मध्य प्रदेश

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पथवारी में बावड़ी उत्सव का आयोजन

कलश यात्रा, गंगा आरती और जल संरक्षण की शपथ के साथ ग्रामीणों को किया गया जागरूक
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । मध्य प्रदेश शासन के जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिला समन्वयक डॉ. तेजसिंह केशवाल के निर्देशन में ग्राम पंचायत पथवारी के पंच जल कुंड धाम झिरिया में बावड़ी उत्सव का भव्य आयोजन किया गया । यह कार्यक्रम अभियान के तृतीय चरण के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संवर्धन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा ।
कार्यक्रम का आयोजन जन अभियान परिषद बड़वारा की ब्लॉक समन्वयक नंदिनी वाटिया के मार्गदर्शन में नवांकुर संस्था अंचला ग्राम विकास समिति धनवारा एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति पथवारी के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर श्रद्धा एवं उत्साह के साथ कलश यात्रा निकाली गई तथा पंच जल कुंड धाम में गंगा आरती का आयोजन हुआ ।
“जल बचाओ अभियान” के तहत सांस्कृतिक एवं संगीत कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया । कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने जल एवं पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ ली।
इस अवसर पर पूर्व सरपंच फूलगिरी गोस्वामी, सरपंच प्रतिनिधि अमर राज सिंह ठाकुर, नवांकुर संस्था प्रमुख रघुवीर सिंह, उजाला फाउंडेशन महगवां बरछैका से हरभगत सिंह, मानव जीवन विकास समिति बिजोरी के नवांकुर संस्था प्रभारी गुलशन रूहेल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शुभा गोस्वामी, सीएमसीएलडीपी के छात्र सचिन सिंह चौहान, संजय पाटकर, अपेक्षा भूमिया, खुशबू सिंह, प्रियंका सिंह, नवांकुर प्रमुख प्रियंका रजक तथा एमजेवीएस से राम सखा पाल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति पथवारी के अध्यक्ष गणेशपुरी गोस्वामी, सचिव शिवराज केवट, सदस्य संतोष दहिया, कृष्ण कुमार यादव, मंगल सिंह, वार्ड पंच मीराबाई, रजनी गोस्वामी, जानकी गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण एवं छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन जन अभियान परिषद द्वारा किया गया। अंत में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष गणेशपुरी गोस्वामी ने सभी ग्रामीणों से वर्षा जल संचयन को अपनाने तथा बावड़ियों एवं अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

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