दमोह भाजयुमो की कमान किसे? जिलाध्यक्ष पद को लेकर तेज हुई सियासी सरगर्मी

क्या संगठन चुनेगा सक्रिय जमीनी कार्यकर्ता या किसी प्रभावशाली नेता के करीबी को मिलेगी जिम्मेदारी
ब्यूरो चीफ: भगवत सिंह लोधी
दमोह। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के दमोह जिला अध्यक्ष पद को लेकर जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। संगठन की ओर से अब तक नियुक्ति की घोषणा नहीं होने के कारण संभावित दावेदारों के नामों को लेकर कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों में लगातार कयास लगाए जा रहे हैं। विभिन्न दावेदार संगठन और वरिष्ठ नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं, जबकि अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी अपने संगठनात्मक निर्णयों में अंतिम समय तक गोपनीयता बनाए रखने के लिए जानी जाती है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि संगठन किस चेहरे पर भरोसा जताएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार संगठन के सामने यह चुनौती होगी कि वह लंबे समय से सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता को जिम्मेदारी सौंपता है या किसी प्रभावशाली नेता के करीबी चेहरे को अवसर देता है।
प्रारंभिक चर्चाओं में जबेरा विधानसभा क्षेत्र से भी कुछ नाम सामने आए थे। हालांकि हाल ही में किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष पद पर महाराज सिंह की नियुक्ति के बाद वहां से दावेदारी की संभावना अपेक्षाकृत कम मानी जा रही है। इसके बाद दमोह नगर और आसपास के क्षेत्रों के कई युवा नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं।
शहर में यह चर्चा भी है कि इस बार युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष पद पर ब्राह्मण समाज से किसी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि संगठन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक संकेत या पुष्टि नहीं की गई है।
यदि भाजपा की वर्तमान जिला कार्यकारिणी पर नजर डालें तो जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे की टीम में विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इनमें ब्राह्मण समाज से 6, लोधी समाज से 2, सेन समाज से 2, यादव समाज से 2, पटेल समाज से 3, जैन समाज से 2, राजपूत (परिहार) समाज से 1, बजाज समाज से 1 सहित अन्य समाजों के प्रतिनिधियों को भी स्थान मिला है।
अब सभी की निगाहें भाजपा संगठन के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि संगठन सामाजिक समीकरण, संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता को प्राथमिकता देता है या किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी सौंपकर सभी को चौंकाता है। फिलहाल जिलाध्यक्ष पद को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है, जबकि अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा ।



