आत्मनिर्भर भारत एक नारा नहीं, स्वदेशी भारत के निर्माण का संकल्प है : सीमा सिंह
आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान पर प्रेस वार्ता संपन्न
प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा सिंह रही मुख्य वक्ता, जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा और संगठन प्रभारी सुधीर अग्रवाल रहे उपस्थित
रायसेन। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय रायसेन में बुधवार को आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत एक आवश्यक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा सिंह जादौन ने पत्रकारों को संबोधित किया। प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा, संगठन प्रभारी सुधीर अग्रवाल, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी पवन दुबे, जिला उपाध्यक्ष राकेश तोमर, जिला महामंत्री केशव पटेल, दीपेंद्र पाल, जिला मंत्री मंजू सिंह कुशवाहा तथा जिला मीडिया प्रभारी हरि साहू, कार्यालय मंत्री जीतू ठाकुर मीडिया प्रभारी सीएल गौर सहित इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता सीमा सिंह जादौन ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक विकसित और स्वदेशी भारत के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने कहा, “हर घर स्वदेशी — यही हमारा मंत्र, हमारा लक्ष्य और हमारी शक्ति है।”
उन्होंने कहां पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “जब तक आर्थिक व्यवस्था स्वदेशी पर आधारित नहीं होगी, तब तक वह न तो स्वतंत्रता की रक्षा कर सकती है और न ही न्याय की गारंटी दे सकती है।” भाजपा सरकार इसी मंत्र पर चलते हुए मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और वोकल फॉर लोकल जैसी पहलों के माध्यम से स्वदेशी उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।
सीमा सिंह जादौन ने कहा कि कोविड संकट के दौरान भारत ने आत्मनिर्भरता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। जब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं लड़खड़ा रही थीं, तब भारत ने स्वयं पीपीई किट, वैक्सीन और वेंटिलेटर का उत्पादन कर अपनी क्षमता साबित की। उन्होंने कहा, जिस देश में जनवरी 2020 तक पीपीई किट नहीं बनती थी, उसी देश ने कुछ ही महीनों में करोड़ों किट्स और लाखों वेंटिलेटर तैयार कर दिए। यह आत्मनिर्भर भारत की सजीव मिसाल है।
उन्होंने बताया कि भारत ने न केवल अपनी 140 करोड़ जनता को सुरक्षित किया, बल्कि वैक्सीन मैत्री के तहत 100 से अधिक देशों को भी जीवनदान दिया। आज मेक इन इंडिया और डिफेंस इंडिजिनाइजेशन के कारण भारत में टैंक, तोप और ड्रोन तक स्वदेशी रूप से तैयार किए जा रहे हैं — यही आत्मनिर्भर भारत का सच्चा स्वरूप है। प्रेस वार्ता के अंत में आत्मनिर्भर भारत के पंपलेट एवं स्टिकर का अवलोकन किया।



