गर्मी से पत्नी की मौत, दाह-संस्कार के पैसे नहीं, बोरी में फेंका

इंदौर । बीमार वृद्धा को गरीबी और गर्मी ने मौत की नींद सुला दी। लाचार पति इतनी तंगी में था कि उसके पास अंतिम संस्कार के भी पैसे नहीं थे। वह तीन दिन तक पत्नी के शव को घर में रखे रहा। बदबू आने लगी तो बोरी में शव भरकर बाहर छोड़ गया। पढ़ने और सुनने में आज भी ऐसी दास्तां थोड़ी अजीब लगती है, लेकिन यह सच है।
बड़वानी के इस दपंती के साथ ऐसा ही हुआ। इंदौर के चंदन नगर स्थित अहमदनगर में पुलिस को बोरी में शव मिला तो पति से पूछताछ हुई। इसके बाद उसका दर्द सामने आ गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गार्डन में पछता रहा था, पुलिस ले गई
एडिशनल डीसीपी आनंद कुमार यादव ने बताया, शव को छोड़कर मदन राज मोहल्ला के गार्डन में बैठा था। वह पछता रहा था। वह मानसिक रूप से कमजोर है। पत्नी का अंतिम संस्कार भी वह नहीं कर सका। वृद्धा का लिवर खराब मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।


