स्टेशनरी किताब विक्रेताओं की मनमानी किताबों के साथ कापी लेनी होगी प्रिंट रेट कर रहें बिक्री

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
हटा । दमोह जिले अंतर्गत हटा का मामला चौबे स्टेशनरी पर जब महर्षि स्कूल क्लास 5 वी की जब किताबें मांगी गई तब किताबे लेने के साथ साथ काफी भी लेना पड़ेगी ये बोला गया अन्यथा आपको किताबे नही मिलेंगी और किताबे भी प्रिंट रेट पर भी बेंची जा रही है, फिर जब वीडियो बनाई गई तो बोला गया की शाम तक मिलेंगी, अब सोचने वाली बात ये है की कोई गरीब किसान अपने बच्चे को अच्छे स्कूल में पढाना चाहता हो और उसे केवल एक ही जगह उस स्कूल की किताबे मिले, और वह किसी दूर गांव से इस बरसात के समय में अपने बच्चे को लेकर किताबे लेने शहर आया हो तो वो गरीब किसान क्या करेगा शाम तक रुकेगा चक्कर कटेगा स्टेशनरी के या फिर बेबस होकर किताबो के साथ साथ काफी भी प्रिंट रेटो पर खरीदेगा, स्टेशनरी विक्रेता द्वारा मनमाने तरीके से नियम चलाए जा रहे ऐसे नियम दुकान पर भी कही चस्पा नही है, जाए तो क्या करेगा बो गरीब आदमी स्टेशनरी के चक्कर कटेगा य मजबूर होकर किताबो के साथ साथ कापियां भी लेगा ।
जब इस संबंध में महर्षि स्कूल के संचालक संदीप दुबे से बात की तो उन्होंने खुद कहा की ये सही नही और कहा कि मैं कल बच्चे को स्कूल में किताबे दे दूंगा
इस संबंध में जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर से भी जब फोन पर बात की तो उन्होंने कहा की में दिखवाता हूं जांच करवाता हूं अगर गलत हुआ है तो जरूर कार्यवाही होगा ।
जहा आज एक और शिक्षा को सरकार द्वारा मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा वही एक और इसे कुछ किताब विक्रेताओं द्वारा माल भी प्रिंट रेट पर बेंचा जा रहा इसके अलावा नियम भी मजबूरी के चलते चलाए जा रहे है की किताबो के साथ साथ कापिया भी लेनी पड़ेगी ये कथन एक गरीब आम आदमी के लिए दिल से सोचने वाली है की क्या करेगा बो आम आदमी आगे उसके पास कापिया पहले से रखी हो और उसे कही और से कम रेट में खरीद सकता है।



