धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 01 नवम्बर 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 01 नवंबर 2025
01 नवंबर 2025 दिन शनिवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष कि एकादशी तिथि है। आज की एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी व्रत के नाम से जाना जाता है। और आज कि यह एकादशी व्रत सभी के लिए अर्थात स्मार्त – वैष्णव सभी के लिए है। आज श्रीहरिप्रबोधनी नाम का एकादशी व्रत सभी के लिए है। आप सभी एकादशी व्रतियो को श्रीप्रबोधिनी एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं। शास्त्राअनुसार एकादशी को देवोत्थान एकादशी अथवा देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है। आज भगवान नारायण अपनी 4 मार्च की निद्रा भांग करेंगे अर्थात आज से देवताओं की रात्रि समाप्त हो जाएगी और दिन का आरंभ होगा। आज के बाद सभी प्रकार के शुभ कर्म जैसे विवाह – यज्ञोपवीत संस्कार आरंभ हो जाएंगे। आज के बाद पूर्णिमा तक तुलसी विवाह कीया जा सकता है। एकादशी व्रत सर्वेश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत माना गया है। एकादशी व्रत को प्रत्येक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिए। आज से भीष्म पंचक भी आरंभ हो जाता है। आज रवि योग भी है। आप सभी सनातनियों को “श्रीहरिप्रबोधनी एकादशी अथवा देवउठनी एकादशी व्रत एवं तुलसी विवाह” की बहुत- बहुत हार्दिक शुभकामनाऐं एवं अनन्त – अनन्त बधाइयां।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ *दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए। *शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
*शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है । *शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
*शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है । 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल* 👸🏻 शिवराज शक 352_
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – कार्तिक मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शनिवार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष दशमी तिथि 09:12 AM तक उपरांत एकादशी
📝 तिथि स्वामी – एकादशी के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र शतभिषा 06:20 PM तक उपरांत पूर्वभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी – शतभिषा नक्षत्र का स्वामी राहु है। यह नक्षत्र कुंभ राशि के अंतर्गत आता है, जिसका स्वामी ग्रह शनि है। शतभिषा नक्षत्र के देवता वरुण देव हैं।
⚜️ योग – ध्रुव योग 02:09 AM तक, उसके बाद व्याघात योग
प्रथम करण : गर – 09:11 ए एम तक
द्वितीय करण : वणिज – 08:27 पी एम तक विष्टि
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6: 53 से 8:19 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:44 से 11:09 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:33 : 00
🌅 सूर्यास्त – शाम: 05:36 : 00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:50 ए एम से 05:41 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:15 ए एम से 06:33 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:42 ए एम से 12:27 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:55 पी एम से 02:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:36 पी एम से 06:02 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 05:36 पी एम से 06:54 पी एम
💧 अमृत काल : 11:17 ए एम से 12:51 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:39 पी एम से 12:31 ए एम, नवम्बर 02
❄️ रवि योग : 06:33 ए एम से 06:20 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ *पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ खाटू श्याम बाबा का जन्मोत्सव/ प्रबोधिनी एकादशी सर्वे (स्मार्त)/ पंचक जारी/ हरियाणा स्थापना दिवस, न्यू दिल्ली स्थापना दिवस, कर्नाटक राज्योत्सव, सभी संतों का दिवस, विश्व शाकाहारी दिवस, केरल स्थापना दिवस, मध्य प्रदेश स्थापना दिवस, छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस, लाडो लक्ष्मी योजना की पहली किस्त शुरुवात दिवस, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन जन्म दिवस, भारतीय व्यवसायी नीता अंबानी जन्म दिवस, भारतीय अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे जन्म दिवस, राष्ट्रीय दालचीनी दिवस, भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी दामोदर मेनन स्मृति दिवस, पंजाब दिवस, अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रास दिवस (सप्ताह) ✍🏼 *तिथि विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।।
🗽 Vastu tips 🗼
*शमी का पौधा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शमी का पौधा नकारात्मक शक्तियों को आपके जीवन से दूर रखता है। इसलिए आप घर के मुख्य दरवाजे के पास शमी का पौधा भी लगा सकते हैं। ऐसा करने से आपके घर में बरकत आती है और जीवन सुचारु रूप से चलने लगता है। *स्वास्तिक का चिह्न मुख्य दरवाजे पर आप स्वास्तिक का चिह्न बनाकर भी लाभ पा सकते हैं। स्वास्तिक का चिह्न घर के दरवाजे पर बनाने से आपके साथ ही परिवार के लोग भी प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होते हैं।
*न करें ये गलतियां मुख्य दरवाजे के पास आपको कभी भी जूते चप्पल नहीं रखने चाहिए और ना ही इस स्थान को अंधकारमय रखना चाहिए। घर के मुख्य दरवाजे पर आपको एक बल्ब जरूर लगाना चाहिए। इसके साथ ही मुख्य दरवाजे के सामने कूड़ादान रखने से भी बचें। हमेशा घर के मुख्य द्वार को साफ-सुथरा रखने की आपको कोशिश करनी चाहिए। 🔰 *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️ *अगर किसी की आंखें कमजोर है और वो चश्मा हटाना चाहते हैं तो सुबह की लार को आँखों में काजल की तरह लगाईये. आपका चश्मा उतर जायेगा. अगर शरीर में आपको कहीं चोट लग गयी है और वह जल्दी ठीक नही हो रही है तो वहां भी आप ये लार लगा दीजिये. असर बहुत जल्दी आपको दिखने लगेगा. अगर किसी को पिम्पल्स या कील, मोहासे और छायिया हो जाये या उनका चेहरा बहुत खराब दिखने लगे तो ऐसे में उनको सुबह की लार चेहरे पर लगानी चाहिए. ऐसा करने से उनके दाग भी मिट जायेंगे.
*एक मरीज़ आया जिसका गर्म गर्म दूध से हाथ जल गया था. उसका जख्म तो ठीक हो गया लेकिन दाग नही गायब हो रहे थे. और उस मरीज़ को किसी भी तरह से वो दाग मिटाना था. क्योंकि वो एक लड़की थी और उसकी शादी होने वाली थी. उसके घरवाले परेशान थे कि ससुराल वालों ने देख लिया तो ना जाने क्या होगा. तो राजीव जी ने बोला की घरवालो को खुद ही बता दो सच. तो लडकी का कहना था कि वह बता नही सकती उन्हें उसका रिश्ता टूट ना जाये इसलिए उसको इस दाग से मुक्ति चाहिए. तो राजीव जी ने उस लडकी को लार लगाने की सलाह दी. उस लडकी ने रोज़ लार लगाना शुरू करदिया और 6-7 महीने में ही उसका दाग एकदम गायब हो गया. *आपको देखने में कभी आया है कि जानवरों को जब भी कभी चोट लगती है तो वह चाटने लगते हैं उस भाग को और चाट कर ही ठीक कर लेते हैं तो जानवरों का भी यही कहानी है जो मनुष्य की है जानवरों की लार भी एल्केलाइन है और चोट को चाट कर ऐसे ही वह ठीक कर लेता है. गाय अपने बच्चे को चाट चाट कर उसकी सारी बीमारी मिटा देती है मनुष्य भी कर सकता है बस इसमें थोड़ा सेंसफुल होने की जरूरत है.
🩸 *आरोग्य संजीवनी* 🩻
ऐसे समय में सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए थोड़ी सी सावधानी रखकर आप खुद को पूरी तरह फिट रख सकते हैं। 👉
*_ गुनगुना पानी पिएं:- ठंडा पानी पीने से गला खराब हो सकता है, इसलिए दिन में 2-3 बार गुनगुना पानी लें।
*स्टीम / भाप लें:- दिन में एक बार 5-7 मिनट भाप लेने से नाक और गले की सफाई रहती है। *हल्दी वाला दूध पिएं:- रात को हल्दी वाला दूध इम्यून सिस्टम मज़बूत करता है और सर्दी से बचाता है।
*विटामिन-C ज़रूर लें:- नींबू पानी, संतरा, आंवला, कीवी जैसे फल रोज़ खाएँ। *सुबह-शाम गुनगुने पानी से गरारे करें:- इससे गले में बैक्टीरिया पनपने से बचते हैं।
*बुखार आने पर- जब भी बुखार आए, गुनगुना पानी में पैर को डुबाकर 5–10 मिनट तक बैठें। *खांसी और कफ के लिए- 2–3 पान के पत्तों को पानी में उबाल कर एक कप दिन भर में दो से तीन बार पियें, अवश्य फायदा मिलेगा।
📚 *गुरु भक्ति योग* 🕯️
मौन है सबसे बड़ी शक्ति आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि ‘मौनं सर्वार्थसाधनम्’ यानी मौन ही सब कार्यों को सिद्ध करने वाला साधन है। हर बात पर प्रतिक्रिया देने की आदत इंसान को कमजोर दिखाती है। जो व्यक्ति केवल जरूरी समय पर बोलता है उसकी बात का असर गहरा होता है। मौन व्यक्ति का चरित्र और सोच मजबूत बनाता है। इससे लोग आपको गंभीरता से लेने लगते हैं।
*ज्ञान का प्रदर्शन न करें विद्या का उद्देश्य केवल दिखावा नहीं, बल्कि उपयोगिता है। जब आप हर समय अपने ज्ञान का प्रदर्शन करते हैं तो लोग उसे हल्के में लेने लगते हैं। लेकिन जब आप सही समय पर अपनी बात रखते हैं, तो वहीं ज्ञान प्रभावशाली बन जाता है। आपकी समझदारी और विवेक लोगों को प्रभावित करती है। *नम्रता से बढ़ता है व्यक्तित्व मानते हैं कि विनम्रता किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी ताकत होती है। जो व्यक्ति दूसरों को सम्मान देता है वह खुद सम्मान पाता है। विनम्र स्वभाव लोगों के मन में जगह बनाता है। दूसरों को नीचा दिखाने से नहीं, बल्कि उन्हें बराबरी का दर्जा देने से आप ऊंचे उठते हैं।
*ईमानदारी और भरोसा सबसे मजबूत आधार ऑफिस में आपका व्यवहार ही आपकी पहचान बनता है। जो व्यक्ति ईमानदार होता है और समय का पाबंद रहता है उस पर लोग खुद ही भरोसा करने लगते हैं। भरोसे से ही सम्मान की नींव बनती है। बिना शब्दों के भी एक सच्चा और जिम्मेदार व्यक्ति आदर का पात्र बन जाता है। *ऑफिस राजनीति को समझें पर उसमें शामिल न हों लेकिन राजनीति को समझना जरूरी है, लेकिन उसमें शामिल होना हानिकारक है। ऑफिस राजनीति में उलझने से आपकी छवि प्रभावित होती है। इसलिए माहौल को समझें पर खुद को उससे दूर रखें। इससे आपकी निष्पक्षता और ईमानदारी दोनों बनी रहती हैं।
*सुनने की आदत बनाएं जो व्यक्ति दूसरों की बात ध्यान से सुनता है वह हर जगह सम्मान पाता है। सुनने की आदत व्यक्ति को विनम्र और समझदार बनाती है। जब आप सभी की बातों को महत्व देते हैं, तो लोग भी आपकी मौजूदगी को अहम मानते हैं। यही गुण आपको सबके बीच मूल्यवान बनाता है। *दूसरों को श्रेय देना सीखें कि जो व्यक्ति दूसरों के योगदान की सराहना करता है वह असली नेता होता है। जब आप दूसरों की मेहनत की तारीफ करते हैं, तो टीम में आपके प्रति सम्मान बढ़ता है। यह दर्शाता है कि आप स्वार्थी नहीं, बल्कि सामूहिक सोच रखने वाले व्यक्ति हैं।
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⚜️ *एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।। *यदि एकादशी तिथि रविवार और मंगलवार को पड़ती है तो मृत्युदा योग बनाती है। इस योग में शुभ कार्य करना वर्जित है। इसके अलावा एकादशी तिथि शुक्रवार को होती है तो सिद्धा कहलाती है। ऐसे समय में किसी भी कार्य की सिद्धि प्राप्ति का योग निर्मित होता है। यदि किसी भी पक्ष में एकादशी सोमवार के दिन पड़ती है तो क्रकच योग बनाती है, जो अशुभ होता है। इसमें शुभ कार्य निषिद्ध बताये गये हैं। एकादशी तिथि नंदा तिथियों की श्रेणी में आती है। वहीं किसी भी पक्ष की एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है।।

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