व्यापारियों की कार्यप्रणाली से परेशान किसानों ने किया हंगामा
ज्ञापन दिया, तीन दिन में समस्या हल करे, नहीं तो होगा आंदोलन
सिलवानी । गुरुवार को कृषि उपज मंडी सिलवानी में किसानों ने व्यापारियों की कार्यप्रणाली से परेशान होकर किसानों ने किया हंगामा कर दिया। और जमकर नारेबाजी की।
डाक लगने के पूर्व हंगामा होने पर मंडी सचिव मनमोहन कोली और मंडी कर्मचारियों ने किसानों और व्यापारियों के बीच पहुंचकर मामला शांत कराया। किसानों ने मंडी सचिव को किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सचिव को ज्ञापन दिया एवं तीन दिन में समस्याओं का हल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि किसान को उनकी उपज विक्रय का आधा भुगतान तुरन्त एवं आधा भुगतान 8 दिन में कराया जावे, बोली लगने के वाद किसान का माल कैसल नही होना चाहिए। किसानों को विक्रय उपज की मंडी की रसीद दी जावे। मंडी में सभी लायसेंस धारी व्यापारी बोली नही लगाते है, कुछ व्यापारी ही बोली लगाते है। बोली नही लगाने वाले व्यापारियों के लायसेंस निरस्त किये जाये।
मंडी में किसान का पूरा अनाज तुलवाएं किसान का एक किलो अनाज भी वापिस नही किया जावे। बोली लगने के तुरन्त बाद तुलाई चालू की जावे, जिससे किसान समय पर घर पर पहुंचे और खेती किसानी के काम देख सके।
व्यापारी अपने अपने फड़ पर बोर्ड लगाए, किसान परेशान होते हैं मुनीम इधर उधर चले जाते है।
मंडी में व्यापारी माल तुलवाकर मंडी के शेड को तुरंत खाली करें। व्यापारी मंडी के शेड पर कब्जा किए रहते है जिससे किसान अपनी उपज रखने परेशान होते है।
व्यापारी शेड की सफाई स्वयं करवाएं किसान शेड की सफाई नहीं करेंगे। किसानों की डाक सुबह 10 बजे से चालू होना चाहिए। तुलाई के बाद किसानों को भुगतान किया जाना चाहिए।
व्यापारी तुलाई में 300 ग्राम से भी ज्यादा अनाज ले रहे है। इसको रोका जावे। इस अवसर पर किसान संघ एवं किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



