धार्मिक

20 अक्टूबर 2024 : कब और कैसे किया जाता है करवा चौथ का व्रत?

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
⚜❀┈┉☆…हरि ॐ…☆┉┈❀⚜
🔮 20 अक्टूबर 2024 : कब और कैसे किया जाता है करवा चौथ का व्रत? अभी नोट करें महत्वपूर्ण बातें
🔘 HIGHLIGHTS
◼️ कार्तिक कृष्ण चतुर्थी पर किया जाता है करवा चौथ का व्रत।
◼️ पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं महिलाएं।
◼️ चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद किया जाता है व्रत का पारण।
👉🏼 2024 : करवा चौथ के व्रत का हिंदू धर्म में बहुत महत्व माना जाता है. विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और निरोगी जीवन के लिए इस व्रत को करती हैं. माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से पति पर आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं. करवा चौथ का व्रत दांपत्य जीवन में मधुरता लाने और पति-पत्नी के बीच प्रेम को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है. साथ ही यह व्रत पति-पत्नी के बीच अटूट बंधन बनाने और उनके रिश्ते को मजबूत बनाने में भी मदद करता है.
इसलिए सुहागिन महिलाएं इस व्रत को अपने सौभाग्य की रक्षा के लिए करती हैं. इस दिन पूरे शिव परिवार की पूजा अर्चना की जाती है. आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से कि साल 2024 में करवा चौथ का व्रत कब रखा जाएगा, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है, चंद्र अर्घ्य का समय क्या है और करवा चौथ व्रत का क्या महत्व है.
🤷🏻 2024 में कब है करवा चौथ?
इस साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर दिन रविवार को सुबह 6 बजकर 46 मिनट से शुरू होगी और यह तिथि 21 अक्टूबर को सुबह 4 बजकर 16 मिनट तक रहेगी. ऐसे में उदया तिथि के मुताबिक, करवा चौथ का व्रत 20 अक्टूबर 2024, दिन रविवार को रखा जाएगा.
⚛️ करवा चौथ 2024 पूजा मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, करवा चौथ के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 20 अक्टूबर की शाम 5 बजकर 46 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 02 मिनट तक रहेगा. इस समय पूजा करना बहुत ही शुभ रहेगा.
🌙 कब निकलेगा करवा चौथा का चांद : दिल्ली टाइम के अनुसार 20 अक्टूबर 2024 रविवार के दिन रात्रि को 07 बजकर 54 मिनट पर चांद निकलेगा।
🪔 करवा चौथ 2024 चंद्र अर्घ्य का समय
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, 20 अक्टूबर को चंद्रोदय शाम 7 बजकर 54 मिनट पर होगा. वैसे तो चांद समय पर नजर आएगा लेकिन यह उस दिन के मौसम पर भी निर्भर रहेगा. मान्यता के अनुसार, चांद के निकलने पर ही अर्घ्य देने का विधान है और उसके बाद ही व्रती महिलाएं व्रत को पूरा करती हैं.
🪙 छलनी से चंद्रमा को देखकर पूजा करें
पूजा की थाली में दीप, धूप, सिंदूर, अक्षत, कुमकुम, रोली और मिठाई शामिल करनी चाहिए. माता पार्वती को 16 श्रृंगार सामग्री अर्पित करें और विधिपूर्वक भगवान शंकर व माता पार्वती की पूजा करें. रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद छलनी से चंद्रमा को देखकर पूजा करें, और फिर अर्घ्य अर्पित कर व्रत का पारण करें.
💁🏻 करवा चौथ व्रत का महत्व_
करवा चौथ हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक विशेष त्योहार है. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. करवा चौथ के दिन सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लिया जाता है. फिर दिन भर निर्जला व्रत रखा जाता है. शाम को चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है और चंद्रमा के दर्शन के बाद पानी पिया जाता है और व्रत खोला जाता है. सुहागिन महिलाएं इस व्रत को अपने सौभाग्य की रक्षा के लिए करती हैं. यह व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है और इस दिन देवी पार्वती के साथ साथ सम्पूर्ण शिव परिवार की पूजा अर्चना की जाती है और आशीर्वाद लिया जाता है.
🤷🏻‍♀️ करवा चौथ के दिन क्या करें?
करवा चौथ के दिन माता पार्वती को सिंदूर अर्पित करने के बाद थोड़ा सा सिंदूर अपनी मांग में लगाएं. यह सुहाग की निशानी मानी जाती है.
🙇🏻‍♀️ चंद्रमा को अर्घ्य देते समय मन में पति की लंबी उम्र की कामना जरूर करें.
▪️ एक करवे में जल भरें और उसमे चावल भी डालें. इस करवे को पूरे दिन माता पार्वती के सामने रखें. यह समृद्धि का प्रतीक माना जाता है.
▪️ इस दिन अपनी क्षमता अनुसार किसी जरूरतमंद को दान करें. करवा चौथ के दिन दान करना पुण्य का काम माना जाता है.
🍱 करवा चौथ व्रत की पूजा विधि
करवा चौथ के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें. स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें. पूजा स्थल को साफ करें और उस पर एक चौकी बिछाएं. सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें. उन्हें फूल, अक्षत, धूप और दीपक अर्पित करें. इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति को स्नान कराएं और उन्हें फूल, अक्षत, सिंदूर, मेहंदी और अन्य श्रृंगार सामग्री अर्पित करें. फिर करवे में पानी और चंदन भरकर उसे माता पार्वती के सामने रखें. करवा चौथ की कथा सुनें या पढ़ें. पूजा के दौरान मन में पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें. शाम को चंद्रमा निकलने पर इसी करवे से जल अर्पित करें. फिर चांद देखकर पति के हाथ से पानी पीएं. सबसे आखिर में पति के हाथों से कुछ मीठा खाकर व्रत खोलें.
💁🏻‍♀️ करवा चौथ पर क्या करें और क्या न करें
हिंदू परंपरा के अनुसार, करवा चौथ महिलाओं के लिए सुबह 06:11 AM to 09:07 PM से महत्वपूर्ण त्योहार है, खासकर जो विवाहित हैं। यह दिन सुबह की छोटी प्रार्थना के साथ शुरू होता है और सरगी के साथ आगे बढ़ता है – एक भोजन की थाली जिसमें करी, पराठे, नारियल पानी और सूखे मेवे होते हैं। महिलाएं नहाने के बाद सरगी खाती हैं क्योंकि यह उन्हें पूरे दिन के उपवास के लिए तैयारी करनी होती है। यह उन्हें ऊर्जावान बनाए रखता है और उन्हें पूरे दिन बिना भोजन और पानी के रहने में मदद करता है।
🙇🏼 करवा चौथ पर महिलाएं सुबह जल्दी उठती हैं, अपने सुबह के काम खत्म करती हैं, और फिर पूजा विधि के अनुसार भगवान शिव, पार्वती और गणेश की पूजा करती हैं और फिर कुछ खाती हैं, लेकिन यह सूर्योदय से पहले किया जाता है। करवा चौथ व्रत विधि के अनुसार सूर्योदय के बाद महिलाएं अपना व्रत शुरू करती हैं और पानी की एक बूंद भी नहीं पीती हैं।
▪️ सूर्यास्त के बाद, जब चंद्रमा उगता है, तो वे अपने पति के चेहरे को छलनी से देखती हैं, और फिर अपना उपवास तोड़ती हैं। करवा चौथ पर शुभ रंगों के कपड़े भी महिलाओं द्वारा ही पहने जाते हैं।
▪️ करवा चौथ पर, महिलाओं को आमतौर पर अधिक मेहनती कार्यो में शामिल न होने की सलाह दी जाती है। साथ ही व्रत तोड़ने के बाद भी हल्का भोजन करने की सलाह दी जाती है। करवा चौथ का पालन करने वाली महिलाओं को भी सलाह दी जाती है कि वे भोजन की तैयारी में कैंची, सुई या चाकू का उपयोग न करें।

Related Articles

Back to top button