धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 31 दिसम्बर 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 31 दिसम्बर 2024
31 दिसम्बर 2024 दिन मंगलवार को पौष मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज “शुभाशुभ त्र्यगुण्यकर: त्रिपुष्कर योग भी है। अर्थात शुभ करेंगे तो तीन गुना ज्यादा और अशुभ करेंगे तो तीन गुना अशुभ फल प्राप्त होंगे। इसलिए ऐसे समय में सबसे ज्यादा दान और पूण्य कर्म व्यक्ति को करना चाहिए। आज यवनों के वर्ष का अन्तिम दिवस भी है। हम यवन तो नहीं परन्तु हमारे देश का दुर्भाग्य है, कि हम अपनी तिथि किसी से पूछें तो उसे पता नहीं होता है। परन्तु तारीख सभी को सहज ही याद होता है। बहुत से बच्चे आज भी हमारे गाँवों में और उससे भी ज्यादा शहरों में थर्टी फर्स्ट मानते हैं। उन्हें बताने के लिए की वर्ष के अन्तिम दिन वर्षभर के गलतियों को लिए क्षमा याचना का दिन होता है, उत्सव मनाने का नहीं। इसलिए हम भी हमारी त्रुटियों के लिए आप सभी से ह्रदय से क्षमा प्रार्थी हैं। अन्त भला तो सब भला।। आप सभी को जय श्रीराम।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – मंगलवार पौष माह के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 03:22 AM तक उपरांत द्वितीया
🖍️ तिथि स्वामी – प्रतिपदा तिथि के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 12:03 AM तक उपरांत उत्तराषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी शुक्र है तो राशि स्वामी शुक्र।और जल के देवता वरूण देव हैं।
⚜️ योग – ध्रुव योग 06:59 PM तक, उसके बाद व्याघात योग
प्रथम करण : किंस्तुघ्न – 03:42 पी एम तक
द्वितीय करण : बव – 03:21 ए एम, जनवरी 01 तक बालव
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:47:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:13:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:25 ए एम से 06:19 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:52 ए एम से 07:14 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:04 पी एम से 12:45 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:08 पी एम से 02:49 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:32 पी एम से 06:00 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 05:35 पी एम से 06:57 पी एम
💧 अमृत काल : 07:14 पी एम से 08:51 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:52 ए एम, जनवरी 01
🪷 त्रिपुष्कर योग : 03:21 ए एम, जनवरी 01 से 07:14 ए एम, जनवरी 01
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंदिर अं अंगारकाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-हनुमान मंदिर में बूंदी के लड्डू चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : सर्वार्थसिद्धि योग/ त्रिपुष्कर योग/ 365वॉ (लीप वर्ष मे 366 वॉ) साल का आखरी दिन, भारतीय राजनीतिज्ञ ज्ञान सिंह रानेवाला स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी कृष्ण बल्लभ सहाय जन्म दिवस, उद्योगपति डॉ. महेंद्र प्रसाद पुण्य तिथि, फ़िल्म हास्य अभिनेता कादर ख़ान स्मृति दिवस, भारतीय अंतरिक्ष अन्वेषक डॉ. विक्रम साराभाई स्मृति दिवस, कवि हरिवंश राय बच्चन जन्म दिवस, मिल्खा सिंह गोविंदसिंह अमृतसर जन्म दिवस, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी स्थापना दिवस
✍🏼 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
वास्तु के मुताबिक, घर में देवी-देवताओं की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा भगवान शिव की प्रिय दिशा है। वहीं इसी दिशा में भगवान शिव का निवास स्थल, यानि कैलाश पर्वत है, इसीलिये घर में भी भगवान शिव की तस्वीर लगाने के लिये उत्तर दिशा का चुनाव करना चाहिए। इस दिशा में तस्वीर लगाने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर दिशा में भगवान शिव की ऐसी तस्वीर लगाएं,जिसमें वे शांत व ध्यान की मुद्रा में हो या फिर नंदी के ऊपर बैठे हो। इसके अलावा आप शिवजी की ऐसी तस्वीर भी लगा सकते हैं, जिसमें वे अपने पूरे परिवार के साथ बैठे हो।
वहीं इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि घर में शिव जी की ऐसी तस्वीर न लगाएं, जिसमें वे क्रोध अवस्था में हो या अपना रौद्र रूप धारण किए हो। यह घर की सुख-शांति के लिए ठीक नहीं है।
🔑 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
मोरिंगा के पत्ते शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर हमें कई तरह की बीमारियों से बचाते हैं।पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है: मोरिंगा के पत्ते पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। ये कब्ज, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं को दूर करने में प्रभावी होते हैं।हृदय रोगों से बचाव: मोरिंगा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हृदय रोगों के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। ये कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करते हैं और रक्तचाप को कम करते हैं।डायबिटीज में लाभदायक: मोरिंगा ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है और डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद: मोरिंगा के पत्ते त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। ये मुहांसों, झुर्रियों और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने में प्रभावी होते हैं। साथ ही, ये बालों को मजबूत और चमकदार बनाते हैं।कैंसर से बचाव: मोरिंगा में एंटी-कैंसर गुण पाए जाते हैं जो कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में मदद करते हैं।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
लहसून और अदरक दोनों ही पाचन तंत्र को मजबूत करने में सहायक होते हैं। अदरक पाचन रसों को उत्तेजित करता है और गैस, ब्लोटिंग, और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। लहसून भी पाचन में मदद करता है और आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है। शहद की प्राकृतिक मिठास पाचन में सुधार लाती है और पेट को शांत करती है। अगर आप रोज़ सुबह खाली पेट इस मिश्रण का सेवन करते हैं, तो यह आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और आपको पेट की समस्याओं से राहत मिलती है।
ह्रदय स्वास्थ्य में सुधार लहसून का सेवन रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। यह रक्तदाब को नियंत्रित करने में मदद करता है और रक्त को पतला करके थक्कों के बनने से रोकता है, जिससे ह्रदय संबंधित बीमारियों का जोखिम कम होता है। अदरक भी रक्त प्रवाह को बेहतर करता है और ह्रदय की सेहत को बढ़ावा देता है। शहद में फ्लेवोनॉइड्स होते हैं, जो ह्रदय को स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक बार एक बुद्धिमान ब्राह्मण एक निर्जन वन में घूम रहा था। उसी समय एक राक्षस ने उसे खाने की इच्छा से पकड़ लिया। ब्राह्मण बुद्धिमान तो था ही, विद्वान् भी था; इसलिये वह न घबराया और न दुखी ही हुआ। उसने उसके प्रति साम का प्रयोग आरम्भ किया। उसने उसकी प्रशंसा बड़े प्रभावशाली शब्दों में आरम्भ की।
ब्राह्मण बोला- ‘राक्षस! तुम इतने दुबले क्यों हो? मालूम होता है, तुम गुणवान, विद्वान् और विनीत होने पर भी सम्मान नहीं पा रहे हो और मूढ़ तथा अयोग्य व्यक्तियों को सम्मानित होते हुए देखते हो, इसीलिये तुम दुर्बल तथा कुद्ध से रहते हो। यद्यपि तुम बड़े बुद्धिमान हो तथापि अज्ञानी लोग तुम्हारी हँसी उड़ाते होंगे- इसीलिए तुम उदास तथा दुर्बल हो।’
इस प्रकार की बातें राक्षस ने अपने जीवन में कभी नहीं सुनी। ब्राह्मण के मुख से निकली बातों ने उसके दिल पर गहरी छाप छोड़ी, उसका दिल गद-गद हो गया।
अपने प्रति इतना सम्मान पाकर उसे बहुत खुशी हुई ,उसने उस ब्राह्मण को अपना मित्र बना लिया और बड़ा धन देकर विदा किया।
तो मित्रों, कैसी लगी आपको कथा, अपनी राय अवश्य प्रकट करें।
🙏🏼 धन्यवाद, जय श्री कृष्ण
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।

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