शिव के कल्याणकारी स्वरुप का तात्विक दर्शन, शिवपुराण में होता है: पंडित रेवाशंकर शास्त्री
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
सिलवानी । सिमरिया गांव में चल रहे शिव महापुराण के छटवे दिवस को व्यासपीठ से पंडित रेवाशंकर शास्त्री ने कहा कि शिव महापुराण की कथा श्रवण से भगवान शिव के कल्याणकारी स्वरूप का तात्विक ज्ञान प्राप्त होता है। भगवान शिव आदि देव हैं जिनके जिनके पुराण की कथा सुनने से हमें उनकी कृपा प्राप्त होती है भगवान शिव का जो तात्विक स्वरूप है वह निराकार सत्ता का प्रतीक हैै। श्री शास्त्री जी ने बताया कि शिव पुराण की कथा सुनने से मानव जीवन से पाप नष्ट होते हैं और संस्कारों की प्राप्ति हो जाती है। प्रयाग में एक ब्राह्मण ने भगवान शिव की कथा श्रवण करने से शिवलोक को प्राप्त कर लिया था। एक बार ब्राह्मण ज्वर से पीड़ित था और उसने अपने पुण्य वश भगवान शिव की कथा श्रवण कर ली, और जब उसको यमदूत लेने आए तो उसी समय भगवान शिव के गण भी वहां पर आ गए और उस ब्राह्मण को शिवपुराण की कथा सुनने के परिणाम स्वरुप शिवलोक ले गए। उन्होने कहा कि शिव पुराण की कथा श्रवण से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। और व्यक्ति निर्विकार रूप से सत मार्ग की ओर उन्मुख हो जाता है भगवान शिव के भक्त उनके प्रतीक चिन्ह शिवलिंग का पूर्ण श्रद्धा भाव से करें तो उसे शिव कृपा प्राप्त होती है साथ ही रुद्राभिषेक और पंचाक्षर मंत्र का जाप समस्त कामनाओं की पूर्ति करते हैं भगवान शिव को सत्य भाषण बहुत पसंद है वह सत्य
भाषी व्यक्ति को अपना प्रिय मानते हैं संसार में सदाचार पूर्वक जीवन जीना चाहिए। कथा श्रवण करने बड़ी संख्या में श्रद्वालु पहुचं कर कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे है। कथा के प्रारंभ में श्रद्वालुओ के द्वारा व्यास गादी की पूजा अर्चना की गई। छटवे दिवस की कथा समापन के अवसर पर आरती की जाकर कथा का समापन किया गया।



