बढ़ती ठंड से साथ बढ़े मौसमी बीमारी के मरीज, ओपीडी में मरीजों की संख्या 800 के पार
48 डॉक्टर जिला अस्पताल में सिर्फ 2 डॉक्टर मरीजों का इलाज करते नजर आए, ओपीडी के बाहर लगी लंबी लंबी
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । मौसम में आए बदलाव से सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो गई है। स्थिति यह है कि जिलाअस्पताल की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में आलम यह है कि हर रोज आठ सौ से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। बढ़ती ठंड से साथ बढ़े मौसमी बीमारी के मरीज, ओपीडी में मरीजों की संख्या 800 के पार पहुंचने लगी है।
पिछले एक सप्ताह से मौसम में आए परिर्वतन से सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो गई है। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल की ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में हर रोज आठ सौ से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जिसमें 60 प्रतिशत मरीज मेडिसिन के हैं। मौसम में आ रहे उतार चढ़ाव का सर्वाधिक बुरा असर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है।हम आपको यह बता दें कि नवंबर माह के शुरुआती दिनों में अलसुबह और रात के समय लोगों को गुलाबी सर्दी का अहसास हो रहा था।
बढ़ गईं मौसमी बीमारियां…….
जबकि दिन के समय धूप खिलने की वजह से लोगों को हल्की गर्मी महसूस हो रही है। रात का पारा कम और दिन का पारा चढ़ने की वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि कुछ लोगों ने सर्द गर्म मौसम से बचने के लिए सुबह और शाम के वक्त गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।लेकिन जो लोग इसमें लापरवाही बरत रहे हैं, मौसमी बीमारी की चपेट में आ रहे है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज आने वाले मरीजों भीड़ देखी जा सकती है, इनमें छोटे बच्चों की संख्या अधिक देखने को मिल रही है।
गांव गांव फैलीं मौसमी बीमारियां….
गांवों व शहर दोनों जगह बढ़ रहे मरीज
मौसम बदलने के साथ सर्दी, जुकाम, खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द, तेज बुखार हो रहा है। नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने अस्पताल में आ रहे हैं। डाक्टर विनोद परमार डॉ बीबी गुप्ता ने बताया कि खानपान और रहन-सहन पर ध्यान दिया जाए तो बीमारियों के प्रकोप से बचा जा सकता है। बुखार से बचने के लिए मच्छरों से बचे और घर और आसपास सफाई रखें, जिससे मच्छर न पनप सकें।
थोड़ी सी सावधानी बरतें…
बाल व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ आलोक कुमार राय ने बताया कि मौसम परिवर्तन के साथ ही मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं। बुखार, सर्दी, जुकाम- खांसी के साथ कोल्ड डायरिया के मरीज भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। खानपान और रहन-सहन पर ध्यान दिया जाए तो मौसमी बीमारियों के प्रकोप से बचा जा सकता है। बुखार पीड़ितों में मलेरिया के लक्षण भी मिल रहे हैं। बुखार से बचने के लिए मच्छरों से बचे और घर और आसपास सफाई रखें, जिससे मच्छर न पनपें।
डाक्टरों का कहना है कि दिन में तो मौसम गर्म होता है, लेकिन सुबह और रात में पहनावे पर ध्यान रखना चाहिए। दिन में लोग घर से कम कपड़े पहनकर निकलते हैं और शाम को घर पहुंचते-पहुंचते मौसम ठंडा हो जाता है। इसके साथ ही ठंडी चीजों से परहेज रखें। बच्चों को सुबह होते ही बेड से उठकर सीधे बाहर न जाने दें। सुबह फर्श पर नंगे पैर चलने से बचें। इसके अलावा सर्दी के मौसम में पानी कम मात्रा में लोग पीते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन हो सकता है। कोल्ड डायरिया के भी शिकार मरीज भी एहतियात बरतें।
ओपीडी की कुर्सी पर से 2 डॉक्टर इलाज करते नजर आए….
वैसे तो जिला अस्पताल में 48 डॉक्टरों की बड़ी खोज है लेकिन बुधवार को सुबह डॉक्टर सौरभ जैन सहित एक महिला डॉक्टर ही मरीजों का इलाज करते नजर आए बाकी इधर-उधर गायब रहे ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें इलाज के लिए घंटों खड़ी रही जब इस संदर्भ में आरएमओ डॉ यशपाल सिंह बाल्यान से जब मीडिया कर्मियों ने चर्चा की तो उन्होंने बताया कि दो अस्थि रोग विशेषज्ञ अवकाश पर चल रहे हैं ।बाकी डॉक्टर राउंड पर हैं ।अस्पताल में उनके राउंड का समय वैसे सुबह 9 से 11 बजे का है। लेकिन 11:45 तक डॉक्टर ओपीडी में वापस नहीं लौट सके थे ।जिला अस्पताल का बिगड़ा ढर्रा सुधरने का नाम नहीं ले रहा है ।अस्पताल में डॉक्टरों की फौज तैनात होने के बाद भी मरीजों को इलाज में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह बड़े शर्म ताज्जुब की बात है।





