शिक्षको की अनियमितताओ के कारण नौनिहालो का भविष्य चौपट

कलेक्टर को चुनौती बने स्कूल
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । शासकीय स्कूलों में इन दिनो जो माहौल व अनियमितताओ का दौर चल रहा है इससे लगता है की जबाबदारो की पूरी की पूरी टीम इसमे कही न कही इसके घेरे मे है भारी भरकम वेतन लेने के बाबजूद शिक्षक शिक्षकाये अपनी नैतिकता व कर्तव्य निर्वाह मे खरे नही उतर रहे है शासकीय स्कूल इनके लिए वरदान चारागाह व आरामगाह बनकर रह गये है चिंता का बिषय है की शालाओ की देखरेख व समय समय पर निरीक्षण नही होने से शिक्षको की मनमानी चरम पर पहुंच गई है अनियमितताओ व भृष्टाचार की ऐसी ही कहानी की पट कथा जनश्रुति से पत्रकारो को मिली है जिसकी सच्चाई जानने जब पत्रकारो की टीम संकुल केन्द्र गौरझामर के अंतर्गत समीपस्थ आदिवासी ग्राम खोडी की शासकीय प्राथमिक शाला पहुंचे तो सच्चाई सामने आ गई दो शिक्षकीय इस शाला मे करीब इक्कीस बच्चे-बच्चियो की दर्ज संख्या है जबकी उपस्थिति मात्र 11,12 बच्चो की ही मिली दो शिक्षको मे से एक शिक्षक देवेश दुबे नदारत पाये गये पूछने पर पता चला की वह दो तीन दिन से स्कूल नही आ रहे है जबकी बताया गया की उनका निवास पास का गांव खैराना है गांव के नागरिको और आदिवासी बच्चो के अभिभावको से शिकायत मिली थी की शाला मे इस प्रकार की अनियमितताऐ काफी समय से चल रही है बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड करने वाले ऐसे लापरवाह व मनमानी करने वाले शिक्षको पर कडी कार्रवाही होनी चाहिए जो जिले के कलेक्टर व शासन को एक चुनौती बने हुए है पता चला है की मनमानी के इस खेल मे उपस्थिति पंजी मे इनके व्दारा मिलीभगत से स्थान खाली रखा जाता है जब शिक्षक दो तीन दिन बाद आते है तब गैरहाजिरी वाले कालम मे उपस्थिति दर्ज कर हस्ताक्षर कर देते है कलेक्टर शासन प्रशासन शिक्षा विभाग इस प्रकार की घोर अनियमितताओ व भृष्टाचार के दीमक को दुरूस्त करे जिससे स्कूलो को ढोल की पोल बनाने बाले ऐसे भृष्ट लोग बेनकाब हो सके।



