नवाई के उचित प्रबंधन को लेकर किसानों को किया जागरूक

जलाने की जगह जैविक खेती के लिए करें नवाई का उपयोग
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । मध्यप्रदेश शासन के द्वारा किसानों को नरबाई के उचित प्रबंधन को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम के तहत सिहोरा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत कार्यालय कछपुरा एवं गोसलपुर में कृषि विस्तार अधिकारी अदिति सिंह राजपूत के द्वारा जागरूकता कार्यक्रम कर किसानों को समझाईस दी गई की नरबाई फसल अवशेष न जलाने और
उसका सही प्रबंधन करने के लिए किसानों को जागरूक किया गया।
किसानों को नरबाई जलाने की बजाय उसका उपयोग जैविक एवं टिकाऊ खेती के लिए उपयोग करने की अपील की गई इस मौके पर यह भी बताया गया की नरवाई ना जलाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ किसान के अतिरिक्त आय के स्रोत भी बन सकते हैं किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और मिट्टी की उर्वरता पर पड़ने वाले दुषप्रभाव के बारे में भी जानकारी दी गई । किसानों को बताया गया की फसल अवशेषों का प्रयोग कई लाभदायक तरीके से कर सकते हैं।
सुपर सीड्रिल हैप्पी हैप्पी सीड्रिल रैपर और जीरो टिलेज पद्धति जैसे आधुनिक कृषि यंत्रो व विधियो के उपयोग से खेत में सीधी बुवाई की विधि बताई गई हैप्पी सीड्रिल से बोनी करने पर नरबाई प्रबंधन के साथ मिट्टी का
स्वास्थ्य भी सुधरता है जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिलता है ।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत गोसलपुर की सरपंच गिरिजा जितेंद्र पालीवाल, सचिव प्रदीप यादव, ग्राम पंचायत कछपुरा के सरपंच देवेंद्र पटेल, सचिव विजय पटेल के साथ प्रगतिशील किसान इस जागरूकता कार्यक्रम में शामिल थे।



