ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 27 अक्टूबर 2023

ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – आश्विन मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि, :- त्रियोदशी 6.56 AM तक तत्पश्चात चतुर्दशी
✏️ तिथि के स्वामी – त्रियोदशी तिथि के स्वामी कामदेव जी और चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलनाथ जी है ।
💫 नक्षत्र : उत्तर भाद्रपद 9.25 AM तक तत्पश्चात रेवती
🪐 नक्षत्र के स्वामी :– उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के देवता अहिर्बुंधन्य देव, स्वामी शनि देव जी एवं वहीं राशि स्वामी गुरु है ।
🔕 योग : हर्षण – 02:02 ए एम, अक्टूबर 28 तक
प्रथम करण : तैतिल – 06:56 ए एम तक
द्वितीय करण : गर – 05:35 पी एम तक वणिज – 04:17 ए एम, अक्टूबर 28 तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:23:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:37:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:47 ए एम से 05:38 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:12 ए एम से 06:29 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:42 ए एम से 12:27 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:57 पी एम से 02:41 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:40 पी एम से 06:06 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:40 पी एम से 06:57 पी एम
💧 अमृत काल : 05:18 ए एम, अक्टूबर 28 से 06:47 ए एम, अक्टूबर 28
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:39 पी एम से 12:31 ए एम, अक्टूबर 28
सर्वार्थ सिद्धि योग : 09:25 ए एम से 06:30 ए एम, अक्टूबर 28
🌊 अमृत सिद्धि योग : 09:25 ए एम से 06:30 ए एम, अक्टूबर 28
❄️ रवि योग : 09:25 ए एम से 06:30 ए एम, अक्टूबर 28
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-देवी मंदिर में बताशे चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/अमृत योग/मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना स्मृति दिवस, (भारतीय थल सेना के तृतीय थल सेनाध्यक्ष) एस. एम. श्रीनागेश शहीद दिवस, (महावीर चक्र’ सम्मानित) ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह स्मृति दिवस, प्रसिद्ध स्वतन्त्रता सेनानी विट्ठलभाई पटेल जयन्ती, मुग़ल शासक अकबर स्मृति दिवस, राजा राममोहन राय पुण्य तिथि, पार्श्वगायक महेन्द्र कपूर पुण्य तिथि, दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस, राष्ट्रपति के. आर. नारायण जयन्ती, पंचक जारी, पूर्णिमा प्रारंभ उ.रात्री 04 .17, मूल प्रारंभ
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🏜️ Vastu tips 🗽
वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि घर की तरक्की नहीं हो पा रही है और आप आर्थिक सफलता नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं। तो बस एक सरल सा उपाय अपना कर आप अपने घर की स्थिती को बेहतर बना सकते हैं। एक घड़ी के माध्यम से भी आप अपने घर का वास्तु दोष दूर कर सकते हैं। आइये जानते हैं आचार्य इंदु प्रकाश से कि घर में घड़ी किस आकृति की लगानी चाहिए। किस तरह की घड़ी लगाने से घर में अच्छा माहौल बना रहता है।
वास्तु अनुसार इस जगह लगाएं घड़ी
घर की दीवार पर पेंडुलम वाली घड़ी लगाने से लाभ होता है। दीवार पर पेंडुलम वाली घड़ी लगाने से समय अच्छा बना रहता है और जीवन से तकलीफें दूर होती हैं। पेंडुलम वाली घड़ी को घर के ड्राइंग रूम में लगाना चाहिए। इसके साथ ही घड़ी का सही आकार होना भी जरूरी है।
इस आकार की लगानी चाहिए घड़ी
वास्तु शास्त्र के अनुसार गोल, चौकोर, अंडाकार या आठ व छः भुजाओं वाली घड़ी लगानी चाहिए। इससे सकारात्मकता बढ़ती है। इसलिए घड़ी खरीदते समय घड़ी के आकार का पूरा ध्यान रखें।
⏹️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
क्या अमावस्या की रात को कुछ लोग तंत्र मंत्र और जादू टोने टोटके करते हैं?
ॐ गुरवे नमः ,
अमावस्या की रात को कुछ लोग तंत्र मंत्र और जादू टोने टोटके करते हैं परन्तु सत्य इससे भी अधिक हैरान करनेवाली है. जिन्हे इस विद्या का ज्ञान है वो हर दिन इसके लिए प्रयत्नशील रहते हैं परन्तु दिवाली की रात ,जागरण की रात ,चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण के समय इसका प्रभाव शीघ्रता से होता है.तंत्र-मंत्र से पीड़ित लोग ऐसे दलदल में फँस चुके हैं उनकी रक्षा सिर्फ और सिर्फ ईश्वर ही कर सकता है. बहुत सारे लोगों को इसके बारे में मूलभूत बातें भी मालूम नहीं है क्योंकि हम पश्चिमी शिक्षा के प्रभाव में आकर अपने ऋषि-मुनियों के ज्ञान को पूरी तरह से भूल चुके हैं. अमावश्या और पूर्णिमा का आधार चन्द्रमा हैं और चन्द्रमा के मालिक शिव जी हैं और उनका सीधा सम्बन्ध तंत्र-मंत्र से है. इसलिए कुछ विशेष तिथि पर इस विद्या का अधिक अभ्यास किया जाता है,ये सत्य है. जिस प्रकार से एक व्यक्ति के लिए हर मनुष्य माँ-बाप के बराबर महत्त्वपूर्ण नहीं हो सकता ठीक उसी प्रकार से एक साधक के लिए हर तिथि समान रूप से उपयोगी नहीं होता है.
हर विद्या की तरह इस विद्या का भी सदुपयोग और दुरूपयोग किया जाता है इसलिए इसकी मूलभूत बातें जानना और सावधान रहना अनिवार्य है.
जय शिव-शक्ति!
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
खांसी के लिए पिप्पली का उपयोग कैसे करें-सूखी खांसी के लिए आपको रात में सोते समय इसका सेवन करना है। आपको करना ये है कि पिप्पली को पीसकर इसे शहद में मिला लें। फिर इसका सेवन करें और हल्का सा गर्म पानी पीकर सो जाएं। आप महसूस करेंगे कि 3 से 5 दिन में ये स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल में होगी।
गीली खांसी में-एक कप गुनगुने पानी में 1 चम्मच पिप्पली पाउडर, हल्दी पाउडर, सोंठ पाउडर और 1 चम्मच शहद मिलाएं। अब इस हर्बल काढ़ा का सेवन करें। यह खांसी और कंजेशन से राहत देता है और श्वसन पथ से जमा कफ को हटाने में भी मदद करता है। तो, इस प्रकार से दोनों ही स्थितियों में पिप्पली का सेवन फायदेमंद है।
🪷 गुरु भक्ति योग 🌸
दिव्य शक्ति क्या होती है क्या इसे पाया जा सकता है?
एक बार राम कृष्ण परमहंस गंगा जी के किनारे बैठकर गंगा की लहरों का आनंद ले रहे थे। वहाँ अचानक एक लम्बी जटाओं वालासाधू आया ।
वह अचानक बोलने लगा कि हमने जो कुछ पाना था पा लिया। राम कृष्ण परमहंस जी को सुनाकर राम कृष्ण परमहंस जी सुनकर कहने लगे कि आप ने क्या पा लिया है। जरा हमें भी तो दिखाओ क्या पाया है आपने? वह बोला कि चरण पादुका पहनकर दरियाव पर पैदल आ जा सकते हैं। राम कृष्ण परमहंस बोले अच्छा!
जरा हमें भी चलकर दिखाओ। वह चरण पादुका पहनकर पैदल गंगा जी के एक छोर से दूसरे छोर और दूसरे छोर से पहले छोर आया। राम कृष्ण परमहंस जी ने साधू बाबा से पूछा यह सिद्धि आपको कितने दिनों में प्राप्त हुई है। साधू बाबा ने कहा कि 40 वर्ष में। राम कृष्ण परमहंस जी ने साधू बाबा को कहा कि 40 वर्ष में आपने 2 पैसे मात्र काम किया है। साधू बाबा बोले, वो कैसे?
राम कृष्ण परमहंस जी बोले 2 पैसे नाविक को देकर इस पार से उस पार और उस पार से इस पार आ जा सकते हैं। यदि 40 वर्ष मालिक की भक्ति करते तो मालिक का रूप बन जाते।
यदि मनुष्य समय के पूरण सद्गुरु की चरण-शरण ग्रहण करके पूर्ण श्रद्धा एवं निष्काम भाव से सेवा करके उनकी प्रसन्नता प्राप्त कर लेता है। उनके हुक्म मौज में चलकर दो बार सतनाम का सौदा कर लेता है। वह श्री कृष्ण जी, कबीर दास एवं श्री गुरु नानक देव जी की तरह समय का परमात्मा बनकर सृष्टि का मालिक बन जाता है।
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।।

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