निजी स्वार्थो की खातिर प्रमुख निजी संस्थाओं को टारगेट कर उन्हें बंद करवाना न्यायोचित नहीं : मुकेश नायक

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने अपने निजी आवास पर पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि समूचे बुंदेलखंड के दमोह जिले में पूरे में 24 मिशन हास्पिटल स्वास्थ्य सेवाओ में अग्रसर था वहां पर एंजिया ग्राफी, एंजियो प्लास्टी, सी.टी. स्केन, पैथोलाजी कैथलैब, डायलिसिस एवं स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण कम फीक पर आय मरीजो को मुहैया हो जाती थी इसके लिये मरीजों को जबलपुर अथवा अन्यथा नहीं भागना पड़ता था जबसे हास्पिटल बंद हुई है उन्हे बताया गया है कि 30 लोगो की डायलिसिस न होने के कारण उनकी असमय निधन हो गया। मिशन अस्पताल ने ही कोविड के समय आक्सीजन प्लांट लगाया और आम आदमी को स्वास्थ्य सुधारने में सहायता की। हमारा दमोह-दम होय अपने पराक्रम एवं साहस के लिए जाना जाता है किन्तु कुछ व्यक्तियों के निजी स्वार्थ के खातिर हास्पिटल में काम करने वाले 700 कर्मचारी जिसमेंं 80 प्रतिशत हिन्दू थे वह बेरोजगार हो गये। इसका जिम्मेदार कौन। मुकेश नायक ने कहा कि कचरे के ढेर में जो नवजात शिशु फेके देते है वह दोषी नहीं जो संस्था ऐसे बच्चो की दिव्यांग बच्चो का पालन पोषण कर रहे है वह दोषी हो गये। उन्होनें ने कहा कि हास्पिटल मे कार्यरत कर्मचारी जो बेरोजगार हुए है वह उनके घर जाकर मिलेगे। इसी तरह की कूट राजनीति अमानवीय एवं पीड़ा दायक है उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार में उन्हें बताया गया कि पिछले बीस वर्ष में कोई धर्म परिवर्तन नहीं हुए जातिगत द्वेष फैलाकर धर्म को आधार बनाकर निजी संस्थाओं को बंद करवाना और उनके संचालको पर अपराध कायम करना निदंनीय है। इसी प्रकार उन्होने कहा कि एक निजी स्कूल जिसमें 1200 बच्चो पढते थे जिसमें 60 प्रतिशत हिन्दू बच्चे थे उसे उनकी मान्यता रद्द कर दी गई यह न्यायोचित नहीं उनकी मप्र सरकार से मांग है कि उक्त संस्थाओं के साथ न्याय किया जाये और ज्युडीशियल जांच की जाये।
पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष संजय चौरसिया, रजनी ठाकुर, प्रदीप खटीक, प्रफुल्ल श्रीवास्वत, रामनाथ राय, डी.पी. पटैल, विजय बहादुर, सुनील रजक, जीशान पठान सहित अनेक कांग्रेसजनों की उपस्थिति रहीं।



