डीईओ कार्यालय में ही कई शिक्षक अटैच, योजना प्रभारी बनकर काट रहे चांदी

अधिकारी बोले अटैचमेंट प्रथा समाप्त तो फिर शिक्षक स्कूलों में तैनात क्यों नहीं
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । जिला शिक्षा विभाग में सालों से शिक्षकों का अटैचमेंट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है । डीईओ आफिस में हेड मास्टर से लेकर कई शिक्षक अपने पढ़ाई का मूल कार्य छोड़कर अटैचमेंट में लिप्त है । वहां कोई बाबू गिरी तो कोई योजना प्रभारी बनकर सालों से कुर्सियों पर जमे हुए हैं। जबकि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अटैचमेंट प्रथा खत्म हो गई है । शिक्षक स्कूलों में पढ़ाई देख रहे हैं तो जिला शिक्षा अधिकारी में ऐसे कितने शिक्षक हेड मास्टर हैं जो बाबूगिरी का काम कर रहे हैं। उनकी कार्य की असलियत का चेहरा उजागर होता नजर आ रहा है।
बरखेड़ा सेतु ब्लॉक ओबैदुल्लागंज के हेड मास्टर अरुण गोयल सालों से जिला शिक्षा विभाग में विद्या एवं विधि के प्रभारी बने हुए हैं जिससे बरखेड़ा सेतु स्कूल का पढ़ाई कार्य प्रभावित हो रहा है। जिससे छात्रों का भविष्य अंधकार में बना हुआ है। पीटीआई राजेश यादव गैरतगंज के स्कूल में पदस्थ हैं । कीड़ा अधिकारी बनकर चांदी काट रहे हैं । बड़े बाबू सुनील सक्सेना, शिवनारायण अहिरवार पेंशन प्रभारी सुधीर बिलोरे स्काउट प्रभारी, अन्वेष अन्नू सक्सेना प्राथमिक शाला सालेगढ़ में पदस्थ है। लेकिन सालों से शिक्षा विभाग में बाबूगिरी कर रहे हैं । इसी तरह प्रमोद सक्सेना सुल्तानगंज स्कूल में पदस्थ है सेवाऐं शिक्षा विभाग में दे रहे हैं।
खत्म नहीं हो रहा अब डाउन का रोग…..
जिला शिक्षा विभाग रायसेन में बाबू बने शिक्षकों के अपडाउन का रोग खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। यहां बरसों से हेड मास्टर से लेकर प्राचार्य और शिक्षक बाबू गिरी का काम संभाले हुए हैं । ऐसे में सरकारी स्कूलों का गिरता शिक्षा का स्तर इनकी मनमानी और लापरवाही को उजागर करता है। जिम्मेदार अधिकारी भी खामोश बने हुए हैं। वह इनके आगे नतमस्तक बने हुए हैं जबकि नियमानुसार इन शिक्षकों का अटैचमेंट समाप्त कर इनके पढ़ाई कैसे मूल कार्य की जिम्मेदारी देना चाहिए।
इस संबंध में एमएल राठौरिया डीईओ रायसेन का कहना है कि शासन के आदेश पर जल्द ही शिक्षकों के अटैचमेंट को समाप्त कर उनके मूल कार्य सौंपे जाएंगे।स्टाफ की कमी की वजह से योजनाओं का प्रभारी बनाया गया है।



