समस्याओ से घिरा गौरझामर, मूलभूत सुविधाओं को तरसते नागरिक

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । जिला सागर व देवरी तहसील की सबसे बडी ग्राम पंचायत प्रमुख मुख्यालय व राजस्व निरीक्षक मंडल गौरझामर किसी पहचान या परिचय का मुहताज नही है देवरी विधान सभा व दमोह लोकसभा के अंतर्गत इस नगर की आबादी बीस हजार से ऊपर है इतने बडे नगर को आज भी समस्याओ से घिरा हुआ पाया जाता है
प्रमुख मार्गो की दुर्दशा : गौरझामर मे अनेक मार्ग ऐसे है जो आवागमन की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण लेकिन वह आज भी उपेक्षित व कच्चे पडे हुए है इनमे मेन रोड से पुलिस थाना के पीछे से बस स्टेन्ड व घुसयाना वार्ड को जाने वाला कुछ मीटर लम्बाई के इस मार्ग को अभी तक सीमेन्ट कंक्रीट से नही बनाया जा सका है परिणाम स्वरुप इस मार्ग से रोज आने जाने वाली सैकडो यात्री बसो व वाहनो को बेहद परेशान होना पड रहा है, इसी प्रकार एक और मार्ग जो मेन रोड से पुरानी ग्राम पंचायत तक जाता है आज भी उपेक्षित है।
शोपीस बनी अस्पताल : शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौरझामर मे कहने को तो चार चार डाक्टर पदस्थ है लेकिन उनकी सेवाये नियमित रुप से नही मिलने से अस्पताल शोपीस बनकर रह गई है।
श्मशान घाटो पर जलाऊ लकडी का अभाव : गौरझामर मे वैसे तो दो दो श्मशान घाट बने हुए है लेकिन किसी पर दाह संस्कार हेतु जलाऊ लकडी उपलब्ध नही है।
स्टीट लाइट के अधिकांश बल्व फ्यूज, नगर के प्रमुख मार्गो पर लगी स्टीट लाइट के अनेको बल्व फ्यूज पडे होने से लोगो को रात मे आने जाने मे परेशानी हो रही है ग्राम पंचायत फ्यूज बल्वो को शीध्र बदले।
मेनरोड पर नाली नही : मेन रोड पुराना एन एच 26 ,पर सडक के दोनो ओर पक्की नाली नही होने से बरसात का पूरा पानी सडक पर से बहने लगता है जिससे सडक नाला जैसी दिखने लगती है।
कन्या स्कूल भवन नही बना : शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या विद्यालय का पुराना भवन जर्जर होने के कारण उसके स्थान पर नया भवन बनाने हेतु शासन व्दारा करोडो रूपये स्वीकृत किये गये है लेकिन जबाबदारो की लापरवाही से नया भवन ठन्डे बस्ते मे पडा है।
असामाजिक तत्वो की गतिविधियां बढी : नगर मे इस समय बेलगाम होती जा रही कानून व्यवस्था के मद्देनजर असामाजिक तत्वो के हौसले बुलंदी पर देखे जाने पर नागरिको ने गम्भीर चिन्ता व्यक्त की है। चोरी की घटनाओ से लोग असुरक्षित : हालिया हुई चोरी की वारदातो से नागरिक अपने आप को भयभीत व असुरक्षित महसूस कर रहा है, इस सम्बन्ध मे कडे कदम उठाने की मांग नागरिको ने पुलिस से की है।
मुख्यालय पर नही रहते शासकीय अधिकारी कर्मचारी : यहां व आसपास के शासकीय आफिसो मे पदस्थ सम्बन्धित अधिकारी कर्मचारियो का आलम यह है की वह एक तो मुख्यालयों पर नही रहते, दूसरे वह कभी निर्धारित समय पर कार्यालयों स्कूलो मे नही पहुंचते जो गभ्भीर चिन्ता का विषय है इससे लगता है की सरकारी काम काज भगवान भरोसे चल रहे है ।
वर्षो से जमे है अधिकारी : यहां के शासकीय कार्यालयो मे पदस्थ अधिकारी कर्मचारी का वर्षो से स्थानांतरण नही होने पर वह वर्षो से यहां जमे हुए है जिससे भृष्टाचार अनियमितताये लापरवाही मनमानी चरम पर है
बिजली मे हो आवश्यक सुधार : बिजली आवश्यक सेवा मे प्रमुख है इसकी निर्वाध आपू्र्ति जरुरी है कटौती के कारण उपभोक्ता असहज हो जाता है इस असहनीय विधुत कटौती मे अपेक्षित सुधार की मांग उपभोक्ताओं द्वारा की गई है।



