क्राइम

वनपरिक्षेत्र झालोन में काटा जा रहा है सागोन, वन कर्मी नाकाम

रिपोर्टर : भगवत सिंह लोधी
दमोह । तेंदूखेड़ा वनों की रक्षा करना हर भारतीय का कर्तव्य होता है। इसके लिए सरकार ब्यापक जागरूकता अभियान चला रही है। स्कुलो में बच्चो जो बनो का महत्व समझाया जाता है।पर्यावरण का संतुलन में वनों की भूमिका अति आवश्यक होती है।पिछले कुछ दशकों से सरकार वनों को बढ़ाने पर पैसा खर्च कर रही है। लाखो 1 रुपये खर्च करके सरकार प्लांटेशन बना रही है।जिसके संरक्षण के लिए चौकी दार बीटगार्ड, डिप्टीरेंजर,रेंजर कई कर्मचारी होते हैं जिन्हें महीने में लाखों रुपये वेतन दिया जाता है। आज कल वीटगार्ड की लापरवाही की बजह से वनों में वन माफिया अधिक सक्रिय होकर जंगलों से वेस कीमती लकड़ी को अधिक मात्रा में काटा जा रहा है। तेंदूखेड़ा उपवन मण्डल के अंतर्गत आने वाली झालोन वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली डुकर सता वीट में अवैध कटाई गति मान है। डुकर सता बीट में कटाई आम बात है इहा पर अनेक प्रजाति की वेस कीमती पेड़ मौजूद है जिन पर वन माफियो की नजर रहती है।और लगातार कटाई होने के बाबजूद वन कर्मियों को भनक भी नही लगती। और चोर चोरी कर ले जाते हैं। सागर जबलपुर स्टेट हाइवे से मोहड़ ग्राम को जाने वाले रास्ते के किनारे डुकर सता बिट लगती है और करीब मुख्य मार्ग से 6 किलोमीटर दूरी पर डुकर सता वीट में कुछ सागोन के ताजे कटे सागोन के ढूढ देखे गए हैं जिन्हें देख कर लगता है कि वो अभी 2-3 दिनों पहले काटे गए है झालोन रेंज की डुकर सता वीट में ही सागोन की लकड़ी पायी जाती है मगर इहा से कटाई पर रोक लगाने में वन कर्मी नाकाम दिख रहे हैं। अगर इसी तरह से अवैध कटाई चलतीं रही तो जगल सिर्फ किताबो में ही सिमट कर रह जायेगा।
इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी पूर्वी सिंह झालोन का कहना है कि हम अभी बीटगार्ड कृपाल सिंह को भेज कर दिखवाते है कहा पर सागौन पेड़ कटाई हुए हैं।

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