही नहीं होता है। स्कूल शिक्षा विभाग की नवीन स्थानांतरण नीति में शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त करने स्पष्ट निर्देश है। हर साल विधानसभा सत्र शुरू होने के पहले लोक शिक्षण द्वारा शिक्षकों के अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए जाते है। बावजूद इसके इसका पालन नहीं होता है। लोक शिक्षण में ही करीब तीस से चालीस शिक्षक अटैच है। मंत्रालय में ओल्ड कैंपियन के सहायक शिक्षक मनीष शर्मा, छोला के सुनील धानोड़कर, व्याख्याता सोलंकी अटैच है। इसके अलावा जिला स्तर डीईओ आफिस, प्रौढ़ शिक्षा विंग, डीपीसी कार्यालय, बीआरसीसी कार्यालय में अटैच शिक्षकों की भरमार है। यह शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने के बजाय बाबूगिरी में लगे रहते है और लोक शिक्षण के हर साल जारी आदेश का पालन नहीं किया जाता है। लेकिन विधानसभा सत्र शुरू होने के पहले जरूर अटैचमेंट समाप्त करने के आदेश जरूर जारी कर दिए जाते है।
अटैच शिक्षकों का नहीं निकलेगा वेतन
आयुक्त लोक शिक्षण अभय वर्मा के शुक्रवार को जारी निर्देश में मंत्रालय के पत्र का हवाला देते हुए कहा है कि शिक्षकों को पूर्णकालिक रूप से गैर शैक्षणिक अथवा अन्य कार्यों में संलग्न किये जाने की स्थिति में उनके वेतन आहरण पर रोक आदि लगाए जाने के निर्देश है। निर्देशों के बाद भी अनाधिकृत रूप से कतिपय शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में संलग्न किये जाने संबंधी जानकारी समय-समय पर प्राप्त होती है। उपरोक्त स्थिति को देखते हुए शिक्षकों को गैर शैक्षणिक अथवा अन्य कार्यों में संलग्न करने संबंधी प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाने की दृष्टि से विमर्श पोर्टल पर एक मॉड्यूल विकसित किया गया है। इस मॉड्यूल में यदि किन्ही शिक्षक को जिला एवं अन्य स्तर से पूर्णकालिक रूप से संलग्न किया गया है, तो संबंधित की जानकारी को अपलोड की जाएगी। माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला के शिक्षकों की उक्त जानकारी डीईओ अथवा संकुल प्राचार्य के उनके लागिन से पोर्टल पर दर्ज करेंगे। यह जानकारी सात दिन में विमर्श पोर्टल पर अपलोड करना होगी। यदि कोई शिक्षक पूर्णकालिक रूप से गैर शिक्षकीय कार्य में संलग्न है एवं तत्संबंधी जानकारी संबंधित प्राचार्य/जिला शिक्षा अधिकारी जिनके अधीनस्थ कार्यरत हैं के द्वारा विमर्श पोर्टल पर यदि दर्ज नहीं की गई है। तो संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी।



