मध्य प्रदेश

चना-मसूर उपार्जन केंद्र में कार्रवाई, समिति प्रबंधक सहित तीन निलंबित

रसीलपुर और पटेरिया केंद्रों के सर्वेयरों की सेवाएं समाप्त
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देशन में जिले के चना एवं मसूर उपार्जन केंद्रों पर की गई छापामार कार्रवाई के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। 15 मई 2026 को जिला स्तरीय कृषि एवं सहकारिता विभाग की टीम द्वारा उपार्जन केंद्रों की जांच की गई थी, जिसमें कई अनियमितताएं उजागर हुईं।
जांच के दौरान सेवा सहकारी समिति पटेरिया उपार्जन केंद्र में मसूर की नॉन एफ.ए.क्यू. स्तर की खरीदी पाए जाने पर संबंधित सर्वेयर करोड़ी यादव की सेवाएं समाप्त करते हुए उन्हें उपार्जन कार्य से पृथक कर दिया गया।
वहीं सेवा सहकारी समिति रसीलपुर में किसानों से अवैध वसूली का मामला सामने आया। जांच में किसान सौरभ तिवारी निवासी हरद्वानी ने बताया कि चना उपार्जन में 170 रुपये प्रति क्विंटल एवं 35 रुपये तुलाई के नाम पर तथा मसूर उपार्जन में 150 रुपये प्रति क्विंटल एवं 35 रुपये तुलाई के नाम पर अतिरिक्त राशि ली गई। मौके पर किसान को बुलाकर कथन एवं पंचनामा तैयार किया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर कृषि साख सहकारी सेवा समिति मर्यादित रसीलपुर के समिति प्रबंधक प्रदीप दुबे, उपार्जन केंद्र प्रभारी आशुतोष (ज्ञानी) दुबे तथा चौकीदार शोभाराम पटैल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इसके साथ ही समिति के सर्वेयर रोहित पटैल की सेवाएं समाप्त करते हुए उन्हें उपार्जन कार्य से पृथक कर दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद उपार्जन केंद्रों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

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