मध्य प्रदेश

सतर्कता और समय पर उपचार से हाई रिस्क गर्भवती महिला व जुड़वा बच्चों की बची जान

ब्यूरो चीफ: भगवत सिंह लोधी
बनवार (दमोह)। स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और समय पर किए गए उपचार से हाई रिस्क गर्भवती महिला एवं उसके जुड़वा बच्चों की जान बच गई। ग्राम बनवार निवासी लक्ष्मी/रवि प्रजापति आठ माह की गर्भवती थीं और उनके गर्भ में जुड़वा शिशु थे। नियमित जांच के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) उमा ठाकुर ने महिला में गंभीर रक्ताल्पता (खून की कमी) की पहचान की। इसके बाद उन्हें आवश्यक उपचार के तहत आयरन सुक्रोज (Iron Sucrose) दिया गया तथा 25 तारीख को जबेरा में आयोजित हाई रिस्क गर्भवती शिविर में भी भेजा गया।
CHO उमा ठाकुर ने बताया कि महिला की स्थिति को देखते हुए उन्हें समय रहते जिला अस्पताल दमोह रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने जोखिम को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए उन्हें बीएमसी सागर भेज दिया। बीएमसी सागर में महिला को एक यूनिट रक्त चढ़ाया गया, लेकिन इसके बाद महिला बिना चिकित्सकों या स्वास्थ्य विभाग को सूचना दिए अपने घर बनवार लौट आई।
इसकी जानकारी मिलने पर सीएचओ उमा ठाकुर, मंडल अध्यक्ष रोहित जैन तथा बनवार चौकी प्रभारी मनीष यादव ने महिला और उसके परिजनों को समझाइश दी। सभी के संयुक्त प्रयास से तत्काल निजी वाहन की व्यवस्था कर महिला को दोबारा जिला अस्पताल दमोह भेजा गया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। प्रसव के दौरान महिला को तीन यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया। वर्तमान में जच्चा और दोनों नवजात शिशु पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना को हाई रिस्क गर्भावस्था में समय पर जांच, उचित रेफरल और सामूहिक प्रयासों का सफल उदाहरण बताया है।

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