विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही सन्त रविदास जयंती का किया स्वागत, की गई पुष्प वर्षा
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । तेन्दूखेड़ा भारत वर्ष शुरू से ही ऋषियो ओर सन्तो का देश कहा जाता है। हमारी सभ्यता और संस्क्रति के जनक एवम रचयिता यही सन्त मुनि थे और उन्ही के बनाये गए नियम कायदों को आज भारत ही नही बल्कि दुनिया की जनता अनुसरण करती है। भारत मे कई सन्त हुए और उनको हम समय समय पर याद करते हैं उनकी जयंती मनाते हैं। 5 जनवरी 23 को सन्त शिरोमणि रविदास जी की जयंती हैं और सम्पूर्ण भारत वर्ष में हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। सन्त शिरोमणि जी को याद करते हुए अहिरवार समाज एवम अन्य द्वारा बड़े हर्षोल्लास, एवम बाजे गाजे के साथ जयंती मनाई गई है। नगर तेन्दूखेड़ा में सन्त शिरोमणि रविदास जी को याद किया गया उनके विषय बस्तु को जीवन मे अंकित करने का संकल्प लिया । रविदास भारत में 15वीं शताब्दी के एक महान संत, दर्शनशास्त्री, कवि, समाज- सुधारक और ईश्वर के अनुयायी थे। वो निर्गुण संप्रदाय अर्थात् संत परंपरा में एक चमकते नेतृत्वकर्ता और प्रसिद्ध व्यक्ति थे तथा उत्तर भारतीय भक्ति आंदोलन को नेतृत्व देते थे। ईश्वर के प्रति अपने असीम प्यार और अपने चाहने वाले, अनुयायी, सामुदायिक और सामाजिक लोगों में सुधार के लिये अपने महान कविता लेखनों के जरिये संत रविदास ने विविध प्रकार की आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश दिये।
वो लोगों की नजर में उनकी सामाजिक और आध्यात्मिक जरुरतों को पूरा करने वाले मसीहा के रुप में थे। आध्यात्मिक रुप से समृद्ध रविदास को लोगों द्वारा पूजा जाता था। हर दिन और रात, रविदास के जन्म दिवस के अवसर पर तथा किसी धार्मिक कार्यक्रम के उत्सव पर लोग उनके महान गीतों आदि को सुनते या पढ़ते है। उन्हें पूरे विश्व में प्यार और सम्मान दिया जाता है हालाँकि उन्हें सबसे अधिक सम्मान उत्तर प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्रा में अपने भक्ति आंदोलन और धार्मिक गीतों के लिये मिलता था।
आज सुबह अहिरवार समाज के सभी सदस्यों ने नगर के प्रमुख मार्गों से जुलूस रैली निकाली और इस शोभा यात्रा को नगर के सभी वर्गों का समर्थन मिला। तेन्दूखेड़ा के बजरंग दल ने शोभा यात्रा के सदस्यों का स्वागत किया गया उन्हें पानी पिलाया तथा जुलूस पर पुष्प वर्षा की गई। बजरंग दल द्वारा इस शोभायात्रा का विशेष सम्मान समारोह तारादेही तिगड्डे पर किया गया।



