धार्मिक

अहंकार विनाश का कारण है भगवान कथा मनुष्य को अहंकार रहित जीवन जीने कला सिखाती है : पं मुकेश मिश्रा

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबेरा । जनपद पंचायत जबेरा अंतर्गत आने वाले ग्राम गूढ़ा जरुआ चल रही संगीत मय साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा दूसरे दिवस कथा वाचक पंडित मुकेश मिश्रा मयंक अजब धाम महाराज जी ने कहा कि अहंकार विनाश का कारण है भगवान कथा मनुष्य को अहंकार रहित जीवन जीने की कला सिखाती है। ऐसे में सभी को इसे रूचि के साथ सुनकर समझने व अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। वाचक पंडित मुकेश मिश्रा ने कहा श्रीमद्भागवत कथा ऐसी कथा हैं जो जीवन के उद्देश्य एव दिया को दर्शाती है। श्रीमद्भागवत भागवत कथा जहां भी होती हैं वहा के संपूर्ण क्षेत्र में नकारात्मक माहौल का नाश होता सकारात्मक उर्जा सशक्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब इसे हम अपने जीवन और व्यवहार में धारण करें। श्रीमद्भागवत कथा के श्रावण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक आध्यात्मिक विकास होता है। इस दौरान उन्होंने कई धार्मिक प्रसंग सुनाएं। जिन्हें सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए ।
मुख्य यजमान तुलसा बाई, गुलाव सिंह, सुद्दो बाई सौरव सिंह, जानकी बाई सहित बड़ी संख्या श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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