ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 19 मई 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501

✦•••  *_जय श्री हरि_*  •••✦

🧾 *_आज का पंचाग_* 🧾         

 *मंगलवार  19 मई  2026_

**हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।_*

🌌 *_दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।*_मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।*_मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।🔮 *_शुभ हिन्दू नववर्ष 2026 विक्रम संवत : 2083 सिद्धार्थी विक्रम : 1969 शर्वरी_*🌐 *_रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083,_*✡️ *_शक संवत 1948 (पराभव संवत्सर), चैत्र_*☮️ *_गुजराती सम्वत : 2082 पिङ्गल_*☸️ *_काली सम्वत् 5127_*🕉️ *_संवत्सर (बृहस्पति) पराभव_*☣️ *_आयन –  उत्तरायण_*☂️ *_ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु_*☀️ *_मास – ज्यैष्ठ मास_*🌘 *_पक्ष – शुक्ल पक्ष_*📆 *_तिथि – मंगलवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि 02:18 PM तक उपरांत चतुर्थी _*✏️ *_तिथि स्वामी – तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है ।तृतीया: किसी भी पक्ष की तीसरी तारीख को तृतीया तिथि या तीज कहते है।_*💫 *_नक्षत्र म्रृगशीर्षा 08:41 AM तक उपरांत आद्रा_*🪐 *_नक्षत्र स्वामी – मृगशिरा नक्षत्र इसका शासक ग्रह मंगल है, जबकि इसके देवता सोम हैं, जो चंद्र देव और अमृत के स्वामी हैं।_*⚜️ *_योग – धृति योग 05:48 PM तक, उसके बाद शूल योग_*⚡ *_प्रथम करण : गर 02:18 PM तक_*✨ *_द्वितीय करण – वणिज 12:39 AM तक, बाद विष्टि_*🔥 *_गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।_*🤖 *_राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:19 बजे से 16:41 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।_*⚜️ *_दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।_*🌞 *_सूर्योदयः – प्रातः 05:27:30_*🌅 *_सूर्यास्तः – सायं 19:07:19_*👸🏻 *_ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः काल 04:05 ए एम से 04:47 ए एम_*🌇 *_प्रातः सन्ध्या : प्रातः काल 04:26 ए एम से 05:28 ए एम_*🌟 *_अभिजित मुहूर्त : सुबह 11:50 ए एम से 12:45 पी एम_*✡️ *_विजय मुहूर्त : दोपहर 02:34 पी एम से 03:29 पी एम_*🐃 *_गोधूलि मुहूर्त : शाम 07:06 पी एम से 07:27 पी एम_*🌃 *_सायाह्न सन्ध्या : शाम 07:07 पी एम से 08:09 पी एम_*💧 *_अमृत काल : संध्या काल 09:14 पी एम से 10:40 पी एम_*🗣️ *_निशिता मुहूर्त : सुबह 11:57 पी एम से 12:38 ए एम, मई 20_*❄️ *_रवि योग : प्रातः काल 08:41 ए एम से 05:28 ए एम, मई 20_*🚓 *_यात्रा शकुन- मंगलवार को दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।_*👉🏼 *_आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।_*💁🏻‍♀️ *_आज का उपाय-देवी मन्दिर में सवाकिलो अनार चढ़ाएं।_*🌴 *_वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*⚛️ *_पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/ रवि योग/ विडाल योग/ विनायक चतुर्थी (अंगारक योग)/ सेंटीग्रेड थर्मामीटर का आविष्कार, उद्योगपति जमशेदजी टाटा स्मृति दिवस, राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी जन्म दिवस, विश्व परिवार चिकित्सक दिवस, भाषा शहीद दिवस, नाना साहब पेशवा जयन्ती, नीलम संजीव रेड्डी जन्म दिवस, नाथूराम गोडसे जन्म दिवस, नवाजुद्दीन सिद्दीकी जन्म दिवस, पार्थ जिंदल की जयन्ती, जदुनाथ सरकार पुण्य तिथि, जानकी रामचन्द्रन स्मृति दिवस, सोम्भू मित्रा पुण्य तिथि, ईके नयनार की पुण्य तिथि,राष्ट्रीय डेविल्स फूड केक दिवस, एड्स जागरूकता दिवस✍🏼 *_तिथि विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।        🌷*_Vastu tips_* 🌸वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है। यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। अगर यहां गंदगी या अव्यवस्था रहती है तो धन का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इसलिए मुख्य द्वार को हमेशा साफ रखें, नियमित रूप से गंगाजल का छिड़काव करें और दरवाजे पर स्वास्तिक या ओम का चिन्ह बनाना शुभ माना जाता है। साथ ही तोरण लगाने से भी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।*_उत्तर दिशा में रखें विशेष ध्यान उत्तर दिशा को धन और समृद्धि की दिशा माना जाता है। इस दिशा को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना जरूरी है। यहां तिजोरी या धन रखने का स्थान रखना शुभ माना जाता है। तिजोरी में लाल कपड़ा रखने और कुबेर यंत्र स्थापित करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और कर्ज से राहत मिलने की संभावना बढ़ती है।    ❇️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️स्वर्ण भस्म की क्या उपयोगिता है स्वर्ण भस्म शरीर को स्वस्थ रखने मे उपयोग होता है। यह शरीर सक्षम और क्षमताओं को बढ़ाता है। इसको उपयोग करने से शरीर की रोध प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ जाती है। आयुर्वेद मे कई पुरानी बीमारी का इलाज करने के लिए उपयोग मे लिया जाता है। इससे योन सम्बन्धित बीमारियों को दूर व योन क्षमता को बढ़ाता है। इससे की बीमारिया ठीक की जाती है जैसे: मानसिक स्वास्थ, मधुमेह, दिमाग मे सूजन, यादस्त बढ़ाना खास तौर पर इसको मानसिक बीमारियों और योन बीमारियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।*_स्वर्ण भस्म कैसे बनती है और इसे बनाने की विधि क्या है?*_इसे बनाने की विधि मे इस्तेमाल होने वाली वस्तुए जैसे: एक शुद्ध सोने का वर्तन, कुछ नींबू और रस सिंदूर।*_सबसे पहले सोने का वर्तन मे नींबू का रस डालिए उसके बाद रस सिंदूर को डालिए फिर सोने के वर्तन को अच्छे से बंद कर दीजिए उसमे बाहर की हवा ना जाने पाए। वर्तन को करीब 500 डिग्री के तापमान पर गरम की जाता है, कुछ देर बाद स्वर्ण भस्म तैयार हो जाती है। कई लोग इसे तैयार करके बाजार और ऑनलाइन बाजार मे बेचते है।        🌿 *आरोग्य संजीवनी* ☘️*हींग के स्वास्थ्य की दृष्टि से फायदे_**_पाचन के लिए सर्वोत्तम औषधि पाचन संबंधी रोगों में हींग का उपयोग के सर्वोत्तम उपाय है। हींग पाचन शक्ति को अच्छा रख कर पेट संबंधी रोगों में आराम देती है*_सेवन विधि :- हींग को अपने प्रतिदिन के खाने में सम्मलित करें। दाल और सब्जी के तड़के में हींग का उपयोग कर सकते है।*_पेट की गैस का अचूक उपाय अगर आप पेट में गैस बनने की समस्या से परेशान है तो आप के लिए हींग का उपयोग रामबाण है क्योंकि आयुर्वेद के अनुसार हींग में वातानुलोमक का गुण होता है जो गैस की विपरीत गति ठीक कर सही दिशा में प्रवृत करता है।*_सेवन विधि :- प्रतिदिन के खाने में हींग को जोड़ ले।*_लीवर को रखे सेहतमंद हींग का सेवन लीवर को सेहतमंद रखने में भी मदद करता है। हींग में हेपटो-प्रोटेक्टिव की क्रियाशीलता पायी जाती है जो की लीवर के कोशिकाओं को स्वस्थ्य रखने में मदद करती है।*_सेवन विधि :- प्रतिदिन के खाने में हींग को सम्मलित करे।       📚 *_गुरु भक्ति योग_* 🕯️   बुध ग्रह के अंदर छिपा है हीरों का महासागर? ग्रह के नीचे 10 मील मोटी हीरों की परत!        *_वैज्ञानिकों का मानना है कि Mercury यानी बुध ग्रह की सतह के नीचे लगभग 10 मील (करीब 16–18 किलोमीटर) मोटी हीरों की परत मौजूद हो सकती है। यह कोई विज्ञान-कथा नहीं बल्कि NASA के MESSENGER मिशन के डेटा और नई लैब रिसर्च पर आधारित वैज्ञानिक परिकल्पना है।         *_वैज्ञानिकों ने पाया कि बुध ग्रह की सतह पर बड़ी मात्रा में graphite यानी कार्बन मौजूद है। इससे संकेत मिला कि अरबों साल पहले बुध पर एक magma ocean रहा होगा,पिघले हुए चट्टानों का विशाल महासागर। जब यह धीरे-धीरे ठंडा हुआ तो हल्का कार्बन ऊपर की ओर गया लेकिन भारी कार्बन अत्यधिक दबाव और तापमान के कारण ग्रह के अंदर गहराई में जाकर हीरे में बदल गया होगा।        *_इस विचार को जांचने के लिए वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में बुध ग्रह जैसी परिस्थितियाँ बनाई लगभग 7 GPa दबाव और 2000°C से अधिक तापमान। इन परिस्थितियों में graphite स्थिर नहीं रहा और diamond में बदलने लगा। रिसर्च के अनुसार यह हीरों की परत बुध के core-mantle boundary पर बना हो सकता है।      *_सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह हीरों की परत बुध के चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि diamond बिजली का अच्छा संवाहक बन सकता है,जिससे बुध का चुंबकीय व्यवहार समझने में मदद मिल सकती है। हालांकि यह अभी पूरी तरह सिद्ध नहीं हुआ है।        *_वैज्ञानिकों ने सीधे हीरे नहीं देखे हैं बल्कि यह निष्कर्ष MESSENGER के डेटा,रासायनिक विश्लेषण और कंप्यूटर मॉडलिंग से निकाला गया है। इसलिए फिलहाल इसे एक मजबूत वैज्ञानिक संभावना माना जा रहा है,अंतिम प्रमाण नहीं।        *_अगर यह सच साबित होता है तो बुध ग्रह हमारे सौरमंडल का सबसे विचित्र ग्रहों में से एक बन जाएगा। एक ऐसी दुनिया जिसके भीतर अरबों-खरबों टन हीरे छिपे हो सकते हैं।◄┉┉┉┉┉┉༺✦ᱪ✦༻┉┉┉┉┉┉►⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।।

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