कृषिमध्य प्रदेश

डूब क्षेत्र के किसान एक साल से मुआवजे के लिए भटक रहे, कलेक्टर से जन सुनवाई में लगाई गुहार

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । बीना बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के तहत मडिया बांध के डूब क्षेत्र में खजुरिया बरामद गढ़ी के करीब 43 किसानों की 200 एकड़ से अधिक भूमि भी डूब श्रेत्र में आने पर एसडीएम कार्यालय द्वारा वर्ष 2024 में भूमि क्रय का प्रस्ताव विधिवत रूप से भेजने के उपरांत किसानों द्वारा अपनी सहमति सात दिवस के अंदर प्रस्तुत भी की जा चुकी है। सभी किसानों की भूमि निर्विवाद होने के बावजूद भी उन्हें आज तक डूब क्षेत्र की भूमी का मुआवजा या क्रय राशि प्रदान नहीं की गई है। किसानों ने विधायक देवेंद्र पटेल से भी गुहार लगाई उसके बाद वे कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत कर चुके हैं लेकिन आज तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाया है।
किसान हुकमचंद जैन, सिध्दांत जैन, गौतम जैन, ज्ञानी प्रसाद, मेमबाई, अनरथसिंह, प्रताप सिंह, दौलतसिंह, पर्वत सिंह, गोयल सिंह व अन्य समस्त निवासी व कृषक खजुरिया बरामद गढ़ी तहसील बेगमगंज जिला रायसेन के है। उक्त किसानों ने बताया कि सभी किसानों की कृषि भूमि मडिया बांध के तहत करीब एक साल पहले अधिग्रहित की सूचना राजस्व विभाग द्वारा किसानों को दी गई थी। उपरोक्त किसानों की भूमि को शासन के पक्ष में न तो रजिस्ट्री कराई गई है और न ही मुआवजा राशि प्रदान की गई है । मुजावजा राशि प्राप्ति हेतु आज दिनांक तक सभी किसान शासकीय कार्यालय के चक्कर लगा लगाकर परेशान हो चुके हैं। हुकमचंद जैन व अन्य कृषकों के द्वारा सीएम हेल्प लाईन क्रमांक 32018513 पर शिकायत भी कर चुके हैं। जिसका कोई निराकरण नही किया गया है । उक्त भूमि नदी किनारे होने के कारण मडिया बांध में पानी रोके जाने से पानी भर जाने से डूब गई है जिससे एक साल से एक प्रकार की भी फसल नहीं बोई जाने की वजह से किसानों का नुकसान हो रहा है। उक्त भूमि एक साल पहले अधिग्रहित की गई है। एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद सभी किसान क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र पटेल को भी आवेदन देकर गुहार लगा चुके है सब जगह से निराश होने के बाद कलेक्टर की जन सुनवाई में आवेदन देकर सभी किसानों की अधिग्रहित भूमि की क्रय या मुआवजा राशि शीघ्र किसानों के खाते में हस्तांतरित करने की गुहार लगाई गई है।
किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र क्रय या मुआवजा राशि प्रदान नहीं की गई तो मजबूरन न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

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