कृषिमध्य प्रदेश

प्रधानमंत्री सिंचाई परियोजना से बन रहे तालाबो में ठेकेदार लगा रहे सरकार को चूना

गुणवत्ता हीन तालाबों का निर्माण किया जा रहा हैं
रिपोर्टर : गौरीशंकर लोधी
तेंदूखेड़ा । नरसिंहपुर जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष आदिवासी वर्ग से एवं जनपद पंचायत चावरपाठा भी आदिवासी वर्ग से अध्यक्ष फिर भी नहीं हो पा रही आदिवासी भाइयों की समस्या हल
प्रधानमंत्री सिंचाई परियोजना जो महत्वपूर्ण परियोजना है परंतु उसमें चूना लगाने वाले पेटी कांट्रेक्टर ही सत्ताधारी नेता के छर्रे हैं।
मध्य प्रदेश सरकार एक तरफ आदिवासी इलाकों में पानी की उपलब्धता करा रही है वहीं दूसरी तरफ ठेकेदार भ्रष्टाचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
ढिलवार ग्राम के लोग 3 किलोमीटर दूर से गर्मी के समय पानी लाते हैं जिससे वह मजदूरी पर भी नहीं जाते हैं पानी की समस्या के कारण लोग पलायन करने की स्थिति में पहुंच रहे हैं।
पूरा इलाका आदिवासी एरिया है जो ट्राईबल एरिया भी कह सकते हैं परंतु पानी की समस्या का हल 70 वर्ष बाद भी नहीं हो सका है कई सरकारें आई और कई सरकार गई।
माननीय प्रधानमंत्री जी आपका ड्रोन एक बार नरसिंहपुर जिले की ओर जरूर घूम आइएगा जिससे आपकी योजना में जो गड़बड़ी हो रही है उजागर हो जावेगी।
ताजा मामला नरसिंहपुर जिले की तहसील तेंदूखेड़ा की ग्राम पंचायत ढिलवार से जुड़ा है जहां पर आजादी के बाद से आज तक पानी पीने के लिए उपलब्ध नहीं हो पाया है पूरी ग्राम पंचायत में अनेक बार गड्ढे और करवाए गए परंतु पानी नहीं निकला जब जिला प्रशासन ने यहां पर 1 करोड़ 6 लाख की राशि से अमृत सरोवर बनवाया वह भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और फूट गया जिसमें इंजीनियर को सस्पेंड किया गया था और वही काम जहां के तहां पड़ा है उसके बाद ग्राम पंचायत ढीलवार में केंद्र की योजना वाटर सेट परियोजना से 2 तालाब बनाए जा रहे हैं एक काम लगभग 6 महीने पहले बनाया गया था जो बरसात में फूट चुका था परंतु ठेकेदार ने रिपेयरिंग करके उसे ठीक कर दिया अभी भी लीकेज है जिसमें पानी नहीं रुक रहा है उसी ठेकेदार को दूसरा तालाब का निर्माण का ठेका फिर मिला है
लीकेज का प्रमुख कारण है यहां पर जो पत्थर सफेद पत्थर से पिचिंग कार्य किया गया वह छुई पत्थर है जो कच्ची दीवारों में पुताई के काम आता है छुई पत्थर के लगने के कारण तालाब में सब का रिसाव कारण बना हुआ है
दूसरे निर्माणाधीन तालाब में भी उसी पत्थर का प्रयोग किया जा रहा है जिससे वह भी लीकेज होगा।
आपको बता दें कि महाराजा नरवर शाह, डेलन शाह ने भारत की आजादी के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया था आज उनके गांव में पानी की पीने की व्यवस्था सरकार नहीं कर पा रही है जैसे तैसे तालाब खुदे ही जा रहे हैं वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते जा रहे हैं।
22 लाख की लागत से बनाए जा रहे दोनों तालाबों की राशि 4400000 होगी परंतु वह ठेकेदारी की मनमानी के कारण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रही है।
पिचिंग कार्य में काला पत्थर का उपयोग किया जाना था परंतु ठेकेदार ने मिलीभगत से छुई वाला पत्थर का प्रयोग कर तालाब बना दिए हैं जिससे रिसाव का कारण बना हुआ है और ढिलवार गांव में पानी की समस्या आजादी के बाद से बनी हुई है
विगत दिनों नवागत कलेक्टर ने भी इस तालाब का निरीक्षण किया था परंतु ठेकेदार ने कलाकारी करते हुए जहां रिसाव हो रहा था और पर मिट्टी डलवा दी थी जिस कारण कलेक्टर की नजर इस लीकेज पर नहीं पड़ पाई।

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