ज्योतिष

आज का पंचांग रविवार, 25 दिसम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 25 दिसम्बर 2022

भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष माह
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : द्वितीया – 08:24 ए एम तक तृतीया – 04:51 ए एम, दिसम्बर 26 तक चतुर्थी
✏️ तिथि स्वामी : द्वितीया (दूज) के देवता हैं ब्रह्मा। इस तिथि में ब्रह्मा की पूजा करने से मनुष्य विद्याओं में पारंगत होता है। यह शुभदा तिथि है।
💫 नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा 23:24 PM तक उपरान्त श्रवण नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी : उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। इसका प्रथम चरण भेनाम से धनुराशि में आता है। राशि स्वामी गुरु है तो नक्षत्र स्वामी सूर्य है।
📢 योग : व्याघात – 12:59 ए एम, दिसम्बर 26 तक हर्षण
प्रथम करण : कौलव – 08:24 ए एम तक तैतिल – 06:36 पी एम तक
द्वितीय करण : गर – 04:51 ए एम, दिसम्बर 26 तक वणिज
🔥 गुलिक कालः- रविवार का शुभ गुलिक काल 12:19:00 P.M से 01:57:00 P.M बजे तक।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🤖 राहुकाल : रविवार का अशुभ काल 04:13 पी एम से 05:31 पी एम राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:47:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:13:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:22 ए एम से 06:17 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:49 ए एम से 07:11 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:01 पी एम से 12:42 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:04 पी एम से 02:46 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:21 पी एम से 05:45 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:31 पी एम से 06:53 पी एम
💧 अमृत काल : 01:44 पी एम से 03:08 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:54 पी एम से 12:49 ए एम, दिसम्बर 26
🌸 त्रिपुष्कर योग : 07:11 ए एम से 08:24 ए एम
सर्वार्थ सिद्धि योग : 07:11 ए एम से 07:21 पी एम
❄️ रवि योग : 07:21 पी एम से 07:12 ए एम, दिसम्बर 26
☀️ व्याघात योग – आज रात 12 बजकर 59 मिनट तक
💥 यायीजय योग – आज सुबह 8 बजकर 24 मिनट से शाम 7 बजकर 21 मिनट तक
☄️ उत्तराषाढ़ा नक्षत्र – आज रात 7 बजकर 21 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में केसर भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – त्रिपुष्कर योग, तुलसी दिवस, श्री अटल बिहारी वाजपेयी जन्म दिवस, भू.पू. राष्ट्रपति ज्ञानी ज़ैल सिंह पुण्य तिथि, क्रिसमस – यह ईसाई धर्म का एक उत्सव है, जो 24 दिसंबर की पूर्वसंध्या पर आरंभ होता है, सुशासन दिवस, भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन कारी मुख़्तार अहमद अंसारी जयन्ती, मदन मोहन मालवीय जन्म दिवस, साहित्यकार धर्मवीर भारती जन्म दिवस, भारत के अंतिम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजागोपालाचारी पुण्यतिथि, मुस्लिम जमादिल आखिर मासारंभ
✍🏽 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी हैं। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🍃 Vastu tips 🏚️
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व है। वास्तु शास्त्र के अनुसार माना जाता है कि घर में सही दिशा में तुलसी का पौधा लगाने से सकारात्मक ऊर्जा अधिक प्रवाहित होती है। इसके साथ ही पूरे परिवार के संकटों को हर कर खुशियां ही खुशियां लाती हैं। घर में तुलसी का पौधा लगाने से मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती हैं।
शास्त्रों के अनुसार, आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु वास करते हैं। इसलिए नियमित रूप से इनकी पूजा करना शुभ माना जाता है। वहीं वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में आंवले का पेड़ लगाने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इसलिए आप चाहे, तो घर की उत्तर या पूर्व दिशा में इस पेड़ को लगा सकते हैं। इससे शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य दरवाजे के बाएं कोने में अशोक का पेड़ लगाने से धन लाभ होता है। इसके साथ ही मां लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त होती है। माना जाता है कि जिस घर के आसपास अशोक का पेड़ होता है वहां बुरी शक्तियों का वास नहीं होता है। अशोक का पेड़ मानसिक और शारीरिक ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
क्रोध से बचने के उपाय :
एकांत में आर्तभाव से व सच्चे ह्रदय से भगवान से प्रार्थना कीजिये कि ‘हे प्रभो ! मुझे क्रोध से बचाइये |’
जिस पर क्रोध आ जाय उससे बड़ी नम्रता से, सच्चाई के साथ क्षमा माँग लीजिये |
सात्त्विक भोजन करे | लहसुन, लाल मिर्च एवं तली हुई चीजों से दूर रहें | भोजन चबा-चबाकर कम-से-कम 25 मिनट तक करें | क्रोध की अवस्था में या क्रोध के तुरंत बाद भोजन न करें | भोजन से पूर्व हास्य-प्रयोग करने को कहते थे | अपने आश्रमों में भी भोजन से पूर्व हास्य-प्रयोग किया जाता है, साथ ही आचार्य श्री गोपी राम की कुछ पंक्तियों का पाठ और जयघोष भी किया जाता है | इस प्रकार रसमय होकर फिर भोजन किया जाता है | इस प्रयोग को करने से क्रोध से सुरक्षा तो सहज में ही हो जाती है और साथ-ही-साथ चित्त भगवद आनंद, माधुर्य से भी भर जाता है |
🫓 आरोग्य संजीवनी 🥘
फास्ट फूड खाने से बचें आपको सर्दियों में फास्ट फूड या सड़कों पर बिकने वाले फास्ट फूड के सेवन से भी बचना चाहिए। इनमें तेल और मसाले का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है, जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का काम करते हैं। इन्हें खाने से आपकी डायबिटीज भी बढ़ सकती है।
तली-भुनी चीजें न खाएं सर्दियों में आपको ब्रेड पकौड़ा, समोसा जैसी तली -भुनी चीजें नहीं खानी चाहिए। ये सभी चीजें बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का काम करती हैं। जिससे आपकी तबियत बिगड़ सकती है और आप अस्पताल पहुंच सकते हैं।
मीठी चीज़ों को बिलकुल भी न खाएं ठंड के मौसम में मीठी चीजें खाने का ज्यादा मन करता है। लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं, जो बॉडी में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का काम करती हैं। लिहाजा आपको चाय-कॉफी, आइसक्रीम और पेस्ट्री का सेवन कम से कम करना चाहिए। इनके सेवन से शरीर में ट्राइग्लिसराइज का लेवल बढ़ने से खतरा बढ़ जाता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
कई बार जीवन में ऐसा वक्त आता है जहां हमारी नीतियों की आवश्यकता होती है, संसार में हर एक व्यक्ति अलग होता है, सबके विचार एक जैसे नहीं रहते इस वजह से आपसी मतभेद होते है, और अपने ही दुश्मन बन जाते है, ऐसे में अगर आपको दुश्मनों पर जीत हासिल करनी है, तो इसके लिए हमारी नीति बहुत कारगर साबित होगी। तो आइए जानते है आखिर अपने दुश्मनों पर हम बिना किसी हथियार के जीत हासिल कर सकते है।
आपको बता दें कि दुश्मनों पर विजय प्राप्त करने के लिए एक बेहद अचूक नीति बताई है। जिसे अपनाकर शत्रुओं को कड़ा सबक सिखाया जा सकता है। हमारे कहने के अनुसार, दुश्मन को सजा देने का ये ऐसा तरीका है जिसका कोई तोड़ नहीं। जी हां हमारी एक ऐसी निति है जिससे आप अपने दुश्मन से बिना लड़ाई किये जीत हासिल कर सकते है।
ऐसे हासिल करें जीत हम सब जानते है कि हमारे जीवन में कई बार ऐसा मौका आता है जब कोई अपना हमें धोखा देता है। जो हमारे पीठ पीछे वार करता है। ऐसे हालात में होता यह है कि व्यक्ति अपने करीबियों को सजा नहीं दे पाता क्योंकि वो दिल के करीब होते हैं। ऐसे मौकों पर सबक सिखाना है और बदला लेना है तो उसके सामने हमेशा अपना मिजाज खुश रखिए, बड़े ख़ुशी से पेश आएं। जी हां खुद खुश रह कर, ऐसा करके आप उसे जिंदगी भर की सजा दे सकते हैं।
इस कथन के जरिए बताया है कि दुश्मन कितना ही ताकतवर क्यों न हो अगर वो आपको पीड़ा दे रहा है तो उसके सामने खुश चाहिए। आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार दुश्मन के लिए ये ऐसी सजा है जिसका कोई इलाज नहीं। जिससे आप अच्छे तरीके से अपने दुश्मन से भी आगे निकल जाएंगे, और बिना कुछ किए ही आपका दुश्मन हार जायेगा।
बिना हथियार करें वार आपको बता दें कि दुश्मन पर जीत हासिल करने का ये अचूक उपाय है। जैसा की हमने आपको पहले ही बताया कि जिसमें न किसी हथियार की जरूरत है न ही सहयोगियों की। आप अकेले ही खुश रहकर विरोधियों को ऐसा दर्द देंगे जो सीधे उसके कलेजे पर वार करेगा, जो इस वजह से उसपर बहुत गहरा फर्क पड़ेगा
जीवन को मिलेगी सकारात्मकता इस बारे में तो हम सब जानते है कि विरोधी अपनी दुश्मनी निकालने के लिए सदा व्यक्ति को तकलीफ में देखना चाहता है लेकिन अगर आप उसके सामने हर परिस्थिति में खुश रहने की कोशिश करेंगे तो ये उसके मुंह पर करारा तमाचा होगा। साथ ही हंसते-हंसते परेशानी का हल निकालान भी आपके लिए आसान हो जाएगा क्योंकि इससे विरोधी के हौसले पस्त हो जाएगा और ये उसके लिए सबसे बड़ी सजा होगी, इस तरह आपको भी जीवन जीने की सकारात्मक नजरियां मिलेगा और आप हमेशा खुश रहोगे।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।
शास्त्र कहता है, द्वितीया तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उस व्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है। इस तिथि के जातक का मन किसी की खुशी को देखकर आमतौर पर खुश नहीं होता, बल्कि उनके प्रति ग़लत विचार रखता है। इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना बहुत ही कम होती है तथा यह किसी की भलाई तभी करते हैं जबकि उससे अपना भी लाभ हो। ये परायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हें अपमानित भी होना पड़ता है।

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