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6 सितम्बर 2024 : को हरतालिका तीज पर शुभ संयोग, नोट करें सुबह व शाम का पूजा मुहूर्त

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🔮 06 सितम्बर 2024 : को हरतालिका तीज पर शुभ संयोग, नोट करें सुबह व शाम का पूजा मुहूर्त
🔘 HIGHLIGHTS
🔹 भाद्रपद माह में हरतालिका तीज मनाई जाती है।
🔹 यह पर्व शादीशुदा महिलाओं के लिए खास होता है।
🔹 इस व्रत को निर्जला किया जाता है।
📚 सनातन धर्म में कई महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाते हैं। इनमें हरतालिका तीज का त्योहार भी शामिल है। पंचांग के अनुसार, हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का त्योहार बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से साधक का वैवाहिक जीवन सदैव खुशहाल होता है और विवाह से जुड़ी सभी समस्या दूर होती है। साथ ही पति-पत्नी के रिश्ते में मजबूती आती है। चलिए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती हरियालीका तीज की पूजा किस तरह करनी चाहिए।
❄️ हरतालिका तीज शुभ मुहूर्त
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 05 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 21 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 06 सितंबर को दोपहर 03 बजकर 21 मिनट पर होगा। ऐसे में हरतालिका तीज का व्रत 06 सितंबर को किया जाएगा। इस दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 02 से सुबह 08 बजकर 33 मिनट तक है। इस मुहूर्त में उपासना करने से साधक को दोगुना फल प्राप्त होगा।
⚛️ हरतालिका तीज व्रत पर शुभ संयोग-
2024 की हरतालिका तीज पर ब्रह्म योग, शुक्ल योग, रवि योग, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। ये सभी योग शुभ माने जाते हैं। पंचांग के अनुसार, सुबह 09.25 मिनट से 7 सितंबर सुबह 06.02 बजे तक रवि योग रहेगा। शुक्ल योग 5 सितंबत की शाम से शुरू होकर रात 10.15 बजे तक रहेगा, जिसके बाद ब्रह्म योग का निर्माण होगा। हस्त नक्षत्र सुबह 09:25 ए एम तक रहेगा, जिसके बाद चित्रा नक्षत्र लग जाएगा।
🌄 उदया तिथि के अनुसार, व्रत 6 सितंबर को रखा जाएगा। भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 5 सितंबर, दोपहर 12 बजकर 21 मिनट से शुरू हो जाएगी, जो 6 सितंबर दोपहर 03 बजकर 01 मिनट तक ही रहेगी। ऐसे में कई लोगों को लेकर कन्फ्यूजन है कि संध्या में हरितालिका तीज का पूजन कैसे होगा। आचार्य श्री गोपी राम ने बताया कि निश्चित ही तृतीया तिथि 6 सितंबर को दोपहर 3.01 बजे तक ही है, लेकिन यह तृतीया तिथि चतुर्थी युक्त है। शास्त्रों में स्पष्ट अंकित है कि चतुर्थी सहिताय यातु सातृतीया फलप्रदा: अर्थात चतुर्थी युक्त तृतीया तिथि में हरितालिका तीज का व्रत शुभ फल देने वाला है। इसलिए पूरे दिन और संध्या में भी हरतालिका तीज का व्रत-पूजन किया जा सकता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां पार्वती ने भी हरतालिका तीज का व्रत किया था।
🌌 ब्रह्म मुहूर्त में ही करनी चाहिए पूजा

हरियाली तीज के दिन ब्रह्म मुहूर्त यानी सूर्योदय से तकरीबन दो घंटे पहले पूजा करना शुभ होता है। मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में की गई पूजा का पूर्ण फल मिलता है। इसी के साथ घर में मौजूद बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें। बड़े-बुजुर्ग का सिर पर हाथ बने रहने से बरकत होती है।
🍱 हरियाली तीज पूजन सामग्री
केले के पत्ते, बेल पत्र, धतूरा, अंकव पेड़ के पत्ते, तुलसी, शमी के पत्ते, काले रंग की गीली मिट्टी, जनेऊ, धागा और नए वस्त्र. माता पार्वती जी के श्रृंगार के लिए चूडियां, महौर, खोल, सिंदूर, बिछुआ, मेहंदी, सुहाग पूड़ा, कुमकुम और कंघी. इसके अलावा पूजा में नारियल, कलश, अबीर, चंदन, तेल और घी, कपूर, दही, चीनी, शहद ,दूध और पंचामृत।
🙇🏻 हरितालिका तीज पूजा विधि
◼️ हरतालिका तीज में श्रीगणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है।
◼️ सबसे पहले मिट्टी से तीनों की प्रतिमा बनाएं और भगवान गणेश को तिलक करके दूर्वा अर्पित करें।
◼️ इसके बाद भगवान शिव को फूल, बेलपत्र और शमीपत्र अर्पित करें और माता पार्वती को श्रृंगार चढ़ाएं।
◼️ तीनों देवताओं को वस्त्र अर्पित करने के बाद हरतालिका तीज व्रत कथा सुनें या पढ़ें।
◼️ इसके बाद श्रीगणेश की आरती करें और भगवान शिव और माता पार्वती की आरती उतारने के बाद भोग लगाएं।
💁🏻‍♀️ क्या पीरियड्स में रख सकते हैं व्रत?

यदि आप हरियाली तीज का व्रत रखने वाली थी, लेकिन आपको पीरियड्स आ गए हैं। तो ऐसे में आपके मन में निश्चित रूप से ये सवाल जरूर आया होगा कि अब आप भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा कर पाएंगी या नहीं, देवी-देवताओं को छू सकती हैं या नहीं आदि-आदि।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीरियड्स के दौरान पूजा करने की मनाही नहीं होती है। लेकिन कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। आप अपने हाथों में मेहंदी लगवा सकती हैं। साथ ही श्रृंगार भी कर सकती हैं, लेकिन स्वयं पूजा-पाठ करने से बचना चाहिए। पूजा खुद से करने की जगह किसी और व्यक्ति से करवा सकती हैं। इसी के साथ व्रत के अन्य नियमों का पालन करने की भी मनाही नहीं होती है।
☝🏼 हरतालिका तीज 2024 धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में हरतालिका तीज का विशेष महत्व है। हरतालिका तीज की तरह ही कजरी और हरियाली तीज का भी व्रत रखा जाता है। तीनों ही व्रत में माता पार्वती और शिव जी की पूजा की जाती है। लेकिन तीनों ही तीज के व्रत अलग-अलग तिथि में पड़ते हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य के लिए और संतान की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं। ये नवविवाहितों के लिए काफी खास होता है। इस दिन ससुराल पक्ष से वस्त्र, ज्वैलरी, मिठाई सहित कई उपहार मिलते हैं। इसे सिंजारा कहा जाता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं।
🤷🏻 हरितालीका तीज उपाय

👉🏽 अगर दांपत्य जीवन बैलेंस ना हो दांपत्य जीवन में सही तालमेल की कमी है तो हरितालीका तीज के दिन निर्जला या फलाहार उपवास रखें. शाम के समय सम्पूर्ण श्रृंगार करके शिव मंदिर जाएं. शिवजी को इत्र और जल अर्पित करें. पार्वती जी को सिंदुर और चुनरी अर्पित करें. “ऊं गौरीशंकराय नमः” का 108 बार जाप करें. अर्पित की गई चुनरी में 11 रुपये बांधकर हमेशा अपने पास रखें. ये एक उपाय करने से आपका दांपत्य जीवन खुशियों से भर जाएगा।
👉🏽 अगर पति-पत्नी में दूरियां आ गई हों तो क्या करें अगर पति-पत्नी के बीच दूरियां आ गई हों तो सुबह से निर्जला या जल पीकर उपवास रखें. प्रदोष काल में सम्पूर्ण श्रृंगार करें और शिव मंदिर जाएं. मंदिर में घी का एक चौमुखी दीपक जलाएं. शिव को चंदन और माता पार्वती को सिन्दूर और लाल चूड़ियां अर्पित करें. फिर “नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें. चूड़ियों को प्रसाद स्वरूप अपने साथ लाएं और हमेशा इन्हें पहने रहें।

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