एमपी के पूर्व मंत्री राजा पटेरिया पर जांच में बढ़ीं धाराएं, निरस्त करने का आवेदन खारिज
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में आरोपित कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री राजा पटेरिया पर जांच के दौरान बढ़ाई गईं धाराएं निरस्त करने का आवेदन एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने खारिज कर दिया है उनके वकील ने कोर्ट से इन धाराओं को निरस्त किए जाने की मांग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आवेदन खारिज कर दिया। मामले में अगली सुनवाई पांच जुलाई को होगी।बता दें कि कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ग्रामीण क्षेत्र में एक बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर टिप्पणी की थी। उन्होंने पीएम का नाम लेकर कहा कि लोगों को धर्म, जाति और भाषा के नाम पर बांटेंगे अल्पसंख्यकों और आदिवासियों का भविष्य संकट में है
अगर आप संविधान को बचाना चाहते हैं तो मोदी की हत्या के लिए तैयार रहें। हालांकि विवाद बढ़ने पर पूर्व मंत्री ने हत्या की बात को राजनीतिक हत्या बताते हुए चुनाव में हराने की बात कही थी। उन्होंने खुद को महात्मा गांधी की अहिंसा की विचारधारा का पालन करने वाला नेता भी बताया था। इस मामले में वह जमानत पर हैं। शासन की ओर से एजीपी जगदीश शाक्य ने पैरवी कर पक्ष रखा। इसके बाद कोर्ट ने पूर्व मंत्री का आवेदन खारिज कर दिया।



