ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 13 जून 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 13 जून 2024
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌓 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि 09:33 PM तक उपरांत अष्टमी
✏️ तिथि स्वामी – अष्टमी तिथि के देवता हैं रुद्र। इस तिथि को भगवान सदाशिव या रुद्रदेव की पूजा करने से प्रचुर ज्ञान तथा अत्यधिक कांति की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 05:08 AM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी शुक्र है । तथा राशि स्वामी सूर्य, और देवता भग हैं,
⚜️ योग – वज्र योग 06:05 PM तक, उसके बाद सिद्धि योग
प्रथम करण : गर – 08:22 ए एम तक
द्वितीय करण : वणिज – 09:33 पी एम तक विष्टि
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:43 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:22 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:53 ए एम से 12:49 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:41 पी एम से 03:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:19 पी एम से 07:39 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:20 पी एम से 08:20 पी एम
💧 अमृत काल : 09:57 पी एम से 11:45 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:01 ए एम, जून 14 से 12:41 ए एम, जून 14
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पीताम्बर चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा,राष्ट्रीय सीरसुकर दिवस, गीतकार प्रेम धवन जन्म दिवस, महान क्रांतिकारी ऊधम सिंह शहीद दिवस, राष्ट्रीय सिलाई मशीन दिवस, गायक मेहदी हसन स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी गणेश दामोदर सावरकर जन्म दिवस, अंतर्राष्ट्रीय ऐल्बिनिज़म जागरूकता दिवस
✍🏼 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
🗽 Vastu tips 🗺️
घर में कुछ वास्तु दोष होने से भी झगड़े होते हैं और अशांति बनी रहती है जैसे कि
घर के उतर पूर्व में टायलेट होना या कचरा जमा होने से पिता पुत्र में झगड़े होते हैं।
हमेशा पश्चिम या उत्तर दिशा में सिर करके सोने से परिवार में तनाव और अशांति बढती है।
घर के मंदिर में साफ सफाई न होने से धन बीमारी पर खर्च होता है और मुखिया में क्रोध आता है।
बेडरूम में सफाई की कमी, कपड़े इधर उधर बिखरे होने से भी सदस्यों में छोटी छोटी बातो को लेकर झगड़ा होता है।
घर के दक्षिण पूर्व दिशा में जल स्रोत या सीढ़ी होने से सदस्यों में आलस बढ़ता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
धर्म का उद्देश्य ही है हमें प्रकृति से मुक्त कर देना। हम कोशिश पूरी करते जा रहे हैं, प्रकृति से मुक्त हो नहीं पा रहे। क्यों नहीं मुक्त हो पा रहे हैं? क्योंकि हम प्रकृति से मुक्त होने के रास्ते प्रकृति के ही भीतर ढूँढ रहे हैं, प्रकृति से आसक्त रहते हुए। बाहर निकलने का रास्ता है तो प्रकृति के ही भीतर। पर जैसे हम ढूँढ रहे हैं, जिन आँखों से हम ढूँढ रहे हैं, जिस दृष्टि से हम ढूँढ रहे हैं, जिन जगहों पर हम ढूँढ रहे हैं वहाँ नहीं मिलेंगे।
नया कुछ हो सकता है निश्चित रूप से। पर नया माँगता है साहस और नया माँगता है त्याग और नया माँगता है प्रेम से भरा हुआ हृदय।
अब प्रेम तो मीठी चीज़ है, दिक्क़त बस ये है कि वो लूट लेती है, बड़ी क़ीमत माँगती है। तो नया हमारे जीवन में आ सके, उसके लिए न हम उतना साहस दिखाते हैं न उसका मूल्य चुकाते हैं। करते क्या जाते हैं हम? बस एक प्रकार का अभिनय। “दिल को बहलाने को, ग़ालिब ये ख़याल अच्छा है।”
🍇 आरोग्य संजीवनी 🍶
इलायची खाने के फायदे
रात को सोने से पहले इलायची खाने से कब्ज नहीं होता है |
रात को एक इलायची गरम पानी के साथ खाने से वीर्य गाढ़ा होता है।
यादी आप के मुह के कील मुहासे अगर नहीं सही हो रहे है तो हर रोज आप एक इलायची खाए , गारंटी से आप का कील मुहाषा गायब हो जायेगा।
अगर आप गंजे हो रहे है मतलब आप के बाल लगातार झड़ रहे है तो ऐसी स्थिति में आपको हर रोज एक इलायची गरम पानी से खाए।
अगर आप का पेट बहुत बाहर निकला हुवा है तो आप दो से तीन इलायची हर दिन ले आप का पेट कम होने लगेगा, आपको बतादें की इसके साथ आप को बहुत कुछ फैट वाली चीज खाना बंद करना पड़ेगा।
यदी आप को नीद सही से नहीं आती है तो आप इलायची खाए आप को बहुत ज्यादा फायदा होगा।
आपको बतादें की नीद मे अगर आप को खराटे मारता है तो आप उसको एक इलायची गरम पानी देकर सही कर सकते है।
अब अंत मे 8 बतादें की इलायची खाने से हमारा रक्त संचार सही से काम करता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
क्या कभी किसी अनजान से आपको प्यार हुवा हैँ? मुझे एक ऐसी लड़की से प्यार हुआ है जो इस जगत की नहीं है। जब हमारी कुंडलिनी जागृत होने लगी तो हमें एक दिन स्वप्न में एक लड़की दिखाई दी। वह लड़की एक आश्रम में थी जहां बहुत से साधु संत भी थे। उस आश्रम में हमें एक देवी लेकर गई थी। उस देवी ने ही हमसे कहा कि अब यह लड़की तुम्हारे साथ ही रहेगी। उसे लड़की ने हमें दो वस्त्र भी दिए जो भगवा रंग के थे एक वस्त्र को मैंने अपने ऊपर चादर की तरह ओढ़ लिया तथा दूसरे को अपनी कमर में लपेट लिया वह लड़की हल्का सा घूंघट अपने चेहरे पर डाले हुए थी जिससे मैं उसका चेहरा अच्छी तरह नहीं देख सका। वह लाल रंग की साड़ी पहने हुए थी। सपना समाप्त हो गया।
जब मैं चौथे अनाहत चक्र में पहुंचा तो वही स्वप्न वाली लड़की फिर से हमारे सामने आ गई तथा मैं स्वयं भी अपनी जवान अवस्था में उसे लड़की के साथ खड़ा हुआ था दूसरी तरफ में ध्यान की अवस्था में इस दृश्य को देख भी रहा था। मैंने देखा कि हमारे जवान अवस्था वाले शरीर से उसे लड़की का विवाह होने लगा लेकिन केवल साढ़े तीन फेरे होकर विवाह बंद हो गया और दृश्य भी गायब हो गया। पांचवें विशुद्धि चक्र में फिर से उसे लड़की के साथ विवाह शुरू हुआ और पांच फेरे होकर दृश्य गायब हो गया। यही बात छठ में आज्ञा चक्र में फिर से हुई उसे लड़की के साथ हमारे 6 विवाह के फेरे हुए और दृश्य फिर से गायब हो गया। किसी कारण बस हमारा सहस्त्रार चक्र में पहुंचना फेल हो गया और हमारा विवाह पूर्ण नहीं हो सका।
वह लड़की हमें बहुत अधिक याद आती है। जब मैं ध्यान करता हूं तो व्याकुलता के कारण ऐसा लगता है कि हमारे सीने में आग लगी हुई है तथा हमारे प्राण निकलने वाले हैं। वह लड़की हमारे बहुत गहरे प्राणों में बस गई है। लेकिन सारे प्रयासों के बावजूद न तो दोबारा हमारी कुंडलिनी जागृत हो रही है तथा हमारा तीसरा नेत्र भी नहीं खुल रहा है। उस लड़की की याद की व्याकुलता को व्यक्त करने के लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं
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⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।

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