अधिकारियों की मिली भगत से क्षेत्र में चल रहा अवैध उत्खनन

सूचना देने के बाद भी अधिकारी नहीं कर रहे कार्यवाही
रिपोर्टर : मधुर राय
बरेली। वर्तमान में नगर एवं क्षेत्र में खनन माफियाओं के द्वारा बड़े स्तर पर अवैध रूप से क्षेत्र के नदी नालों और तालाबों में अवैध उत्खनन लगातर जारी है।
बता दे कि लगभग एक माह से नगर के समीप ग्राम किनगी के तालाब में गहरी करण के नाम पर जेसीबी से प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों से मिट्टी निकाली जा रही है।
जिस खनन माफिया के द्वारा क्षेत्र में ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है। इस होने वाले अवैध उत्खनन कि जब मीडिया को इसकी जानकारी लगी तो मीडिया टीम ग्राम किनगी के तालाब में पहुंची और देखा कि अवैध उत्खनन माफिया शिवम राय की जेसीबी ग्राम किनगी के तालाब में खुदाई कर ट्रालियों को मिट्टी से भर रही है । वहीं लगभग शिवम राय के ही एक दर्जन से ज्यादा ट्रैक्टर चल रहे हैं ।
इस तालाब में किए जाने वाले नियम विरुद्ध और अवैध रूप से खुदाई के चलते ग्राम किनगी का तालाब इतना गहरा हो गया कि मौत का कुआं कहे तो यह कहना भी गलत नहीं होगा क्योंकि गहराई इतनी ज्यादा हो गई है अगर बारिश में तलाब के किनारे सड़क से कोई भी व्यक्ति या जानवर या बच्चा इसमें गिर जाए तो बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता । जब हमने इस संबंध में बरेली एसडीएम और तहसीलदार से बात की तो एसडीम संतोष मुद्गल द्वारा पहले तो फोन रिसीव नहीं किया गया फिर दोबारा फोन लगाया तो बोले की मैं अभी किसी को पहुंचता हूं और दिखवाता हूं फिर हमने तहसीलदार को फोन किया तहसीलदार अंबर पंथी बोले अभी मैं किसी को भेजता हूं लेकिन यह है पहली बार नहीं है कि हमने इस अवैध उत्खनन की अधिकारियों को जानकारी दी है । दूसरी बार यह जानकारी दी गई है लेकिन अवैध उत्खनन कर रहे माफिया तक यह जानकारी कैसे पहुंच जाती है यह तो हमारे द्वारा अधिकारियों को दी गई जानकारी वाले अधिकारी ही बता सकते हैं लेकिन यह अवैध उत्खनन अधिकारियों की मिलीभगत से ही चल रहा है यह हम इसलिए कह रहे हैं कि हमारी मीडिया की टीम लगभग डेढ़ से 2 घंटे अधिकारियों का आने का इंतजार करती रही लेकिन कोई भी अधिकारी नहीं आया और अवैध उत्खनन माफिया तक यह खबर पहुंच गई तो अवैध उत्खनन माफिया ने अपनी जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर को ले जाकर कहीं छुपा दिए अब देखना यह होगा कि अवैध उत्खनन माफिया शिवम राय पर यह अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं या ले देकर मामले को रफा दफा कर दिया जाएगा।



