Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 12 मई 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 12 मई 2025
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – वैशाख मास
🌕 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – सोमवार बैशाख माह के शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि 10:25 PM तक उपरांत प्रतिपदा
✏️ तिथि स्वामी – पूर्णिमा तिथि पूर्णत्व की तिथि मानी जाती है. इस तिथि के स्वामी स्वयं चन्द्र देव हैं. इस दिन सूर्य और चन्द्रमा समसप्तक होते हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र स्वाति 06:17 AM तक उपरांत विशाखा
🪐 नक्षत्र स्वामी – स्वाति नक्षत्र का स्वामी राहु है। इसके देवता वायु और सरस्वती हैं।
⚜️ योग : वरीयान् – पूर्ण रात्रि तक
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 09:14 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 10:25 पी एम तक बालव
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:25:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:35:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:08 ए एम से 04:50 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:29 ए एम से 05:32 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:33 पी एम से 03:27 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:02 पी एम से 07:23 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 07:03 पी एम से 08:06 पी एम
💧 अमृत काल : 11:18 पी एम से 01:05 ए एम, मई 13
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:38 ए एम, मई 13
❄️ रवि योग : 05:32 ए एम से 06:17 ए एम
🚓 यात्रा शकुन – मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र – ॐ सौ सौमाय नमः।
💁🏻 आज का उपाय – किसी विप्र को श्वैत वस्त्र एवं छैने से बनी मिठाई भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय – पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार -भद्रा/ पुष्टिपती विनयक जयन्ती/ कुर्म जयन्ती/ वैशाख स्नान समाप्ति/ पारसी दये मासारंभ/ पूर्णिमा समाप्ति रात्रि 10.25/ बुद्ध पूर्णिमा/ वैशाख पूर्णिमा/ मातृत्व दिवस/ अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस, अभिनेता अमृता प्रकाश जन्म दिवस, पादप स्वास्थ्य का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, महिला उपन्यासकार सुचित्रा भट्टाचार्य स्मृति दिवस, हिन्दी कवि शमशेर बहादुर सिंह पुण्य तिथि, अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस (मॉर्डन नर्सिंग की जनक फ़्लोरेंस नाइटेंगिल का जन्म दिवस), बड़ौदा की महारानी सीता देवी जन्म दिवस, भारतीय निशानेबाज़ सौरभ चौधरी जन्म दिवस, विजय शंकर जगनेश्वर जन्म दिवस, संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह (12 से 16 मई)
✍🏼 तिथि विशेष – पूर्णिमा को घी एवं प्रतिपदा को कुष्मांड खाना एवं दान करना दोनों वर्जित बताया गया है। पूर्णिमा तिथि एक सौम्य और पुष्टिदा तिथि मानी जाती है। इसके देवता चन्द्रमा हैं तथा यह पूर्णा नाम से विख्यात है। यह शुक्ल पक्ष में ही होती है और पूर्ण शुभ फलदायी मानी गयी है।
🗺️ Vastu tips_ 🗽
वास्तु के अनुसार, बिस्तर के पास गंदे या बिना धुले कपड़े नहीं रखने चाहिए। ये कपड़े कमरे की ऊर्जा को नकारात्मक बना देते हैं, जिससे व्यक्ति को आलस्य, चिड़चिड़ापन और थकान जैसी समस्या महसूस होने लगती है।
इलेक्ट्रॉनिक सामान सिरहाने न रखें वास्तु शास्त्र के अनुसार, मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट आदि जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सिरहाने रखने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है। ये डिवाइस नींद को बाधित करते हैं और मानसिक तनाव भी बढ़ते है।
🔏 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अगर जुकाम लगा हुआ है तो गर्म पानी में अगर हम नींबू निचोड़ दिन में दो या तीन बार पीते हैं तो हमारा जुकाम ठीक हो जाता है।
बलगम वाली खांसी में गर्म पानी में नींबू निचोड़ कर दिन में दो या तीन बार सिप सिप करके पीते हैं तो इससे भी हमारी खांसी भी ठीक हो जाती है।
परंतु सूखी खांसी में गर्म पानी में नींबू डालकर और उसमें थोड़ी सी शहद या शक्कर मिलाकर पीना चाहिए ।
सुबह- सुबह खाली पेट नींबू पानी और शहद मिलाकर पीना सेहत के लिए फायदेमंद होता है।परंतु इसे कुछ दिन लेने के बाद फिर छोड़ देना चाहिए फिर आप कुछ दिनों के बाद फिर दोबारा से पी सकते हैं।
नींबू पानी से गैस बदहजमी भी ठीक हो जाती हैं।
लिवर की सफाई में भी नींबू पानी बहुत अच्छा काम करता है।
नींबू पानी और शहद मिलाकर पीने से वजन बढ़ता है और खाली नींबू पानी पीने से वजन कम होता है।
नींबू पचने में हल्का होता है और तासीर में ठंडा होता है। इसीलिए इसे रात को कम प्रयोग करना चाहिए।
🍁 आरोग्य संजीवनी ☘️
शहतूत के पत्तों के जबरदस्त फायदे
ब्लड शुगर को करता है कंट्रोल शहतूत के पत्ते डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद हैं। इनमें नेचुरल कंपाउंड DNJ (Deoxynojirimycin) पाया जाता है, जो कार्ब्स को ग्लूकोज में बदलने की प्रक्रिया को धीमा करता है, जिससे शुगर लेवल काबू में रहता है।
इम्युनिटी बूस्टर का काम इन पत्तों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन से बचाव होता है।
पाचन क्रिया को सुधारे शहतूत के पत्तों में नेचुरल फाइबर होते हैं जो कब्ज की समस्या दूर करते हैं और पेट को साफ रखते हैं।
ब्लड प्रेशर को बैलेंस करे जो लोग हाई बीपी या लो बीपी की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए ये पत्ते बेहद उपयोगी हैं। ये रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं और तनाव कम करने में सहायक होते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
कई सालों तक नौकरी करते-काते रामदीन को अपने परिवार की याद सताने लगी.एक दिन उसने जमीदारसे अपने मन की चिंता कही. जमींदार ने कहा, ‘जरूर जाओ बेटा, लेकिन जाने से पहले तुम्हारी तनख्वाह के अलावा मैं तुम्हें उपहारस्वरूप कुछ देना चाहता हूँ. उपहार के रुप में तुम्हारे पास दो विकल्प हैं.
पहला, सोने को तीन मोहरे और दूसरा विकल्प है, तीन ज्ञान की बातें. रामदीन अपने मालिक को चतुराई से काफी प्रभावित था. उसने कहा, मालिक पैसे तो मेरे पास हैं. मैंने तनख्वाह के पैसों में भी काफी बचत की है. मुझे आप ज्ञान की तीन बाते बता दें.
जमींदार ने कहा, “तो ध्यान से सुनो. पहली ज्ञान की बात है. कभी भी पुराने के बदले नया रास्ता चुनोइ की गे, तो तुम्हें नई मुसीबतों का सामना करता पडेगा. दूसरी बात हैं, देखो ज्यादा, और बोलो बिल्कुल कम…. और ज्ञान की तीसरी बात है, कोई भी चीज करने से पहले अच्छी तरह सोच लो.’
ऐसा कहकर जमीदार ने उसे एक मोटी-भी रोटी दी और कहाकि जब भी वह सचमुच खुशी महसूस को तब तुम रोटी को तोड़ लेना है.
रामदीन जमीदार से विदा लेकर चल दिया. रास्ते में उसे दुसरे राहगीर मिले. उन्होंने रामदीन से कहा ‘हम तो छोटे रास्ते से आगे बढेंगे, समय कम लगेगा’. तभी रामदीन को जमीदार की कही बात याद आ गयी, उसने कहा नहीं दोस्तों मै तो इसी रास्ते से आगे जाऊंगा.यह कहकर रामदीन आगे बढ़ गया.
आधे रास्ते आगे चलने पर उसने कुछ धमाके सुने. वह समझ गया कि उसके साथ चल रहे दूसरे लोग, जो छोटे रास्ते से गये हैं, डकैतों के शिकार वन गए है.
और कुछ समय आगे जाने पर रामदीन को भूख लग आई थी. वह एक सराय में भोजन और आराम करने पहुंचा. उसे खाना परोसा गया. रामदीन को खाना कुछ अजीब लगा. उसने देखा, उसे जो माँस परोसा गया था, वह इंसान का था. उसने सराय के मालिक को डांटने फटकारने की बात सोची. लेकिन तभी जमींदार की कही दूसरी बात याद आ गयी. उसने चुपचाप खाने के पैसे चुकाए और आगे चढ़ने लगा.
तभी सराय के मालिक ने कहा, “सुनो! आज तुमने अपनी जान बचा ली. जिसने भी आजतक भोजन में मीनमेख निकाला, उन्हें मैंने खूब पीटा और मार डाला, फिर उनका माँस पका कर बेच दिया.’ रामदीन ने उसकी बात सुन ली, लेकिन कुछ कहा नहीं
शाम तक रामदीन अपने घर पहुंच गया. उसने देखा कि घर में उसकी पत्नी एक युवक के साथ हंस-हंस कर बाते कर रही हैं. उसे बहुत गुस्सा आया. वह वहाँ पड़ी एक लाठी से उस युवक का सिर फोड़ने ही वाला था. तब तक उसे जमींदार को तीसरी बात याद आ गई.
वह पत्नी के नजदीक पहुंचा, तो पत्नी खुशी से उछल पड़ी. उसने युवक से कहा, ‘अरे दीपक! ये तुम्हारे पिताजी हैं.’ फिर उसने रामदीन से कहा, ‘यहआपका बेटा है है देखो केसेसंयोग हैं. यह भी कई ‘सालों तक पढाई करके आज ही घर लौटा है, और आप भी.’
रामदीन को खुशी का ठीकाना न रहा. अगर उसने जमींदार से ज्ञान की तीन बातें न सीखी होती तो या तो वह घर पहुँच ही नहीं पाता, किसी तरह पहुंच पता तो अब बेटे की हत्या कर बैठता.
तभी उसे जमींदार द्वारा दी गई रोटी को याद आई, उसने कहा था कि सचमुच खुश होने पर रोटी को तोड़ना. रोटी तोड़ते भी उसमें से तीन सोने को मोहरें निकलीं, जिसे उसके दयालु मालिक ने छिपा कर रखा था.
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⚜️ हमारे वैदिक सनातन धर्म में हर मास की पूर्णिमा को कोई-न-कोई व्रत-त्यौहार होता ही है। जिनकी कुण्डली में चन्द्रमा की दशा चल रही हो उसे पूर्णिमा के दिन उपवास रखना अर्थात व्रत करना चाहिये। जिनके बच्चे कफ रोगी हों अर्थात सर्दी, जुकाम, खाँसी और निमोनियाँ समय-समय पर होती रहती हो उनकी माँ को वर्षपर्यन्त पूर्णिमा का व्रत करना और चन्द्रोदय के बाद चंद्रार्घ्य देकर व्रत तोड़ना चाहिये।।
पूर्णिमा माता लक्ष्मी को विशेष प्रिय होती है। इसलिये आज के दिन महालक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से मनोवान्छित कामनाओं की सिद्धि होती है। पूर्णिमा को शिवलिंग पर शहद, कच्चा दूध, बिल्वपत्र, शमीपत्र, फुल तथा फलादि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। पूर्णिमा को शिव पूजन में सफ़ेद चन्दन में केशर घिसकर शिवलिंग पर चढ़ाने से घर के पारिवारिक एवं आन्तरिक कलह और अशान्ति दूर होती है।

