मध्य प्रदेश

ज्यादा दाम में धड़ल्ले से बेची जा रही शराब

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया        

उमरियापान ।  मध्यप्रदेश सरकार ने सभी शराब दुकानों से शराब बिक्री होने पर बिल देना अनिवार्य कर दिया है। बावजूद इसके ग्रामीण क्षेत्र की शराब दुकानों में शासन के आदेश को लागू कराने में आबकारी विभाग का पसीना छूट रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की शराब दुकानों में न तो रेट लिस्ट लगी है और न ही बिल दिया जा रहा है। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार  ढीमरखेड़ा, सिलौड़ी एवं खमतरा शराब दुकान से आज भी एमआरपी रेट से अधिक दामों पर शराब बेची जा रही है ।
शिकायतों का असर नहीं शुरा प्रेमियों ने बताया कि प्रदेश सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए शराब दुकानों में बिल अनिवार्य का आदेश तो जारी कर दिया, लेकिन इसे जमीनी स्तर पर लागू करवाने में आबकारी विभाग नाकाम साबित हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में शराब पीने वालों को हर ब्रांड की बोतल, हाफ-क्वार्टर खरीदने के लिए प्रिंट रेट से अधिक देना पड़ रहा है । शराब माफियाओं के सामने प्रशासनिक अधिकारी ही बेबस हैं, तो ग्राहक किससे शिकायत करे? शराब दुकान के कर्मचारी बिल ही नहीं देते हैं  मांगने पर कहते हैं कि ऊपर से बिल नहीं आ रहे हैं ।  परन्तु सवाल यह है की आबकारी विभाग कुंभकरण निद्रा में सो रहे हैं।  ढीमरखेड़ा, सिलौड़ी एवं खमतरा दुकान में रेट लिस्ट नहीं लगी।
जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद भी जांच पड़ी सस्ते- बस्ते में
लगातार क्षेत्र में अवैध शराब पैकारियों की शिकायत जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे द्वारा लगातार शिकायत की गई पर जांच पड़ी सस्ते-बस्ते में । जनपद अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने कलेक्टर अवि प्रसाद को पत्राचार करके ध्यान आकर्षित कराया था । जांच ना होने के कारण शराब माफियाओं के हौसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं। अवैध पैकारिया बंद न होने के कारण क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की भी किरकिरी हो रही है ।

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