आजीविका मिशन के समूह से जुड़कर महिलाएं रच रही इतिहास
आजीविका मिशन के समूह से जुड़कर महिलाएं रच रही इतिहास
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबेरा । मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के समूह से जुड़कर महिलाएं अपनी जिंदगी में ला रही बदलाव कम समय में ही 40 स्कूलों को पहुंचाई यूनिफॉर्म।
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य शासन द्वारा आजीविका मिशन विभाग का गठन किया गया था और शासन की उस मंसा को आजीविका मिशन जबेरा साकार कर रहा है। जिसके अंतर्गत संचालित स्व सहायता समूह से जुड़कर समूह की महिलाएं निरंतर लगन से कार्य कर इतिहास रच रही हैं। अभी हाल ही में शासन द्वारा आजीविका मिशन जबेरा के अंतर्गत संचालित समूहों को प्राइमरी स्कूलों की कक्षा 1 से लेकर 4 तक एवं मिडिल स्कूलों में कक्षा 6 वी के छात्रों को करीब 203 स्कूलों की यूनिफॉर्म बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। जिस कार्य को समूह की महिलाओं ने उत्साह एवं लगन के साथ करते हुए अल्प समय में ही करीब 40 स्कूलों में यूनिफॉर्म बनाकर सौंप दी हैं। जिनमें मुख्य रूप से कोड़ाकला, सगोड़ीकला, गुबराकला, गुबराकला, प्राइमरी सगोड़ीखुरद, पटनाकुआं, हरदुआ, सिंगौरगढ़, अमदर, सिंगपुर , सहसना, सहसना प्राइमरी, कुसमी, मानगढ़, झादा, मानगढ़, बडेरा, बोदा, मानगढ़ प्राइमरी, पटनाकुआं प्राइमरी सहित करीब 40 प्राइमरी एवं मिडिल स्कूलों में समूह की महिलाओं द्वारा कम समय में ही यूनिफॉर्म बनाकर पहुंचाई जा चुकी हैं और अन्य स्कूलों के लिए यूनिफॉर्म बनाने का कार्य समूह की महिलाओं द्वारा निरंतर किया जा रहा है। जबकि जिले के अन्य विकास खंडों के स्कूलों में यूनिफॉर्म वितरण का कार्य अभी शुरू भी नहीं हुआ है। आजीविका मिशन जबेरा के अंतर्गत संचालित स्व सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं लगन से कार्य कर आत्मनिर्भर तो बन ही रही हैं साथ ही शासन के उस सपने को भी साकार कर रही हैं जिस उद्देश्य आजीविका मिशन विभाग शासन द्वारा शुरू किया गया था।
समूह की महिलाओं द्वारा अपने कार्य के प्रति लगन शीलता पर प्रशंसा जाहिर करते हुए आजीविका मिशन जबेरा ब्लॉक प्रबंधक आशुतोष तिवारी बताते हैं कि समूह की दीदियों द्वारा लगन और जिस आत्मविश्वास के साथ कार्य किया जा रहा है वह बहुत ही सराहनीय है अभी हाल ही में शासन द्वारा आजीविका मिशन जबेरा के अंतर्गत संचालित समूहों को प्राइमरी एवं मिडिल स्कूलों की यूनिफॉर्म बनाने की जिम्मेदारी समूह की दीदियों को सौंपी गई थी। जिस कार्य को दीदियों द्वारा पूरी लगन के साथ करते हुए कम समय में ही करीब 40 स्कूलों में यूनिफॉर्म बनाकर पहुंचाई जा चुकी है जिनकी पावती की जानकारी दे दी गई है और अन्य स्कूलों में यूनिफॉर्म पहुंचाने का कार्य दीदियों द्वारा निरंतर किया जा रहा है।
वही बीआरसीसी प्रमेन्द्र बैघ ने बताया कि आजीविका मिशन जबेरा के समूह द्वारा 37 प्राइमरी एवं मिडिल स्कूलों में यूनिफार्म पहुंचाने की जानकारी प्राप्त हो चुकी है और अन्य स्कूलों में शीघ्र यूनिफॉर्म पहुंचाने की बात विभाग द्वारा कही जा रही है। आजीविका मिशन द्वारा संचालित गतिविधियां ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही हैं जिससे जुड़कर वह आत्मनिर्भर और स्वाबलंबी ही नहीं बन रही बल्कि वह पुरुषों से कंधा से कंधा मिलाकर हर कार्य में सहभागिता निभा रही हैं। कम समय में ही 40 स्कूलों को पहुंचाई यूनिफॉर्म।



